Just in: इंद्रा नूयी का working women के लिए सन्देश

Just in: इंद्रा नूयी का working women के लिए सन्देश

पेप्सिको की सीईओ इंद्रा नूयी को हाल में ही women of the world summit में आमंत्रित किया गया जहाँ उन्होंने दुनियाभर की working women के लिए एक जरुरी सन्देश दिया ।महिलाओं को एक दुसरे की मदद करने और सलाह देने की जो approach है उसे बदलना होगा ।

न्यू अमेरिका फाउंडेशन की अध्यक्ष और सीईओ Anne-Marie Slaughter और शो की को-होस्ट Norah O-Donnell से बात करते हुए नूयी ने कई मुद्दों पर बातचीत की । उन्होंने कई ऐसे मॉडर्न मुद्दों पर बात की जिसका असर महिलाओं पर होता है जैसे, explored trends, approaches और policies, जो उन्हें काम के साथ साथ घर की जिम्मेदारियां निभाने में भी मदद करती हैं ।
"चलिए जानते हैं की एक दुसरे की मदद कैसे की जा सकती है"
इससे पहले एक मौके पर नूयी ने बताया था की उन्हीने औने काम पर इतना वक़्त बिताया की उनकी बेटी को डेस्क के निचे सो जाना पड़ता था । पढ़िए उन्होंने क्या कहा :
मैं आपको एक उदाहरण देती हूँ । ये पेप्सी में काम करते हुए मेरी ही कहानी है । कई बार हम प्रेजेंटेशन में होते हैं और साम कोई प्रेजेंटेशन दे रहा है जो ज्यादा अच्छा नहीं है तो हम एक ब्रेक लेते हैं । वो men's room में चले जाते हैं "हे बिल वो तुम्हारी प्रेजेंटेशन बहुत अजीब है, ज्यादा gesture मत बनाओ" बस इतनी बात हुई वो वापस आये और बिल ने अच्छे से प्रेजेंटेशन दे दिया ।

लेकिन यही चीज महिलाओं के बारे में देखें तो बहुत बेकार किस्म की होती है । वो women रूम में जाएंगी " मैरी तुम जानती हो तुम्हारी प्रेजेंटेशन अच्छी नहीं है । तुम कर क्या रही हो? " "गॉड she is so bitchy"। मैं आपको एक फीडबैक देने की कोशिश कर रही हूँ । कोई सलाह अगर कोई पुरुष दे तो वो सही होती है लेकिन वही कोई महिला दे तो हम उसे हम सीरियसली नहीं लेते हैं । या इससे भी बदतर बात ये है की हम अच्छी सलाह देते ही नहीं हैं ।

क्योंकि हम अच्छा करते हैं और सामने कोई गलत कर रही है तो हम उसे ठीक करने के बजाये सोचते है अच्छा हुआ, इससे हो नहीं रहा तो मैं उसकी जगह ले सकती हूँ । इसीलिए मुझे लगता है की हने एक दुसरे को देखने का नजरिया और एक दुसरे की मदद करने का नज़रिया बदलना होगा। हमें एक दुसरे से सलाह लेनी होगी, सपोर्ट लेना होगा , एक दुसरे को समझना होगा । एक बात जो मुझे हमेशा खटकती रही वो ये की मेरी ज़िन्दगी में नेरे सभी मेंटर पुरुष ही रहे । लेकिन फिर मैं शांत दिमाग सोचूं तो लगता है की हो सकता है की मैं इस काम में अलग समय पर आई हूँ । चलिए जानते हैं की हम एक दुसरे की मदद कैसे कर सकते हैं ?
 
Workplace पर महिलाओं के साथ भेदभाव पर भी उन्होंने बात की । हम इस रेवोलुशन में सालों से हैं । पहले इस बॉय क्लब में आना ही काफी था उसके बाद हम धीरे धीरे workplace तक पहुंचे, फिर वेतन में बराबरी की बात हुई जो अभी हो नहीं पायी है। सबके साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए।  मुझे अच्छा नहीं लगता कोई अगर मुझे 'हनी', ' बेब' , या 'स्वीटी' कहके बुलाये।  ये सब बदलना चाहिए । "निचे झुककर लोगों को उपर खींचने का काम भी हमने किया है"
Babies के लिए पेप्सिको में daycare
खबर आई थी की नूयी की कंपनी बीमार बच्चों के लिए एक daycare centre बनाने पर काम कर रही थी। उन्होंने आगे कहा की जो कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए daycare देते हैं उनके लिए टैक्स में छूट होनी चाहिए "मुझे लगता है की वाशिंगटन पर हमें एक जबरदस्त दबाव बनाना होगा "
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