Alert : भारतीय बच्चे Caffeine के लत के शिकार होते जा रहे हैं 

Alert : भारतीय बच्चे Caffeine के लत के शिकार होते जा रहे हैं 

अगर आप अपने बच्चे को सुबह सुबह चाय या कॉफ़ी पिला रहे हैं तो शायद अब आपको ये बंद कर देना चाहिए .एक नए शोध के मुताबिक देश के युवाओं में कैफीन की लत बहुत तेज़ी से बढ़ रही है जो ज्यादातर चाय, कॉफ़ी, कला या एनर्जी ड्रिंक्स में पाए जाते हैं. कम्युनिटी मेडिसिन के इंडियन जर्नल में छपे इस शोध को किया है मृदुल गेरा, स्वाति कालरा और पियूष गुप्ता ने जो की दिल्ली के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंस , गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक्स विभाग से हैं .

स्टडी क्या कहती है ?

शोधकर्ताओं ने दिल्ली के स्कूल जाने वाले किशोरों के डेली कैफीन लेने की मात्रा को नापा . उन्होंने 300 प्रतिभागियों पर ये शोध किया जिनमे 174 लडके और 126 लड़कियां थीं . उन्होंने ये 

  • करीब 291 (97%) बच्चे दिन में 98.2 मिलीग्राम कैफीन लेते थ
  • करीब 19 (6%) बच्चे दिन में 300 मिलीग्राम कैफीन लेते थे
  • चाय और कॉफ़ी कुल कैफीन का 50 फीसदी श्रोत थे 
  • बाकी के 50 फीसदी, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक , एनर्जी ड्रिंक आदि से आ रही थी

स्टडी ने बताया की स्कूल जाने वाले  किशोरों में कैफीन लेने की मात्रा साधारण से बहुत ज्यादा थी . हालांकि शुरुवाती सर्वे से हुए खोज की जानकारी मिलनी अभी बाकी ही है .

बच्चों पे कैफीन के साइड इफ़ेक्ट 

डॉ. पियूष गुप्ता जो की दिल्ली के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंस , गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक्स विभाग से हैं, बताते हैं "जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने से बच्चे के स्वास्थ्य पर सीधा और नकारात्मक असर पड़ता है, इससे उन्हें नींद न आने की समस्या, विकास में रुकावट और यहाँ तक की उनके वर्ताव में भी बदलाव आते हैं .

 वो ये भी बताते हैं की किशोरों में इसकी मात्रा बढ़ने का कारण है बाज़ार में कई ऐसे उत्पादों का साधारण रूप से मौजूद होना जिनमे कैफीन की मात्रा अत्यधिक होती है जैसे, कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक आदि .इस स्टडी में एक और टिप्पणी की गयी जिसमे किशोरों पर कैफीन के असर के बार में बताया गया:

  • इन ड्रिंक्स में 50 (एक सोडा कैन के बराबर) से 500 (5 कप कॉफ़ी के बराबर) मिलीग्राम तक कैफीन होते हैं
  • इनके कर्ण मीठा खाने की इच्छा भी बढती है
  • इतनी मात्रा में कैफीन रेगुलर लेने से वजन बढ़ने, मोटापे, की समस्या होने के साथ-साथ न्यूरल, कार्डियोवैस्कुलर, गास्त्रोइन्तेंस्टिनल और रेनल इन्फेक्शन भिओ होने की संभावना बढ़ जाती है

भारत में कैफीन लेने की उपरी लिमिट 

बदकिस्मती से इतने साइडइफ़ेक्ट होने के बावजूद सरकार ने कैफीन के लिए कोई मिनुम सेफ वैल्यू नहीं रखी है सिवाए 300 मिलीग्राम प्रतिदिन उपरी लिमिट के जो किशोरों के लिए हैं.

स्टडी से ये भी खुलासा होता है की भारत में किशोरों के प्रतिदिन कफ़्फ़िएने लेने की मात्रा का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है जबकि ये एक बेहतरीन तरीका युवा और किशोरों में कफ़्फ़िएने की मात्रा कम करने के लिए .

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