मेरीगोल्ड गर्भ के दौरान आपके गर्भाशय के लिए बेहतरीन detox व्यंजन है

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आपने फर्टिलिटी क्लीनिंग के बारे में तो सुना ही होगा जो की गर्भवस्था से पहले गर्भाशय को डेटोक्स करने के लिए किया जाता है . लेकिन क्या आपको पता है की ये लीवर और कोलन को भी साफ़ करता है ? ये आपको अजीब लग सकता है लेकिन ये तरीका सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है . इजिप्ट, जापान अमेरिका आदि जगहों में इसका इस्तेमाल होता रहा है .शरीर को  टॉक्सिक रहित बनाने से एक गर्भवती महिला को कई तरह के फाएदे होते हैं .

गर्भ से पहले ये डेटोक्स क्या होता है ?

फर्टिलिटी की सफाई या एक ऐसा तरीका जिससे शरीर के सभी विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकाला जाता है ताकि शरीर गर्भ धारण करने के लिए तैयार हो जाए. इस तरीके से लीवर , कोलन, और गर्भाशय की सफाई कुछ इस तरह की जाती है :

  • इससे लीवर से फ़ालतू के होर्मोन और विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं .
  • इससे कोलन से भी फ़ालतू के होर्मोन और विषैले पदार्थों को निकाला जाता है
  • इससे गर्भाशय के फ़ालतू के जमा खून आदि भी बाहर निकल जाते हैं जिससे गर्भाशय में खून का प्रवाह सामान्य हो जाता है .

गर्भ से पहले डेटोक्स कराने की महत्ता

स्वस्थ भोजन और रोजाना के व्यायाम से  शरीर को गर्भावस्था के लिए तैयार किया जा सकता है . याद रखिए की समय के साथ आपके शरीर में कई तरह के विषैले पदार्थ निन्लिखित कारणों से इकठ्ठा हो जाते हैं :

  • हवा , पानी और मिट्टी के कारण
  • प्राकृतिक या पैक्ड भोजन के कारण
  • कपड़े
  • कॉस्मेटिक आदि के कारण
  • सिगरेट
  • शराब
  • ज्यादा होर्मोन के कारण
  • पेस्टिसाइड के कारण

src=http://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2016/03/dreamstime s 55548567.jpg मेरीगोल्ड गर्भ के दौरान आपके गर्भाशय के लिए बेहतरीन detox व्यंजन  है

 गर्भ से पहले लीवर को विषमुक्त करना

हमारा लीवर कई सालों तक भोजन को साफ़ करता है और इसमें कई तरह से हानिकारक पदार्थ इकठ्ठा हो जाते हैं . उदाहरण के लिए अगर लीवर में एस्ट्रोजन की मात्रा अधिक हो जाए तो लीवर इसे बहार निकाल देता है . हालांकि कई बार लीवर को सहारे की जरूरत होती है ऐसे विषैले पदार्थों को बाहर निकालने के लिए . ये वो कुछ खाने के सामान हैं जो इस कम को कर सकते हैं :

  • लहसुन : इसमें एक एंजाइम होता है जो विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है . इसमें अलिसिलिन और सेलेनियम जैसे प्राकृतिक तत्व भी मौजूद होते हैं जो सफाई में मदद करते हैं .
  • अदरक :  अगर आपको अपना लीवर साफ़ करना है तो इससे बेहतर चीज़ आपको नहीं मिल सकती .इससे शरीर की सफाई भी होती है शरीर को ऊर्जा भी इसी से मिलती है
  • हरे पत्तों वाली सब्जियां :शरीर से विषैले पदार्थों को जहाँ तक बाहर निकालने की बात है ये आपके सबसे अच्छे दोस्त माने जा सकते हैं  . ये खून और लीवर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है .
  • निम्बू: रसीले फल विटामिन सी से भरे होते हैं जो विषैले तत्वों को तरल पदार्थ में बदल देते हैं . सुबह सुबह निम्बू पानी पिने से लीवर की सफाई में मदद मिलती है .
  • ग्रीन टी : इसमें कातेचिन की भरमार होती है जो एक पौधे का एंटीऑक्सीडेंट है और ये लीवर के काम करने में मदद करता है . इससे शरीर के पाचन तंत्र मको भी फाएदा होता है .
  • गाजर और बीट : दोनों में ही बीटा कैरटिन की मात्रा अच्छी होती है और ये लीवर के काम को और बेहतर बनाता है .
  • अंगूर : इसमें विटामिन सी की मात्रा बहुत अधिक होती है . इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो लीवर को साफ़ करने में मदद करते हैं . रोज सुबह इसका सेवन करने से लीवर की सफाई बड़ी आसानी से होती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है .
  • अवोकाडोस : इस फल को सुपर फ़ूड भी कहा जाता है जिससे glutathione का निर्माण होता है जो लीवर से विषैले तत्वों को आसानी से बाहर निकालता है .
  • सेब : सेब को गर्भ से पहले शरीर की सफाई के लिए बेहतरीन फल माना जा सकता है जिसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन और प्रोटीन होते हैं
  • सब्जियां: ब्रोक्कोली और फूलगोभी दो ऐसे सब्जियां हैं जो शरीर में ग्लुकोसिनोलेट का निर्माण करते हैं .
  • अखरोट : अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे ये शरीर से अमोनिया आदि को बाहर निकलने में मदद करता है .

