एक गर्भवती माँ के लिए ड्राई फ्रूट के फाएदे

एक गर्भवती माँ के लिए ड्राई फ्रूट के फाएदे

गर्भावस्था के दौरान आप न सिर्फ अपने लिए वल्कि अपने बच्चे के विकास के लिए भी खाना खाते हैं .इसीलिए आपकी खाने की आदत जंक फ़ूड से बदल के स्वास्थ भोजन की तरफ आ जानी चाहिए .

गर्भावस्था के दौरान ड्राई फ्रूट के पोषक तत्व होने वाले बच्चे के लिए बहुत ही ज्यादा फाएदेमंद होते हैं .

गुडगाँव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टिट्यूट में स्त्री रोग विशेषज्ञ और आब्सटेट्रिक्स के सीनियर कंसलटेंट डॉ प्रीती रस्तोगी बताती हैं “आज के दौर की महिलाओं को पता है की देरी से गर्भवती होने से गर्भपात, मेडिकल विरूपता आदि जैसे कई हालात उत्पन्न हो सकते हैं . इसलिए वो ये जानते हैं की गर्भवस्था के दौरान बहुत ज्यादा पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना चाहिए कम उम्र से ही.

ड्राई फ्रूट के फाएदे

भारत में ड्राई फ्रूट के कई वैरायटी उपलब्ध है जिनके कई फाएदे हैं . कुछ इस प्रकार हैं :

  • इनमे प्रचुर मात्रा में पौष्टिकता होती है जैसे फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फ़ास्फ़रोस, विटामिन ए , बी6 , सी, डी आदि
  • भूरे रंग के कवर वाले ड्राई फ्रूट जैसे बादाम , अखरोट आदि पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं .
  • ड्राई फ्रूट  में प्रोटीन होता है जो शरीर के विकास के लिए बहुत जरुरी होता है साथ ही बच्चे के मानसिक विकास के लिए भी ये जरुरी होता है
  • ये शरीर की लोहे को सोखने की क्षमता बढ़ा देते हैं . आप किसी भी फल के जूस के साथ ड्राई फ्रूट आसानी से खा सकते हैं
  • ये पचने में भी आसान होते हैं क्योंकि इनमे प्राकृतिक शुगर होती है
  • ड्राई फ्रूट में ऊर्जा की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे एक गर्भवती महिला के मांशपेशियों को ताकत मिलती है .
  • इनमे ग्ल्य्समिक की मात्रा कम होती है जिससे खून म एशुगर की मात्रा में कोई फर्क नहीं पड़ता है

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ड्राई फ्रूट में पौष्टिकता की मात्रा

ड्राई फ्रूट  में में हर वो खनिज पदार्थ आदि होते हैं जिसकी जरूरत एक गर्भवती महिला को होती है . जैसे :

  • फाइबर : कब्ज की शिकायत अक्सर गर्भवती महिलाओं में होती है . ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि हॉर्मोन का बनना धीमा हो जाता है क्योंकि शरीर से सभी पोषक तत्व आपके पेट में पल रहा बच्चा अपनी ओर खींचने की कोशिश करता है . इसीलिए अगर आप ऐसे आहार लेंगी जिनमे लोहे , विटामिन आदि की मात्रा अच्छी हो तो आप ओने कब्ज से आसानी से छुटकारा पा सकती है बिना किसी ज्यादा दर्द या परेशानी के .
  • आयरन :  एक गर्भवती महिला को रोजाना 27 मिलीग्राम लोहे की जरूरत होती है . आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में लोग्हे की जरूरत इसलिए होती है ताकि शरीर में खून बनता रहे और खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा सही बनी रहे
  • कैल्शियम : रोज 1200 मिलीग्राम कैल्शियम लेने से गर्भवती महिला के हड्डियाँ और दांत मजबूत होते हैं . बादाम में कैल्शियम की अछियो मात्रा होती है .
  • विटामिन ए :  सूखे एप्रीकॉट में बीटा कैरोटीन की अच्छी मात्रा मील जाती है जिसे शरीर विटामिन ए में बदल देता है . ये एक जरुरी पौष्टिक तत्व है जो शरीर में लाल खून की कोशिकाएं बनाने में मदद करता है . इससे आँखों की रौशनी भी अच्छी होती है और शिरी की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है .
  • विटामिन बी : उम्ब्लिकल कार्ड के द्वारा भ्रूण तक पहुँचने वाली इस जरुरी पोषण से भ्रूण में फेफड़े और शरीर की कोशिकाओं का सही निर्माण होता है . ड्राई फ्रूट शरीर के खून में शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करता है जो आपके बच्चे से बेहिचक बहुत अच्छा है और ये माँ और बच्चे दोनों को अस्थमा होने से बचाता है .


