OMG...गुजरात में 7 दांत के साथ बच्चे ने लिया जन्म

lead image

ब्रेस्टफीडिंग में शिकायत के बाद डॉक्टर्स ने पाया कि बच्चे का जन्म 7 दांत के साथ हुआ है।

ये अपने आप में रेयर केस है, गुजरात में डॉक्टर ने पाया कि एक महीने के बच्चे के मुंह में 7 दांत हैं। डॉक्टर्स ने तुरंत ही बच्चे के दांत निकाल दिया ताकि बच्चे को कोई स्वास्थ्य से संबंधित समस्या ना हो।

डॉ मीत रामात्री ने डेंटल सर्जरी किया जो दो स्टेज में बंटी थी। सबसे पहले चार दांत को निकाले गए और दूसरी बार में बाकी तीन दांत निकाले गए।

बीबीसी हिंदी से बातचीत में डॉक्टर ने कहा कि उन्हें मजबूरी में दांत निकालने पड़े क्योंकि वो मजबूत नहीं थे और कभी भी टूटकर बेबी के गले में अटक सकते थे।

डॉक्टर्स के लिए काफी विकट स्थिति थी और वो बस प्रार्थना कर रहे थे कि सर्जरी से पहले बेबी का दांत ना टूट जाए।

डॉक्टरों ने पाया कि बेबी को दांत आना शुरू हो चुका था..
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/09/Screen Shot 2017 09 11 at 12.19.13 pm.png OMG...गुजरात में 7 दांत के साथ बच्चे ने लिया जन्म

डॉक्टरों ने पाया कि बेबी को साधारण समय से काफी पहले दांत आना शुरू हो गया था। बच्चे के माता पिता को जब लगा कि उसे स्तनपान करने में समस्या हो रही है तब वो डॉक्टर के पास आए।  

पेडिट्रिशिय ने बेबी को डेंटिस्ट के पास रेफर किया। डॉ रामात्री के अनुसार एक महीने से कम समय के बेबी को दांत आना काफी आश्चर्यजनक है क्योंकि बच्चे को सात दांत थे और सभी दिखाई दे रहे थे। डॉक्टर्स के अनुसार ये काफी रेयर केस है क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि नवजात बच्चे के मसूड़ों में हल्का-हल्का दांत दिखता है।

इस तरह के केस में दांत बढ़ते नहीं है जबकि इस बेबी के दांत पूरी तरह बढ़ चुके थे।अब सर्जरी के बाद बेबी बिल्कुल अच्छा है और बिना किसी परेशानी के स्तनपान भी कर रहा है।

जब बेबी को पहली बार दांत आता है

ज्यादातर बच्चों को पहली बार दांत 6 महीने में या तीन से 12 महीने के बीच दांत आता है और ये बिल्कुल नॉर्मल है। यहां हम आपको कुछ ध्यान देने योग्य बातें बता रहे हैं।

  • तीन साल की उम्र तक बच्चों को 20 दांत होते हैं। इसे प्राइमरी दांत कहते हैं जिसमें काटने के दांत, चबाने के दांत, भेदन दांत शामिल होते हैं।
  • जब बच्चों के दांत निकलते हैं तो वो काफी परेशान हो जाते हैं क्योंकि दांत निकलने के साथ काफी दर्द भी होता है। वो अपना दर्द बताने में असमर्थ होते हैं और अपनी उंगलियों को चबाकर मसूड़ों के दर्द को कम करने की कोशिश करते हैं।
  • बच्चों के दर्द को कम करने के लिए पैरेंट्स बिल्कुल ठंढा टीथिंग रिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि इससे उनका दर्द सुन्न हो जाता है।
  • जब बच्चों का पहला दांत आता है तब से पैरेंट्स को उनकी मुंह की सफाई का पूरा ख्याल रखना चाहिए। पैरेंट्स को बिल्कुल पतला सूती का कपड़ा या वाइप से दांत की सफाई करनी चाहिए ताकि दांत में दूध जमा ना रहे।
  • तीन साल से कम उम्र के बच्चों की हर रोज ब्रश से अपनी दांत साफ करनी चाहिए। डेंटल एसोसिएशन बच्चों को लिए फ्लोराइट युक्त टूथपेस्ट इस्तेमाल करने की सलाह देता है जो चावल के दाने जितना लेना चाहिए जबकि थोड़े बड़े बच्चों में इसे  मटर के दाने जितना लिया जा सकता है।
  • अगर आप बच्चों को डॉक्टर के पास नहीं लेकर गए हैं तो ले जाने में देरी ना करें। बच्चों की दांत की सफाई को बनाए रखने में कुछ गलत नहीं है और साथ ही साथ आप सुनिश्चित कर लेंगे कि बेबी के दांत हेल्दी है। अगर बच्चे की दांत में कोई समस्या नहीं हो तो भी डेंटिस्ट के यहां जाते रहें।