7 बातें जो माता-पिता को अपने बच्चे से कभी नहीं कहनी चाहिये!

आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ शब्दों के बारे में जो आपको अपने बच्चे के सामने कभी कहनी नहीं चाहिए ।

बच्चे

 

एक माँ बाप की  हैसियत से हम हमेशा चाहते हैं की हमारे बच्चे एक आदर्श तरीके से पलें- बढें । इसीलिए हम कोई कसर नहीं छोड़ते, चाहे अच्छा पढ़ाने की बात हो या अच्छा खाने की, हम हमेशा बेहतर से बेहतर करने की कोशिश में लगे रहते हैं । लेकिन क्या हमने कभी ये सोचा है कि हमारे कुछ शब्द या बातें उन्हें बुरी लग सकती हैं ।

शायद हमें पता ना चले, लेकिन हमारी कई बातें हमारे न चाहते हुए भी उन पर बुरा असर डाल सकती हैं।आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ शब्दों के बारे में जो आपको अपने बच्चे के सामने कभी कहनी नहीं चाहिए ।

 

बच्चे

1. तुम किसी काम के नहीं हो!

हम गुस्से में बच्चों को बेकार बोल देते हैं लेकिन इसका असर बच्चों पर दूरगामी होता है।  जब उनके अपने  ही उन्हें किसी लायक नहीं समझते, तो उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचती है और वो अन्दर तक दुखी हो जाते हैं । 

तो और क्या कहें :

इन कठोर शब्दों  कि जगह कुछ ऐसा कहने कि कोशिश करें - "तुमने जो किया वो मुझे अच्छा नहीं लगा, अगली बार और बेहतर करने की कोशिश करना।"

 

बच्चे

2. जब तक डैडी नहीं आते हैं इंतज़ार करो!

अपने बच्चे के मन में ऐसा इमेज न बनाएं की परिवार का कोई सदस्य उसे सही कर सकता है ।  पालन-पोषण करना एक टीम वर्क है इसे उसी अंदाज़ में करें । 

तो और क्या कहें:

बच्चे तक सही ढंग से समझाने के लिए कहें- "मम्मी तुम्हारे बर्ताव से नाराज़ है ।"

 

बच्चे

3.तुम कभी नहीं सीखोगे

खुद सोच के देखिये ,अगर कोई ये बात आपसे कहे तो आपको कैसा लगेगा ?  बच्चों का अपना मूड होता है कभी उन्हें एक काम करने में मज़ा आता है तो दुसरे ही पल उन्हें मज़ा नहीं आता 

तो और क्या कहें

"मैं जानता हूँ की तुम ये काम कर सकते हो, तुम आसानी से इसे कर सकते हो क्यों न थोड़ी देर में फिर से कोशिश करें ?"

 

बच्चे

4.तुम्हे कुछ ज्यादा ही समय लग रहा है , मैं काम कर देता हूँ !

जब आप ऐसा कहते हैं तो बच्चे में दोबारा कोशिश करने की चाह खत्म सी हो जाती है भले ही टाइम न हो लेकिन उसे अपना दिमाग चलाने दीजिये 

तो और क्या कहें :

उसे प्रोत्साहन दें - उससे कहें कि आप उसकी कोशिश करने की चाह से बहुत खुश हैं , क्यों ना फिर से कोशिश करें जब हमारे पास ज्यादा टाइम हो!

 

बच्चे

5. तुम अपने भाई या बहन जैसे क्यों नहीं बन सकते

अपने बच्चे को उसके भाई बहन से तुलना करना बिलकुल ऐसा है जैसे आप कह रहे हों की तुम किसी लायक नहीं हो। बच्चे की समस्या को उसी के स्तर पर सुलझाएं 

तो और क्या कहें :

अपने एक बच्चे कि तुलना दूसरे से करने कि बजाये ये कहें - "अगर तुम ये कर लेते तो बहुत अच्छा होता ।"

बच्चे

6. रोना खराब है, केवल डरपोक लोग रोते हैं !

हममें से बहुत लोग इसी सीख के साथ बड़े हुए हैं । अगर आपका बच्चा उदास है तो रोना एक प्रकिर्तिक नियम है । रोने को कभी बुरा न समझें , इसकी जगह समस्या कैसे सुलझे इसपर ध्यान दें ।

तो और क्या कहे:

उसकी भावनात्मक स्तिथि को  समझें और  कहें - "ठीक है की आप उदास हैं लेकिन अपने आंसुओं को न रोकें ।"

 

बच्चे

7. जब बड़े बात कर रहे हों तो आप चुप रहो

कई बार जब बड़े बात कर रहे हों तब बच्चे बीच में ही बोलना पसंद करते हैं । ये आदत गतल है , लेकिन उनकी बेज्ज़ती करने से पहले उन्हें समझाना सीखें ।

तो और क्या कहें:

बच्चे कि  तरफ ध्यान दें और उसे समझाएं - "मैं आपसे जरुर बात करूंगा लेकिन अभी मेरा ध्यान कहीं और है।  क्यों ना तुम अभी खेलो और फिर हम थोड़ी देर में बात करेंगे ।"

 

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें  ।

HindiIndusaparent.com   द्वारा ऐसी ही और जानकारी और अपडेट्स  के लिए  हमें  Facebook पर  Like करें   ।