सभी बाधाओं के बावजूद: मिलिए नीतू सरकार से एक बालिका वधू जो कुश्ती चैंपियन बनीं ।

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ये एक ऐसी कहानी है जो आपके चेहरे पर स्माइल ला सकती है और इंसानियत में आपका भरोसा बनाये रख सकती है । नीतू सरकार की शादी 13 साल की उम्र में उनके उम्र से तीन गुना उनर के व्यक्ति से करा दी गयी ।इसके अलावा उनके ससुर ने इस हालात को और खराब बना दिया था।

नीतू ने शादी से बाहर निकलने का फैसला किया । लेकिन उनके हालात यहीं नहीं सुधरे 14 साल की उम्र में वो 2 जुड़वा बच्चों की माँ बन गयी। लेकिन नीतू ने हार नहीं मानी और इस हालात से लड़ने का फैसला किया । "पुराने सूट को उधेड़कर उसे दोबारा बुनकर मैंने सिलाई सीखी। मैं ट्रेनिंग afford नहीं कर सकती थी, मेरे पास पैसे नहीं थे" लेकिन उनके अंदर एक पैशन था जो अभी छुपा हुआ था । जब उन्होंने दिल्ली में टीवी पर अंतर्राष्ट्रीय गेम्स आदि देखा तब उनके मन में wrestling के लिए inspiration आया। लेकिन बच्चों की माँ होने के वजह से उन्हें औने इस सपने को दबाये रखना पड़ा।
और बस लाइफ बदल गयी ........
src=http://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2016/05/neetu 3.jpg सभी बाधाओं के बावजूद: मिलिए नीतू सरकार से एक बालिका वधू जो कुश्ती चैंपियन बनीं ।
जब वो अपने योगा कोच से मिलीं तब उनकी लाइफ बदली । उनके योगा कोच ने wrestling कोच ज़िले सिंह का नंबर दिया ।  ये सिंह ही थे जिन्होंने नीतू को उसके कठिन ज़िन्दगी के बावजूद wrestling करने के लिए प्रेरित किया और सिखाया भी। वो हमेशा नीतू को मैरी कॉम का उदाहरण दिया करते ।और फिर 19 साल की उम्र में नीतू सीनियर केटेगरी ।इ नेशनल मेडलिस्ट बन गयीं । पिछले ही साल 21 साल की नीतू ने ब्राज़ील के जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और केरल में आयोजित नेशनल गेम्स में सिल्वर मैडल हासिल किया ।
फिर भी ये इस युवा माँ के लिए आसान नहीं था। उन्हें एक स्ट्रिक्ट ट्रेनिंग से होकर गुजरना था । वो रोज सुबह 3 बजे उठ जाती आउट अपने गाँव बड़वा से रोहतक जाती जो wrestling के लिए जाना जाता है । ट्रेनिंग के बाद वो घर अगिन और भी घर के काम में लग जाती इसके अलावा वो अपने बच्चों के होमवर्क में भी मदद करती थीं ।

एक नयी ज़िन्दगी की शुरुवात

नीतू बताती हैं की आज वो जहाँ हैं वो सिर्फ अपने पिता और अपने दुसरे पति के वजह से हैं । "उन्होंने मुझे एक नयी ज़िन्दगी दी है। उन्होंने ही मुझे नरक से खींचकर जन्नत माँ रास्ता दिखाया , मैं अगर आज wrestling कर पाती हूँ तो सिर्फ उनके वजह से। मैं ज्यादातर दूर रहती हूँ इसीलिए हमारा रिश्ता बहुत ज्यादा सामान्य पति पत्नी की तरह नहीं है । उन्होंने मेरे लिए बहुत बड़ा sacrifice किया है।"

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हालाँकि जब नीतू ने अपने wrestling के शौक के बारे में बताया तो उनके दुसरे पति संजय को शुरू में लगा की वो crazy हो गयी है । लेकिन जब उन्होंने इसके लिए नीतू का पैशन देखा तो वो खुद नीतू को सपोर्ट करने लगे और अभी वो हाउस हस्बैंड के रोल में वो बहुत खुश हैं । नीतू अब इस साल के सुशिल4स्पोर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए ट्रेनिंग ले रही हैं । इस फाउंडेशन की शुरुवात रेसलर शुशील कुमार ने की थी जिन्हें नीतू अपना आदर्श मानती हैं ।

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