अपने बच्चे को cyber bullying से कैसे बचाएं ?

आपको कैसे पता चले की आपका बच्चा साइबर बुल्लयिंग का शिकार हो रहा है ? ऐसा न होने देने के लिए क्या करें ?

क्या आपका बच्चा किशोरावस्था से पहले ही साइबर बुल्लयिंग का शिकार हो रहा है ?
बदमाश लोग और बदमाशी हर जगह होती है । आपने अपने बच्चे को खेलने के दौरान बदमाशों से सतर्क रहना सिखाया होगा ।लेकिन क्या आपको पता है की आपका बच्चा आपके नाक के नीचे इंटरनेट ब्राउज़र खोलते ही कई तरह की बदमाशियों का शिकार हो सकता है ?

अगर एक बच्चा स्मार्टफोन या इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए किशोरावस्था से पहले या किशोरावस्था में सताया जाता है, किशोरों द्वारा निशाना बनाया जाता है, उसे धमकी दी जाती है, या अगर उसे अपमानित या प्रताड़ित किया जा रहा है तो वो साइबर बुल्लयिंग का शिकार है ।
अगर माता पिता को जानना है की उनका बच्चा साइबर बुल्लयिंग का शिकार है या नहीं तो इन लक्षणों का ध्यान रखें ।

अपने बच्चे के व्यवहार पर ध्यान दें।
क्या बच्चा शांत रहने लगा है ? क्या कंप्यूटर को देखकर वो अजीब वर्ताव करता है और कंप्यूटर के ऑन होने से वो डर जाता है ?

क्या आपका बच्चा सोशल इवेंट या स्कूल की गतिविधियों में शामिल होने से बचता है ?
अगर आपका बच्चा सोशल इवेंट आदि में या स्कूल की गतिविधियों में भाग लेने से बचने लगा है तो हो सकता है की उसकी ये चुप्पी आपसे मदद मांग रही हो । इन लक्षणों को कभी नज़रअंदाज़ न करें ।

क्या वो कंप्यूटर को बंद करते समय हारा हुआ सा निराश लगता है ?
ऑनलाइन गतिविधियाँ बच्चों में निराशा, गुस्सा और हताशा के भाव ला सकता है । इस निराशा का कोई तरीका ना निकाल पाने के कारण हो सकता है की वो इसकी भड़ास अपने छोटे भाई या बहन पर निकाले ।

नंबर कम आना :

बच्चे साइबर बुल्ल्यिंग के कारण अपना ध्यान केन्द्रित कर पाने में असफल रहते हैं जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है । अगर आप ऐसा महसूस करें तो अपने बच्चे से इस बारे में बात करें उसे विश्वास दिलाएं की आप उसकी मदद कर सकते हैं ।

ब्राउज़र बंद करके दुसरे पेज पर जाना 

अगर आप अपने बच्चे के कमरे में जाएँ और वो जल्दी से ब्राउज़र बंद कर लें या पेज बदल दे तो हो सकता है की वो साइबर बुल्ल्यिंग का शिकार हो रहा हो । ये पोर्नोग्राफी से लेके साइबर बुल्ल्यिंग तक के संकेत हो सकते हैं ।

तो अब तक आपने साइबर बुल्ल्यिंग के संकेत पहचान लिए हैं । आइये अब नज़र डालते हैं कुछ बातों पर जिससे आप अपने बच्चे को साइबर बुल्ल्यिंग से बचा सकते हैं ।

अपने नेटवर्क को परिवार के लिए सुरक्षित करें ।

जरुरी नहीं है की आप बच्चे से कंप्यूटर इस्तेमाल करने या अकेले में ब्राउज करने की आजादी छीन लें । आप उसके कंप्यूटर पर दूर से भी नियंत्रण कर सकती हैं अपने नेटवर्क की सुरक्षा को बढ़ाकर।

तय करें की बच्चे कौन सी वेबसाइट देखेंगे 

ऐसे वेबसाइट की लिस्ट बनाएं जो अओके बच्चे देख्नेगे । केवल उन्ही वेबसाइट को मान्यता दें जो आपके बच्चे के उम्र के लिहाज से ठीक हों । वेबसाइट की रेपुटेशन का पता करने वाले मुफ्त के सॉफ्टवेर का इस्तेमाल करें और जानें की कौन सी वेबसाइट आपके बच्चे के लिए ठीक है या नहीं ।

वेबसाइट फ़िल्टरिंग का इस्तेमाल करें
सुरक्षित सॉफ्टवेर का इस्तेमाल करें जिसमे पैरेंटल लॉक की सुविधा हो । ये तय करें की बच्चे वो वेबसाइट ना देखें जो आप उन्हें नहीं देखने देना चाहते या जो उनकी उम्र के लिहाज से उनके लिए ठीक नहीं है ।

cyberbully

बच्चों को बताएं की ऑनलाइन कौन सी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए 

हो सकता है की ऑनलाइन दोस्त बनने के बाद वो अपने दोस्तों से अपने स्कूल, घर आदि का पता शेयर करने लग जाए । ऐसे में जरुरी है की आप अपने बच्चे को सिखाएं की कौन सी जानकारी ऑनलाइन देनी चाहिए और कौन सी नहीं ।डाटा चोरी रोकने वाले सॉफ्टवेर का इस्तेमाल करें ।

अपने बच्चे को खुल कर बात करने के लिए प्रेरित करें

माता पिता बनकर अपने बच्चे की निजी ज़िन्दगी में दखल देने के बजाये उसे प्रेरित करें की वो ऑनलाइन होने वाली किसी तरह की परेशानिओं को आपसे खिउलकर बताये और उसके बारे में बात करे ।

इलेक्ट्रॉनिक दुनिया के रास्ते खतरनाक हो सकते हैं 

ऑनलाइन दुनिया बहुत बड़ी है इसोअर नज़र रखना कोई खेल नहीं है । बहुत से लोग हैं जो इस माध्यम का इस्तेमाल करके आपको नुकसान पंहुचाने के तैयार बैठे रहते हैं । जरुरी है की आप अपने बच्चे को सिखाएं की वो किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बात न करे और न अहि उनके मेसेज का जवाब दे ।

बच्चों का इन्टरनेट पर विडियो देखना 

अगर आपका बच्चा ऑनलाइन विडियो देखने का शौक़ीन है तो ऐसे में माता पिता के गाइडेंस की सख्त जरूरत होती है । हालांकि सभी बड़े वेबसाइट पोर्नोग्राफी से बचते हैं लेकिन फिर भी ऐसे कई चीजें हो सकती हैं जो आपने बच्चे के लिए उपयुक्त ना हो ।
बच्चे के साथ ऑनलाइन समय बिताएं 

कुछ क्वालिटी टाइम अपने बच्चों के साथ बिताएं उनसे नए नए ऑनलाइन गेम और विडियो आदि के बारे में बात करें । साथ में खेक्लने से और काम करने से आप अपने बच्चे के व्यवहार को अच्छी तरह से समझ पाएंगे और किसी भी तरह की समस्या होने पर आप आसानी से उस समस्या का निदान निकाल पाएंगे ।

साइबर बुल्ल्यिंग साधारण नहीं है, इससे बचा जा सकता है बिना किसी कपो दोष दिए और सिर्फ कुछ सुरक्षा के तरीकों के इस्तेमाल से । अपने इन विचारों को बच्चों से शेयर करें , उनसे बात करें ।

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