Exclusive: किसी भी सफल रिश्ते की बुनियाद है प्यार - बख्तियार ईरानी

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टीवी के गोल्डन कपल तनाज़ और बख्तियार ईरानी हमें 2006 में फेम गुरुकुल के सेट पर मिले थे, जब उनकी शादी के एक साल हो चुके थे । आज वो 6 साल की ज़रा और 8 साल के ज़्यूस के पेरेंट्स हैं और वो पारसी नए साल के साथ अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए एकदम तैयार हैं । हमने बख्तियार ईरानी से बात की पारसी नए साल नवरोज़ के मौके पर। "इस साल हमने नवरोज़ को ज़्यूस के जन्मदिन के साथ मनाने का फैसला किया है । इस दिन हम फायर टेमोले जाएंगे और फिर फुटबॉल थीम पर आधारित ज़्यूस का जन्मदिन मनाएंगे।" - बख्तियार

खुद भी एक फूटबाल फैन होने के नाते उन्होंने सभी फादर्स को और उनके बच्चों को ज्यादा से ज्यादा physical activity में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे । "हमने सभी फादर्स का फूटबाल मैच में भाग लेना कंपल्सरी कर दिया है। उन्हें अपने बच्चों को उठाकर गोल करवाना होगा।" - ईरानी बताते हैं जिनके शादी के ठीक न चलने की अफवाहें कुछ रोज पहले सुनाई दीं। इन सभी अफवाहों को बकवास करार देते हुए ईरानी बताते हैं की  हाल ही में उन्हीने अपनी 9वीं सालगिरह मनाई है और वो अपनी पत्नी तनाज़ ईरानी से बेहद प्यार करते हैं ।

आगे हमने उनसे शादी, पेरेंटिंग और शहर में बच्चों को बड़ा करने के बारे में पूछा । ये हैं इंटरव्यू से जुड़े कुछ अंश :

शादी के बारे में :लोग कहते हैं की रिश्ते विश्वास पर बनते हैं लेकिन मुझे लगता है की विश्वास बाद में आता है । किसी भी रिश्ते की बुनियाद प्यार होती है । मेरी दादी हमेशा कहती थी " उस महिला से शादी करो जो आपसे प्यार करती हो, वो नहीं जिससे आप प्यार करते हो" मैं बहुत खुशनसीब हूँ की तनाज़ मुझे उतना ही प्यार करती है जितना मैं उसे प्यार करता हूँ । अभी अभी हमने सालगिरह मनाई है और वो मेरी strength है ।

पेरेंटिंग के बारे में :एक फ्रेज जो पेरेंटिंग को परिभाषित करती है वो है "जियो और जीने दो" हमने अपने बच्चों को सबकी पर्सनल स्पेस का आदर करना सिखाया है । हमने उन्हें हर इंसान की इज़्ज़त करना सिखाया है, फिर चाहे वो हमारे घर में काम करने वाले लोग हों, हमारे ड्राईवर हों या परिवार का कोई भी सदस्य। हमने ये भी ध्यान रखा है की वो सभी धर्मों और समुदायों की इज़्ज़त करें । हम तो एक घर में 4 अलग-अलग भाषा बोलते हैं, हिंदी, इंग्लिश, गुजराती और मराठी ।

बच्चों के बारे में : मेरा बेटा ज़्यूस और बेटी ज़रा दोनों बड़े मिलनसार हैं और परिवार के साथ रहने की महत्ता को अच्छी तरह से जानते हैं । लेकिन वो ये भी जानते हैं की हमारी अपनी भी एक लाइफ है इसीलिए हम उनकी सारी डिमांड पूरी नही कर सकते । जहाँ तक discipline की बात है, हम उन्हें कंप्यूटर गेम्स नहीं खेलने देते, आईपैड पर गेम नही खेलने देते, जितना हो सके physical game के लोए प्रेरित करते हैं ।

घर सँभालने के बारे में : फाइनेंसियल बातें मेरे साथ रहती हैं और बच्चों को तनाज़ संभालती है । हम दोनों सुबह जल्दी उठ जाते हैं और घर को और बच्चों के रूटीन को बनाये रखते हैं ।मई ज़्यूस को स्कूल छोड़ता हूँ और तनाज़ ज़ारा को । जब तनाज़ देर तक काम करती हैं तो मैं बच्चों के लिए खाना बनाता हूँ और उनका ध्यान रखता हूँ उसी तरह से जिस दिन मैं बिजी होता हूँ वो खाना बनाती है और बच्चों का ध्यान रखती हैं।

अध्यात्म के बारे में : हमारी पूरी फॅमिली स्पिरिचुअल है । हम सुबह जल्दी उठकर प्रार्थना करते हैं और जो भी हमारे पास है उसके लिए हैं उपरवाले का ध्यानवाद करते हैं । औने साथ साथ बच्चों में भी spirituality लाना एक बहुत जरुरी बदलाव है जो होना चाहिए । क्योंकि वो अभी छोटे हैं, वो इन बातों को आसानी से समझ जाते हैं । इस साल नवरोज़ के मौके पर हम फायर टेम्पल देखें जाएंगे और प्रार्थना करेंगे ।

स्वस्थ रहने के बारे में : ये बहुत दुःखद है की आज बचजों ने मोटापे की बिमारी बहुत तेज़ी से बढ़ रही है । इनमे से ज्यादातर तो अपने, फ़ोन, लैपटॉप या आईपैड से चिपके रहते हैं । इनमे कोई फिजिकल एक्टिविटी की भारी कमी आई है। लेकिन किस्मत से मैं क्रिकेट और फुटबॉल का बहुत बड़ा फैन हूँ और इसीलिए मैंने ज़्यूस के जन्मदिन के लिए फूटबाल को थीम रखा है ।

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