Pratyusha के नाम एक Open Letter

Pratyusha के नाम एक Open Letter

हेल्लो प्रत्युषा !

याद है मैं कौन हूँ? हम मैहर की पार्टी में मिले थे जहाँ मैहर ने तुमसे मेरी मुलाकात एक 'क्रेजी फ्रेंड' के तौर पर करवाई थी, और तुमने कहा था की ये मेरी पर्सनालिटी को सूट करता है । हम आखिरी बार इत्तेफाक से 8 मार्च को मिले थे वुमन डे के दिन, उस दिन को हम ऑफिशियली बोलते हैं 'वीमेन रॉक एंड रॉक स्ट्रांग'।
उस शाम को मैंने मैहर से पूछा भी था की तुम अपने बॉयफ्रेंड को साथ क्यों लायी हो ? मैंने उस दिन तुम्हारे बॉयफ्रेंड को, उसके साथ तुम्हारी इंटिमेसी को और तुम्हारा उसके साथ डिस्कोम्फोर्ट को इग्नोर किया । मैहर ने बताया की तुम्हारे रिलेशनशिप में कुछ प्रॉब्लम है और मैंने तपाक से कहा की "अगर प्रॉब्लम है तो उसे छोड़ क्यों नही देती।"
तुम्हे उसे छोड़ना था प्रत्युषा दुनिया को नही ।आज मैं पछता रही हूँ की उस शाम मैंने तुम पर और तुम्हारे बॉयफ्रेंड पर ध्यान क्यों नही दिया। मुझे तुमसे और घुलना मिलना चाहिए था जैसे बाकी महिलाएं करती हैं । बाकियों की तरह मुझे भी जानना चाहिए था की तुम्हारे रिलेशनशिप में चल क्या रहा है । बदकिस्मती से मैंने ऐसा नहीं किया !
मैंने देखा की तुम बहुत डिस्टर्ब थी लेकिन ये तो बहुत लंबे समय से चल रहा होगा न । हमने  तो तुम्हारे बॉयफ्रेंड से अच्छे से हाय हेल्लो भी नही किया । उस शाम हम सबने तय किया की तुम्हे अकेला छोड़ दें लेकिन तुम हमेशा के लिए हमे ही छोड़ जाओगी ये हमने नही सोचा था ।
मुझे ये देख कर दुःख हो रहा है की तुमने सबसे आसान रास्ता चुन लिया अपने रिश्ते या किसी भी समस्या से बाहर निकलने का । तुम्हे और मजबूत होना चाहिए था और जीना चाहिए था। और सिर्फ जीना ही नहीं, मजबूती से जीना चाहिए था । हम सब तुम्हारे साथ होते ।तुम्हे बस हम तक पहुंचना था।
2 दिन से एक बात मुझे खाये जा रही है । तुम्हारे रिलेशनशिप में ऐसा कौन का लेवल आ गया था की तुम्हे खुद को मारना पड़ा ? क्या ये अंधा प्यार था जो दूसरों को साबित करना होता है ? क्या ये और न जीने का बोझ था ? क्या ये अकेलेपन और डिप्रेशन की चरम सीमा थी जिसने तुम्हे मौत में कम्फर्ट दिखाया ?
प्रत्युषा और उसके जैसे न जाने कितने लोगों ने लाइफ के गिफ्ट को ही ठुकरा दिया । आपकी समस्या, आपकी सोच से, आपकी मान्यता से बड़ी नहीं होती है ।
आपका विश्वास आपके साथ होता है । आपकी सहमति के बिना कोई भी आपको इन्फीरियर फील नहीं करवा सकता है । नेवर एवर गिव अप ऑन यू। अगर खुद को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए कुछ करना हो तो हम जैसे लोगों के पास आ जाया करो ताकि तुम्हे भी पता चले की तुम भी सुपरवुमन हो !

चियर्स
नाज़

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