8 खूबसूरत लोरी जिससे आपके बच्चे को अच्छी नींद आएगी

बेबी के लिए सोने का माहौल बनाने के लिए हम यहां कुछ खूबसूरत देसी लोरी लेकर आए हैं और इनके बोल भी हम आपको बता रहे हैं।

पूरा दिन बीत जाने के बाद जब मैं बिस्तर पर जाती हूं तो मुझे कुछ लोरी याद आती है। ये मेरी मां बचपन में गाया करती थी। कई साल बीत जाने के बाद भी इन लोरी की यादें ताजा हैं और इनसे मैं भी रिलैक्स महसूस करती हूं।

एक मां की मीठी आवाज बेबी पर जादुई असर करता है ये तो आप भी मानेंगे। इसलिए आपकी मदद करने और बेबी के लिए सोने का माहौल बनाने के लिए हम यहां कुछ खूबसूरत देसी लोरी लेकर आए हैं और इनके बोल भी हम आपको बता रहे हैं। आप इन लोरी को बेबी को सुनाएं और बच्चे सपनों की दुनिया में चले जाएंगे।

देसी लोरी के गाने

नन्हीं कली सोने चली

ये खूबसूरत लोरी हवा से गुजारिश करता है कि वो बेबी के क्रैडल को झुलाए और बेबी गहरी नींद में सो जाए।

 

लोरी के बोल

हवा धीरे आना

नींद भरे, पंख लिए, झूला झुला जाना

नन्ही कली सोनी चली हवा धीरे आना

नींद भरे, पंख लिए, झूला झुला जाना

नन्ही कली सोनी चली


चांद किरण सी गुड़िया नाजों की है पली (2)

आज अगर चंदनिया आना मेरी गली

गुन गुन गुन गीत को हौले हौले गाना

नींद भरे पंख लिए झूला झुला जाना

 

रेशम की डोर अगर पैरों को उलझाए (2)

घुंघरू का दाना कोई शोर मचा जाए

दाने मेरे जागे तो फिर निंदिया तू बहलाना

नींद भरे, पंख लिए, झूला झुला जाना

नन्हीं कली सोने चली हवा धीरे आना

 

धीरे से आजा रे अंखियां में 

ये सबसे खूबसूरत लोरी में से एक है जिसमें मां निंदिया रानी को आकर बेबी को सुलाने की गुजारिश करती है।

 

लोरी के बोल

धीरे से आजा री अंखियां में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

धीरे से आजा री अंखियां में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

चुपके नैनन की बगिया में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

 

लेकर सुहाने सपनों की कलियां

सपनो की कलियां

लेकर सुहाने सपनो की कलियां

सपनो की कलिया

लेकर सुहाने सपनो की कलियां

आके बसा दे पलकों की गलियां

पलकों की छोटी सी गलियां में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

चुपके नैनन की बगिया में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा
तारों से छुप कर तारों से चोरी, तारों से चोरी

तारों से छुप कर तारों से चोरी

देती है रजनी चंदा को लोरी

हंसता है चंदा भी निंदिया में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

धीरे से आजा री अंखियां में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

धीरे से आजा री अंखिया में

निंदिया आजा री आजा धीरे से आजा

चुपके नैनन की बगिया में

निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा

 

गुड़िया रानी बिटिया रानी

 यह लोरी मां खासकर बेटियों के लिए पसंद करती है। हल्की आवाज में ये बेबी को गहरी नींद में सुला जाती है।

 

लोरी के बोल

गुड़िया रानी बिटिया रानी परियों की नगरी से एक दिन

राजकुंवर जी आएंगे महलों में ले जाएंगे

गुड़िया रानी बिटिया रानी

आगे पीछे घोड़े हाथी बीच में होंगे सौ बाराती

इतनी आज अकेली हो तुम तेरे कितने होंगे साथी

कितनी खुश हूं मैं मेरे आंख में पानी

गुड़िया रानी बिटिया रानी

 

तू मेरी छोटी सी गुड़िया बन जाएगी जादू की पुड़िया

तुझपे आ जाएगी जीवन में तो हो जाऊंगी बुढ़िया

भूल ना जाना प्रीत पुरानी, गुड़िया रानी बिटिया रानी

 

लल्ला लल्ला लोरी 

यह पॉपुलर लोरी आपके बेबी को गहरी नींद में ले जाएंगी।

 

लोरी के बोल

लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी

दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा

 

छोटी छोटी प्यारी सुंदर परियों जैसी है

किसी की नजर ना लगे मेरी मुन्नी ऐसी है

शहद से भी मीठी दूध से भी गोरी

चुपके चुपके चोरी चोरी

लल्ला लल्ला लोरी

कारी रैना के माथे पे चमके चांद सी बिंदिया

मुन्नी की छोटे-छोटे नैनन में खेले निंदिया

सपनों का पालना आशाओं की डोरी

चुपके चुपके चोरी चोरी चोरी

लल्ला लल्ला लोरी

 