कोलन को गर्भ से पहले विष रहित करना

कोलन यानी पेट का का मुख्य काम होता है भोजन में से तरल पदार्थ को सोख लेना और बाकी फालतू चीजों को शरीर से बाहर निकाल देना . इससे कब्ज में परेशानी नहीं होती है तथा शरीर को ऊर्जा भी मिलती है .कोलोन की सफाई से यानी पेट के साफ़ रहने से त्वचा भी साफ़ रहती है . निम्नलिखित का सेवन करने से आप अपने पेट को साफ़ कर सकते हैं :

  • पालक : ये खून और पेट से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है. इसमें विटामिन , लोहे आदि की पर्याप्त मात्रा होती है जिससे ये किसी भी प्रकार के संक्रमण से भी आपका बचाव करता है .
  • निम्बू: रसीले फल विटामिन सी से भरे होते हैं जो विषैले तत्वों को तरल पदार्थ में बदल देते हैं . सुबह सुबह निम्बू पानी पिने से पेट  की सफाई में मदद मिलती है इससे आपके बालों में भी चमक आती है
  • लहसुन : इसमें अलिसिलिन और सेलेनियम जैसे प्राकृतिक तत्व भी मौजूद होते हैं जो सफाई में मदद करते हैं . इससे उच्च रक्तचाप में भी मदद मिलती है साथ ही में इससे हड्डियाँ भी मजबूत होती है .
  • फल के जूस : इसमें फाइबर और एंजाइम होते हैं . इसके साथ इनमें सफाई के लिए नमक भी मौजूद होता है . और यही कारण है की फल के जूस बहुत अच्छे से शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर करते है .
  • ब्रोक्कोली: इसमें भी प्रचुर मात्रा में फाइबर होते हैं जो पेट की पाचन क्रिया को सही बनाए रखते हैं . ये एक सुपरस्टार सब्जी है जो कैंसर के खतरे को भी कम करता है .
  • मछली : मछली में प्रोटीन और ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है . इसके साथ ही इसमें विटामिन डी भी प्रचुत मात्रा में उपलब्ध होता है जिससे पेट की सफाई में मदद मिलती है .
  • अनाज : गेंहूँ , चावल आदि जैसे अनाज में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिससे पाचन शक्ति को बढाने में मदद मिलती है साथ ही पेट की सफाई भी हो जाती है .
  • ग्रीन टी : इसमें कातेचिन की भरमार होती है जो एक पौधे का एंटीऑक्सीडेंट है और ये लीवर के काम करने में मदद करता है . इससे शरीर के पाचन तंत्र को भी फाएदा होता है . इसका एक और सबसे बड़ा फाएदा ये है की इससे आपको वजन कम करने में आसानी होती है .

src=http://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2016/03/dreamstime s 43218741.jpg मेरीगोल्ड गर्भ के दौरान आपके गर्भाशय के लिए बेहतरीन detox व्यंजन  है

गर्भ से पहले गर्भाशय का विषमुक्त होना

गर्भाशय का स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है. ऋतुचक्र और पीरियड के कारन इसकी सफाई और भी ज्यादा जरुरी हो जाती है .भ्रूण के सही विकास के लिए ये अन्यंत आवश्यक भी है . खून की सफाई के अलावा ये कुछ कारण हैं जिस वजह से गर्भाशय की सफाई जरुरी है:

  • हॉर्मोन में असंतुलन
  • रक्त प्रवाह का कम हो जाना
  • गर्भाशय का अपनी जगह से हिल जाना
  • सुरक्षित और स्वस्थ भोजन न लेना
  • व्यायाम न करना

इनसे बचने के लिए और गर्भाशय की सफाई के लिए आप निम्नलिखित खाद्द पदार्थों का इस्तेमाल कर सकते हैं :

  • अदरक : इस औषधि को जलन कम करने और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढाने के लिए जाना जाता है . इससे गर्भाशय में ऑक्सीजन की मात्रा बढती है . और लगभग पुरे शरीर के विषैले पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने में अदरक अहम् भूमिका निभाता है .
  • मेरीगोल्ड : ये फूल एक युटेरिन औषधि है . मेरीगोल्ड की चाय पीने से पीरियड के दौरान खून के संचालन में नियमितता आती है .
  • रास्पबेरी : लाल रंग के रास्पबेरी को युटेरिन के लिए टॉनिक माना जाता है .इससे मांश्पेशियाँ भी मजबूत होती हैं और फेलुरिक एसिड के कारण मेन्स्त्रुअल फ्लो में भी मदद मिलती है

याद रखें की एक बार अगर गर्भाशय में खून का प्रवाह सही हो तो ये सबसे बेहतरीन तरीके से काम करता है . इससे फर्टिलिटी में भी इजाफा होता है और युटेरिन में रक्त प्रवाह भी सही होता है .इसके अलावा कई तरह के योगा के आसन भी ट्राय कर सकते हैं .

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