बच्चों का याददाश्त बढ़ाने के सहज, सरल और असरदार उपाय

बच्चों का याददाश्त बढ़ाने के सहज, सरल और असरदार उपाय

क्या आप अपने बच्चे में एक तेज स्मृति शक्ति का निर्माण करना चाहते हैं ? आपने हाल ही में एक आश्चर्यचकित कर देने वाले बच्चे कौटिल्य पंडित को देखा और सुना होगा। इस कमाल के बच्चे ने सिर्फ 6 साल की उम्र में अपनी यादाश्त की अनूठी शक्ति से बड़े बड़े वैज्ञानिकों और शिक्षा जगत के सूरमाओं को हैरान कर दिया है ।

कौटिल्य पंडित में उससे कही गयी हर बात को याद कर लेने की अद्भुत क्षमता है। इतनी सी उम्र में ही कौटिल्य बेबाकी से विश्व की अर्थव्यवस्था, डॉलर के उतार-चढ़ाव , अंतरराष्ट्रीय मुद्दों जैसे कई विषयों पर बोल लेता है । कई शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथ्यों की जांच और शोध करके ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं की आखिर कौटिल्य किसी भी बात को याद रखने के लिए कौन से क्रम या पैटर्न का इस्तेमाल करता है ।

क्या आप कौटिल्य पंडित की अद्भुत यादाश्त की शक्तियों के पीछे का कारण जानना चाहेंगे ? उससे भी बेहतर, क्या आप अपने बच्चे में इस तरह की कमाल की शक्तियां विकसित करना चाहेंगे ताकि वो आने वाले समय में अगली पीढ़ी का एक नामी गिरामी चेहरा बन सके ?

ठीक है फिर पढ़िए इस लक्ष्य को पाने के लिए कुछ संक्षिप्त लेकिम मजबूत चरणों के बारे में :

बचपन की यादाश्त बहुत कम समय के लिए होती है

अधिकांश बच्चों में 3 साल की उम्र से पहले बहुत ही सिमित स्मृति शक्ति होती है . लेकिन अच्छी बात ये है की यह 3 साल से पहले का चरण बहुत ही छोटा होता है। यादाश्त उम्र के साथ बढ़ती है और थोड़े सा ध्यान भर देने से आप वास्तव में अपने बच्चे की स्मृति शक्तियों को सुदृढ़ करके उसे अद्भुत स्तर तक पहुंचा सकते हैं ।

अपने बच्चे की स्मृति को बढ़ावा देने के तरीके

कई तरीके हैं जिससे आप अपने बच्चे की मानसिक शक्ति को बढ़ा सकते हैं । इसकी शुरुवात करने के लिए कोई ख़ास उम्र की कोई जरूरत नहीं होती । कुछ लोग तो अपने होने वाले बच्चे में यादाश्त की शक्ति को बढ़ावा देने के लिए विशेष खाद्य पधार्थों का सेवन तक करते हैं। हालांकि हमारी सलाह यही होगी की आप बेवजह स्मृति शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से बच्चे को तनाव में न रखें ना ही इस बात को अपने अस्तित्व का केंद्र बना दें । चलिए इस रास्ते पर चलने के कुछ आसान तरीकों पर नजर डालते हैं।

बचपन में खेले जाने वाले खेल

किसे अंदाज़ा होगा की बचपन में जासूसी के बचकाने खेल दरअसल यादाश्त बढाने के लिए बहुत कारगर साबित होते थे ? बच्चों के लिए,बहुरंगी वस्तुओं के साथ खेलने और उसे छुपाने का प्रयास करें और बाद में बच्चे से पूछें की क्या है जो गायब है ? बड़े बच्चों के लिए ,उन्हें अपने आसपास मौजूद संख्याओं को (उदाहरण के लिए नंबर प्लेट पर लिखी संख्याएं , मील के पत्थर पर लिखे नंबर  आदि ) जोड़ने, घटाने , गुणा या विभाजित करने के लिए कहें । शतरंज आदि के खेल, पहेलियाँ, गिनती के खेल आदि बच्चों के मष्तिष्क की शक्ति को प्रभावी ढंग से बढाने के शानदार तरिके हैं .

सक्रिय खेल की आदत विकसित करें

ये सुनिश्चित करें की आप आपने बच्चे को खेलने-कूदने, पेड़ पे चढ़ने उतरने, या इसी तरह के शारीरिक गतिविधिओं के लिए पर्याप्त समय देते हैं। शारीरिक गतिविधिओं की नियमित खुराक वास्तव में और अधिक जानने और यादाश्त को बढ़ावा देने के लिए मस्तिष्क पर जोर डालते हैं ।

सवाल पूछना

दिन भर की गतिविधिओं के बारे में अपने बच्चे से कुछ न कुछ पूछते रहे । स्कूल में क्या हुआ, उसने क्या खाया , उसने वहां क्या लिखा कौन से खेल खेले आदि सवाल पूछे जा सकते हैं । मैं अपने बेटे के साथ ऐसा किया और कुछ महीने के भीतर मैंने देखा की वो मुझे वो सभी बातें बताने लगा है जिसके बारे में वो पहले कभी बात ही नहीं करता था जैसे “ आज रीटा मैडम ने स्मार्ट बोर्ड पर हमारे लिए वर्णमाला के गीत चलाये " ।
मेरा बेटा अब स्कूल में क्या होता है क्या नहीं, याद रखता है, इतना ही नहीं वो मुझे रोज आकर जरुर बताता है क्योंकि उसे पता है की मै जानना चाहता हूँ । स्कूल में वो किसके साथ खेला, कक्षा में कौन रोया , उसने क्या लिखा और किसने खाना खाते समय दूध गिरा दिया । तो सवाल बच्चों में चीजों को याद रखने और उनका निरक्षण करने की प्रेरणा देते हैं .