ड्राई फ्रूट का सेवन करते समय बरतने वाली सावधानियां :

ड्राई फ्रूट  के फाएदे इससे होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा और अनोखे हैं लेकिन फिर भी इनके बारे में जानना बहुत जरुरी है .

ज्यादातर महिलाएं जो ड्राई फ्रूट का का सेक्वान करती हैनं अक्सर उन्हें इसी पर टिके रहने से मना किया जाता है . इसीलिए ये हैं वो कुछ सावधानियां जो आपको बरतनी चाहिए अगर आप ड्राई फ्रूट खाते हैं तो .

  • हालांकि इनमे प्राकृतिक शुगर होता है लेकिन कई बार इनमे बाहर से शुगर भी डाले जा सकते हैं . इसीलिए ऐसे ड्राई फ्रूट का सेवन करना आपके खून में शुगर की मात्रा को बढ़ा भी सकता है .
  • इनमे acrylamide जैसे टॉक्सिक पदार्थ भी हो सकते हैं . ड्राई फ्रूट  को बहुत देर तक गर्म करने के कारण इनमे कार्सिनोजेन भी हो सकते हैं . इससे आपकी फर्टिलिटी और नर्वस सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है . हालांकि अप इन्हें दूसरी चीजों के साथ पका के खा सकते हैं
  • कई ड्राई फ्रूट बोतल में पैक होकार आते हैं जिनमे प्रिसर्वेटिव का इस्तेमाल किया जाता है जो कई बार टॉक्सिक भी हो सकते हैं . इनमे सल्फर डाइऑक्साइड हो सकता है जो सांस लेने तक की समस्या पैदा कर सकता है .
  • इनमे बहुत ज्यादा मात्रा में कैलोरी भी पायी जाती है अगर उनमे शुगर डाला गया है या उन्हें टला गया हो तो इससे दिल की बिमारी होने का खतरा बढ़ जाता है

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होने वाली माँ के लिए सावधानियां

डॉ प्रीती सिंह कुछ बाते बताई हैं जिनकी सावधानियां हर होने वाली माँ को रखनी चाहिए :

  • हर माँ को एक संयमित रूप से पौष्टिक आहार लेना चाहिए जिसमे ड्राई फ्रूट  भी शामिल करें
  • पर्याप्त आराम करें
  • नियमित रूप से व्यायाम और योग करें
  • अपने डॉक्टर से समय समय पर मिलते रहे
  • बच्चे के लिए नियमित रूप से टिके लगवाते रहें

माँ बनने की प्रक्रिया में  शारीर में कई तरह के बदलाव आते हैं जिनके लिए शुरू शुरू में महिला तैयार नहीं होती है लेकिन समय के साथ सब हो जाता है . ऐसे समय में मानसिक , शारीरिक और भवनात्म बदलाव आते हैं जिनसे होकर गुजरना पड़ता है .

डेल्ही की फोर्टिस मम्मा मिया की COO अंकिता पूरी कहती हैं की ये एक तरह से अच्छा भी है . ये सभी बद्लाव एक खुबसुरत , एक नए इंसान को जन्म देने के लिए ही हैं जिसका शरीर दिमाग कोशिकाएं सब अलग होंम्गी . इसी बात को सोचकर अगर आप आगे बढें तो बहुत ही आसानी से आप इस कठिनाई को पार कर पाएंगी “

 

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