तमिल लोरी -  

इस लोरी में एक मां अपने बच्चे की खूबसूरती से आश्चर्यचकित हो जाती है। वो सोचती है कि “तुम चांद हो या चांद की रोशनी हो?’ इस लोरी को सुनकर बच्चे भी गहरी नींद में चले जाते हैं।

 

लोरी के बोल

कन्ने, कनमानिए

कन्न उरांगयो कन्ने

माइलो तोगई माइलो

कुइलो कूवम कुइलो

निलावो निलाविन ओइलो

इमायो इमायीं कानावो

रा रा रो....

मालारो मालारिन अमुडो

कानियो येन कानियीं सुवायो

रा रा रो...


गुजराती लोरी – हाला करू हु वाला करू

इस पॉपुलर गुजराती लोरी में मां अपने बेबी अपने बच्चे को कृष्ण समझती है और मैया यशोदा की तरह लोरी गाकर बच्चे को सुलाती है।

 

लोरी के बोल

हाला करु हू वाला करु हू

घनश्याम तमने वाला करु

फर फारती फुदड़ी परने बांधवु

घम घमती घुघड़ी हेते जाधवु (2)

रेशमी डोरी ए झुलावू राज झुलावू राज तमने झुलावू राज  (2)

हाला करु


चंदा मामा नी वर्त सुनावू

गली गली करता खिल खिल हसावु (2)

चंदा मामा नी वार्ता सुनावू

गली गली करता खिल खिल हसावु (2)

मिठु मिठु हंसता हिंछवु राज हिंछवु राज तमने हिंछवु रा (2)

हाला करु

 

पूछा पूछा पेला ओढ़निया लावु

सुवा सुवादा नावा वावा पहरावु (2)

प्रेम थी पे लागी पोढादु राज पोढादु राज तमने पोढादु राज (2)

हाला करु

 

मराठी लोगी – निंबोनिचा झाड़ामागे

इस मराठी लोरी में मां को समझ नहीं आता कि बेबी सो क्यों नहीं रहा। वो समझाने की कोशिश करती है कि पूरी दुनिया सो चुकी है।

 

लोरी को बोल

निंबोनिचा झाड़ामागे, चंद्रा झोपाला गा बाई

आज माझा पाड़लासा, झोप का गा येत नाही

निंबोनिचा झाड़ामागे, चंद्रा झोपाला गा बाई

 

गाय झोपाली गोठयात, घरतयात चिवुताई (2)

परसत वेलेवर, झोपाली गा जाई जूई

मीट पाकल्या डोलायांचा (2), गाते तूला मी आंगई

आज माझा पाड़साला, झोप का गा येत नाही

निंबोनिचा झाड़ामागे, चंद्रा झोपाला गा बाई
देवकी नासे मी बाला, भाग् यशोदीछे भाली (2)

तूझे दुखा घीन्यासाथी, केली पादपाछी झूली

जागावेगाली ही ममता (2), जावावेगली ही अंगाई

आज माझा पाड़साला, झोप का गा येत नाही

निंबोनिचा झाड़ामागे, चंद्रा झोपाला गा बाई
रित्या पालायाची दूरी, उरे आज माझा हाली

स्वपना एक उधालुन गेले, माय लेकाराची नाती

हुंदका गालयाशी येता, गवु काशी मी अंगनाई

आज माझा पड़साला, झोप का गा येत नाही

निंबोनिचा झाड़ामागे, चंद्रा झोपाला गा बाई

 

मलयालम लोरी – उन्नी वावावो

ये लोरी मां अपने बेबी कृ।ण को सुलाने के लिए गाने की कोशिश करती है।

 

लोरी के बोल

उन्नी वा वा वो पोन्नुन्नी वा वा वो

नीला पीला कन्नुन पूट्टी

पूंछेलाडालो?

काय्यिल पूंछेलाडालो

मुकिलाम्मे माझाविल्लुंडो

पोन्नुन्नी कन्नानु सीमानी कनिकानन

मेल्ले पोरु अलंजोरीयुम पूंकट्टे

अरमानीयुम चारथीवरु

इन्नुन्नी कन्नानुरंगन वावावो पड़ी वारु

वा वा वो पड़ी वारु

ओरु कन्नायी सूर्यानुरागु

मारु कन्नयानी ठिंकालुरांगु

ठिक्कयिल वेन्ना उरांगु

मम्मूनीनू भूमि उरंग

थीरू मधुरम कनाविल उरंग

थिरुनामम नविल उरंग

इन्नुन्नी कन्नानुरांगन

मूलोकम मुझुवानुरंग

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