Health Talk - बेबी को पेट के बल लिटाना क्यों है जरुरी..जानें खास बातें

Health Talk - बेबी को पेट के बल लिटाना क्यों है जरुरी..जानें खास बातें

इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे कुछ ट्रिक्स का इस्तेमाल करके आप बच्चों को टमी टाइम से नफरत करने से बचा सकते हैं। ये लेख खासकर प्रेग्नेंट महिलाओं और नए पैरेंट्स के लिए काफी लाभदायक है।

अगर आप अपने नवजात शिशु को घर लाने को तैयार हैं या जन्म के बाद बेबी को घर ला चुके हैं तो डॉक्टर ने आपको जरुर बताया होगा कि क्यों बच्चे को पीठ के बल सुलाना चाहिए।

बेबी के लिए ये बहुत जरुरी है कि जब वो जागे हों तो उन्हें पेट के बल लेटाएं। द चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल ऑफ फिलाडेल्फिया केयर नेटवर्क के Dr Wendy Wallace  के अनुसार इसी प्रक्रिया को टमी टाइम कहा जाता है।

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क्यों जरुरी है टमी टाइम?

रिहेबिलेशन ट्रेनर Mr. Poh Ying Bing के अनुसार बेबी के लिए नियमित टमी टाइम इसलिए जरुरी है क्योंकि इससे गर्दन की मांसपेशियां और शरीर का ऊपरी भाग मजबूत होता है। इससे उन्हें अपने खास फिजिकल मोमेंट जैसे बैठना, घुटनों के बल चलना, या आगे जाकर चलने में सहायता मिलेगी।

रिर्सच की माने तो इस बात की भी संभावना है कि बच्चे अपने खास शारीरिक माइलस्टोन को टमी टाइम नहीं फॉलो करने वाले बच्चों को मुकाबले जल्दी पूरा करते हैं।

Mayo Clinic के डॉक्टर Dr Jay Hoeker के अनुसार अगर बच्चे हमेशा पीठ के बल ही रहेंगे तो उनका सिर पीछ से फ्लैट भी हो सकता है।ऐसा इसलिए क्योंकि नवजात शिशुओं का सिर काफी मुलायम होता है और ये कई गतिशील प्लेट्स से बना होता है।

अगर आपका बेबी हमेशा एक ही पोजिशन में रहता है तो ये प्लेट इस तरह से एक साथ मुड़ते हैं कि वहां बिल्कुल सपाट स्पॉट बन जाता है।

ज्यादातर केस में ये कॉस्मेटिक इश्यू है जो बाद में ठीक हो जाता है लेकिन WebMD के मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार इसका ये भी अर्थ है कि आपके बेबी के सिर, गर्दन और कंधे की मांसपेशियों को जरुरत के अनुसार व्यायाम नहीं मिल पा रहा है।

एक और कारण जिसकी वजह से टमी टाइम महत्वपूर्ण है वो ये कि जब आपका बेबी अपने पेट के बल होता है तो वो अपने बायीं और दायीं ओर देख पाता है कि आखिर उसके चारों ओर क्या हो रहा है। ये उनके आंखों की मांसपेशियों के लिए भी अच्छा है।

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कब शुरू करें टमी टाइम

रॉफेल चिल्ड्रन्स सेंटर के कंस्लटेंट Dr Wendy Sinnathamby के अनुसार आप बेबी को 6 सप्ताह से पेट के बल लेटा सकते हैं लेकिन उन्हें पूरी तरह अपनी निगरानी में रखें।

हालांकि अमेरिकन अकेडमी पेडिट्रिक्स (AAP) क अनुसार आप बिल्कुल नवजात शिशु को भी पेट के बल लेटा सकते हैं।

हालांकि सबसे बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से सलाह लेकर ही बेबी का टमी टाइम शुरू करें।

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शुरुआत

बेबी के लिए एक समय चुनें जब वो पूरी तरह से जगे और अलर्ट रहते हैं। इसके लिए सबसे सही समय नींद के बाद या फिर डायपर बदलने के बाद का है। दूध पीने के तुरंत बाद ऐसा करने की कोशिश ना करें क्योंकि इससे वो असहज महसूस करेंगे।

इसे जितना हो सके सिंपल रखें। एक मैट या साफ सुथरे कंबल को जमीन पर फैला दें और बेबी को पेट के बल इस पर लिटा दें। सबसे पहले इसकी शुरुआत 3-5 मिनट के लिए करें और ऐसा दिन भर में दो से तीन बार करें।

Mayo Clinic के अनुसार  आपका लक्ष्य बेबी को कम से कम दिन भर में 20 मिनट पेट के बल लिटाने का होना चाहिए। वो भी खासकर अगर आपका बेबी तीन से चार महीने का है।

जैसे ही आप टमी टाइम शुरु करेंगे तब आपको बेबी का सिर थोड़ा अजीब पोजिशन में दिख सकता है। लेकिन इसकी चिंता ना करें और हमेशा अलर्ट रहें कि आप उन्हें सिर को ऊंचा करने के लिए प्रोत्साहित करें।

अगर वो एक मिनट के बाद रोने भी लगें तो उन्हें पेट के बल लेटे रहने के लिए प्रोत्साहित करें।गाना गाकर या बातें करके आप उनका ध्यान भटका सकते हैं।

अगर आपको लगता है कि इससे अधिक वो नहीं लेट पाएंगे तो उन्हें हटा दें और थोड़ी देर बाद फिर कोशिश करें।

बेबी को टमी टाइम नहीं पसंद आने पर क्या करें आप?