बच्चे में यादाश्त बढाने के कुछ और तरीके

पढना और गाना

संगीत यादाश्त बढाने का एक शक्तिशाली साधन हो सकता है । कभी आपने सोचा है की बच्चे नर्सरी के धुनों को कैसे याद रख लेते हैं जबकि वो साधारण से साधारण बातों को याद नहीं रख पाते  ( जैसे शौचालय जाने के बाद हाथ धोना आदि ) ? संगीत किसी भी चीज को अवधारण कर लेने या मन में ग्रहण कर लेने की शक्ति को बढ़ा देता है जिससे यादाश्त बढाने में कमाल की मदद मिलती है ।

यही बात कहानियों पर भी लागू होती है । अपने बच्चे को कहानी पढ़ के सुनाएं । अगली बार उससे उसी कहानी को सुनाने के लिए कहें । कहानी की एक लाइन बोलेन और फिर उससे अगली लाइन के बारे में पूछें । सिंडरेल्ला बॉलरूम से बाहर दौड़ कर गयी और फिर क्या हुआ ? कभी-कभी आप ये देख के हैरान और आश्चर्यचकित हो जाएंगे की आपका बच्चा कैसे अपनी कल्पनाओं का इस्तेमाल करके कहानियों को एक बिलकुल नया मोड़ दे देगा।

उनसे मदद मांगे

अपने रोजाना के काम में अपने बच्चे को भी शामिल करें । मै अक्सर अपने बच्चे से पूछता हूँ की ये जो डिश बना रहा हूँ इसमें अब क्या डालना है ? अगर उसकी पसंददिता मक्के की सलाद बना रहा हूँ तो मै उससे पूछता हूँ की इसमें अब क्या डालूं ? जब हम किसी किराने की दूकान पर होते हैं या जब पार्किंग में होते हैं तब मै उसे मुद्राएं दे देता हूँ , वो उन्हें गिन कर पार्किंग वाले को दे देता है और बिल लेकर मुझे दे देता है । इसके बदले उसे ढेर सारी शाबाशी और ढेर सारे किस मिलते हैं । इस तारीफ़ से वो कैसे सातवें आसमान पर पहुँच जाता है वो आपको जरुर देखना चाहिए .।

सोने के समय से कोई समझौता न करें

यह सुनिश्चित करें की आपका बच्चा बिलकुल सही वक़्त पर सोये । बच्चों  को रोजाना करीब 11 से 13 घंटे की नींद मिलना अतिअवाश्यक है । सोना शरीर के रिचार्ज होने के लिए, कम महत्वपूर्ण बातों को दिमाग से निकालने के लिए और जरुरी बातों को दिमाग में टिकाये रखने के लिए बहुत ही जरुरी है ।

शक्तिवर्धक भोजन

दिमाग के सही और सटीक विकास के लिए बच्चों को पोषक भोजन का देना बहुत जरुरी है । ऐसे भोजन जिनमे  ओमेगा 3 (समुद्री मछली , नट्स, बीज आदि), विटामिन बी, विटामिन बी12 और फोलेट की मात्रा पर्याप्त हो, यादाश्त को बढाने का काम करते हैं । फोलेट के कुछ श्रोत हैं जैसे , संतरे का जूस , ब्रोकली ,पालक , बीन्स आदि।  विटामिन बी डेरी उत्पादों, अनाज और सब्जिओं में पाए जाते हैं ।
इन सबके अलावा ये सुनिश्चित करें की आपका बच्चा रोज कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीता हो, स्वच्छ हवा में सांस लेता हो । ऑक्सीजन खून के जरिये दिमागी प्रतिक्रियाओं को प्रभावित करता है और दिमागी कोशिकाओं के बनने में मदद करता है ।

अंत में कहना चाहूँगा की अपने बच्चे की क्षमताओं पर विश्वास रखें । याद रखें की हर बच्चा दुसरे से अलग होता है इसीलिए उसकी तुलना दुसरे से करना बेकार है । कौटिल्य पंडित भले ही प्रतिभावान है लेकिन आपका बच्चा भी किसी से कम नहीं है । अपने बच्चे के गुण को समझें और उसे अच्छे से अच्छा बनाने और सुधारने में लगे रहे, आप देखेंगे की एक नया विश्वास उसके मन में जागेगा जो उसके व्यक्तित्व को न सिर्फ बदल के रख देगा वल्कि वो खुद में विश्वास करना सीखेगा जिससे वो किसी भी असंभव काम को संभव कर सकता है ।

Any views or opinions expressed in this article are personal and belong solely to the author; and do not represent those of theAsianparent or its clients.