Dear Modern Mums, क्या आप भूल गईं कि आपको पैरेंट्स ने क्या सिखाया था

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आप बचपन में खुद को कैसे व्यस्त रखते थे? आपकी मम्मी डॉक्टर के पास कितनी बार लेकर गई होंगी? आपकी मम्मी ने क्या किया था जब आपने परोसा खाना खाने से मना कर दिया था?

आज आप मुझे बात बताइए..जब आप बच्चे थे तो और घर में बोर हो जाते थे तो क्या करते थे? वीकेंड पर आप कहां खाने जाते थे? आपके टिफिन में क्या खाना दिया जाता था? आप कितनी देर टीवी देखते थे?

आप बचपन में खुद को कैसे व्यस्त रखते थे? आपके पास खेलने के लिए कितने खिलौने होते थे? आपकी मम्मी डॉक्टर के पास कितनी बार लेकर गई होंगी? आपकी मम्मी ने क्या किया था जब आपने परोसा खाना खाने से मना कर दिया था?

वीकेंड मतलब मम्मी के हाथ का स्पेशल खाना

अगर आपका बचपन भी मेरी तरह गुजरा है तो आपका जवाब भी मेरे जैसा ही होगा।मेरी बहन और मैं घंटो तक बैठकर सतापू, घर-घर, पिट्टू खेला करते थे।

वीकेंड मतलब मम्मी के हाथों का बना स्पेशल खाना जैसे छोले भटुरे, दही बड़े, दाल पराठे। मेरी टिफिन में ज्यादातर पराठा सब्जी होता था (उसमें भी पालक और मेथी की सब्जी), अंकुरित मूंग और शुक्रवार को फ्राइड राइस।

टीवी तो हम फ्री टाइम में देखा करते थे। सप्ताह में एक घंटा अपना फेवरिट जंगल बुक, रामायण या महाभारत । बीमार पड़ते थे तो मम्मी घरेलु उपाय पहले करती थी फिर डॉक्टर के पास ले जाती थी।

और खाना..खाना प्लेट में छोड़ने का ऑप्शन ही नहीं होता था।अगर लौकी या करेला खाने से मना भी कर दिए तो मम्मी एक लुक देती थीं और कहती थीं “यही बना है..खाना पड़ेगा”। वो घर का जमाया दही कटोरी में देती थीं ताकि मैं खा सकूं क्योंकि मुझे टिंडा और लौकी बिल्कुल भी पसंद नहीं था।

हम आज क्या कर रह हैं?

जब मैं आजकल की मम्मी और पापा को देखती हूं कि वो कई बार अपने बच्चों को हैंडल ही नहीं कर पाते हैं कि उन्हें कैसे व्यस्त रखा जाए। उन्हें एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटी के लिए भेजते हैं। उन्हें व्यस्त रखने के लिए कई तरह के स्क्रीन उनके सामने होते हैं।

यहां तक कि गर्व के साथ कहते भी हैं कि मेरा पांच साल का बेटा आईपैड चलाना जानता है।अगर उनका बच्चा दाल चावल ना खाना चाहे तो तुरंत Mc Donanld या Dominos से ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया जाता है।

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अगर बच्चा छींक भी दे तो वो तुंरत वो डॉक्टर के पास ले जाते हैं ।संक्षिप्त में बोलें तो उनके पास हर चीज का विक्लप है। आज के आधुनिक समय में कई लोग भूल गए हैं कि उनके पैरेंट्स ने उन्हें क्या सिखाया।

एक दिन मैं कैब में ट्रेवल कर रही थी। मेरे पास एक औरत अपने बेटे के साथ बैठी थी। उनका बेटा लगभग 5 साल का होगा। वो लगातार कुछ बोले जा रहा था, उत्सुक्तावश मैंने पूछ दिया कि वो क्या कर रहा है।

“अच्छा वो..वो बस डोरेमॉन के डायलोग बोल रहा है जो लास्ट एपिसोड में देखा है।"

उन्होंने बिना पलक झपकाए ये बात बोली और मैं शॉक्ड थी। मन ही मन में मुझे उस बच्चे के लिए चिंता हो रही थी कि उस शो का बच्चे पर क्या असर हो रहा है।

मैं थोड़ी डिस्टर्ब थी और जैसे ही मैं कैब से उतरी मेरी बिल्डिंग फ्रेड्स ने बातों ही बातों में पूछा कि आपकी बेटी (पांच साल की है)किसी एक्टिविटी क्लास में नहीं जाती? वो घर में बोर हो जाती होगी।

मैंने उन्हें बस इतना कहा कि “क्योंकि मैं जानती हूं कि उसे भी पता होगा कि अपनी बोरियत को कैसे दूर किया जाए जैसे मुझे अपने बचपन में पता होता था। “

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Source: theindusparent