बच्चे अक्सर शुरुआती दिनों में टमी टाइम नहीं पसंद करते हैं। लेकिन कुछ मिनट के लिए ही सही लेकिन टमी टाइम बेबी के लिए बहुत मायने रखता है। इससे बेहतर उनके लिए और कुछ नहीं है क्योंकि टमी टाइम से उनकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

अगर फन की जगह टॉर्चर लगे टमी टाइम तो अपनाएं ये नुस्खे:

  • जगह बदलें ताकि टमी टाइम के दौरान दिखे कुछ अलग: बेहतर होगा कि सुबह में बेडरुम और शाम में टमी टाइम के लिए लीविंग रुम का इस्तेमाल करें। अगर आप पेट के बल करने के बाद एक ही दिशा में सिर रखते हैं तो उसे भी अलग-अलग तरफ घुमाएं ताकि वो अपने चारों ओर देख सकें।
  • एक साथ करें टमी टाइम: आप भी अपने क्यूट बेबी के बगल में लेट जाएं और वो भी इस तरह से कि वो आपको देख पाएं। इसके बाद दोनों लेटकर इसे इंज्वॉय करें।
  • मालिश: हर किसी को बैक मसाज पसंद आता है। जब आपका बेबी पेट के भार लेटा हो तो उन्हें पैर और पीठ में मसाज दें। आप इसके अलावा बेबी फुट रिफ्लेक्सोलॉजी को भी अपना सकती हैं।
  • एक नया चेहरा: पापा को भी टमी टाइम में शामिल करें। अगर कोई बड़ा भाई या बहन हं तो वो भी पेट के भार लेट सकते हैं और अपने बेबी को इस दौरान इंटरटेन करें।

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  • खिलौनो की लें मदद: जैसे-जैसे आपका बेबी बड़ा होता है कुछ खिलौने उनके आस पास रख दें। वो खुद खिलौनों के पास पहुंचेंगे और उनका हाथ और आंखों का कॉर्डिनेशन अच्छा होगा और इससे मांसपेशियां भी मजबूत होंगी।  
  • आप फ्लोर पर हैं: आप अपने पीठ के भार लेट जाएं और बेबी को अपनी छाती पर लेटा लें। अब गाएं और बेबी को इसी तरह रहने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • सपोर्ट दें: एक पतला कंबल या तौलिया को मोड़ें और एक ब्लोस्टर बना लें। इसे आप बेबी  की छाती के नीचे या उनके हाथों के पास भी रख सकती हैं। उनका मुंह, ठुड्डी और नाक को रोल से अलग रखें।
  • इसे बेबी के अन्य एक्टिविटी में इस्तेमाल करें: नहाने के बाद आप बेबी को उनके पेट के बल लिटा दें और सुखाएं। उन्हें लोशन लगाएं और अपने गोद में लें।

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टमी टाइम के दौरान सुरक्षा
  • टमी टाइम के समय कभी भी बेबी को ऊंचे सतह पर ना सुलाएं खासकर जहां से वो लुढ़क सकते हैं। आपके लिए सबसे बेस्ट होगा कि बच्चे को फ्लोर पर कंबल बिछाकर उन्हें पेट के बल लिटाएं।
  • हमेशा बेबी को नजदीक से मॉनिटर करें। अगर उनका सिर नीचे की ओर गिरने लगे तो तुरंत सीधा करें, गोद में लें वरना उनका दम घुट सकता है।
  • कभी भी अपने बेबी को बड़े भाई/बहन या पेट्स के साथ अकेला ना छोड़ें।
  • हमेशा ध्यान रखें कि उनके आसपास कोई छोटी छोटी चीजें ना हो।खासकर बड़े होने के दौरान क्योंकि वो कुछ भी मुंह में ले सकते हैं।
  • अगर आपको लगे कि आपका बेबी थक गया है या उसे पेट के बल करने के बाद नींद आ रही है तो तुरंत उन्हें पलटें और सुला दें। डॉक्टर्स हमेशा बेबी को पेट के बल नहीं सोने देने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे अचानक नवजात बच्चे की मौत भी हो सकती है। इसे Sudden Infant Death Syndrome (SIDS) कहते हैं।

अगर आपकी मदद करने वाले हेल्पर, सास या कोई और केयरटेकर आपके बेबी को देख रहा है तो उन्हें भी ऊपर दिए सलाहों के बारे में जरुर बताएं कि ये क्यों बेहद जरुरी है।

The Straits Times, American Academy of Pediatrics, SingHealth, Mayo Clinic

Written by

theAsianParent