6 सुपर फूड जो दूर करते हैं ‘कठोर मल’ की समस्या

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बच्चों में कब्ज की समस्या दूर करने के लिए उनकी डाइट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करें जिससे उन्हें काफी फायदा होगा।

4 से 6 महीने में जब बच्चे ठोस आहार लेना शुरू करते हैं तो उनके लिए पॉटी करने के दौरान दर्द महसूस करना या ठोस मल होने जैसी समस्या हो सकती है। ये पैरेंट्स के लिए काफी चेतावनी होती है कि वो समझें कि बच्चे किस दौर से गुजर रहे हैं।

चिंता करने वाली बात ये भी है कि बच्चे जिनमें कब्ज की समस्या होती है वो पॉटी करने में पूरे दिन का समय लेते हैं। ये नोट करना जरूरी है कि जो बच्चे स्तनपान कर रहे हैं वो हो सकता है हर रोज पॉटी ना करें, जबकि जो बच्चे बाहर का दूध पीते है वो दिन भर में 3-4 बार पॉटी करते हैं।

बच्चों में कब्ज की समस्या थोड़े बड़े होने के बाद भी हो सकती है। जैसे जैसे वो कुछ नया खाते हैं इसका असर उनके पेट और पॉटी पर पड़ता है।

आप कैसे जानेंगी की आपके बच्चे को कब्ज की समस्या हो रही है? अगर वो पॉटी करने के दौरान ऐंठन ले रहे हों, पॉटी के साथ खून आए या अगर उन्हें भूख ना लगती हो तो ये कब्ज के संकेत हैं।

अपने बेबी को गर्म पानी से नहलाएं, उनका दूध बदलें, पेट पर हल्का मसाज करें, मेडिकेशन (डॉक्टर की सलाह पर) और इसके अलावा उनके खाने में ये इन्हें शामिल करें जिससे कब्ज की समस्या दूर होगी।

1. जामुन, सेव और नाशपाती का जूस

जामुन, सेव और नाशपाती का जूस पीने से मुलायम मल होते हैं। जामुन में फाइबर होने के कारण यह अच्छे से पाचन कर मल को ‘Bulk-up’ कर सकता है। सेव के जूस में बहुत ही कम मात्रा में लैक्सेटिव होता है लेकिन बेबी को कभी भी सेव का सॉस ना दें क्योंकि इसमें पेक्टिन होता है जिससे ठोस मल होते हैं। नाशपाती में Sorbitol सेव की तुलना में 4 गुणा अधिक होता है इसलिए इसका सेवन करने से मल मुलायम होता है। ये विटामिन से भरपूर जामुन के जूस जितना नहीं फायदेमंद होता है लेकिन स्वाद में अधिक अच्छा होता है।

2. एवोकाडो

एवोकाडो को पचाना बहुत ही आसान होता है क्योंकि वो काफी पौष्टिक होते हैं। इसमें फाइबर, विटामिन के, फोलएट, विटामिन बी6, पोटैशियम, विटामिन ई, विटामिन सी पाए जाते हैं। हाल में हुई एक स्टडी में पाया गया है कि ये आपके बेबी के लिए सबसे बेहतरीन खाना है।

3. शक्करकंद

बेबी के लिए अच्छे से मसला हुआ शक्करकंद ठोस आहार के रूप में देने के लिए शुरूआत में सबसे अच्छे आहार में से एक माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए और सी पाया जाता है। इसमें बहुत अधिक फाइबर भी होते हैं इसलिए पचने में आसान होता है। फाइबर पानी को अवशोषित कर मल को मुलायम करता है। शक्करकंद बच्चों के मसल कर दें।

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photo: Pixabay

4. ब्रोकली

 

 

ये नोट करना महत्वपूर्ण है कि 8 महीने के पहले बच्चों को ब्रोकली नहीं देना चाहिए। क्यों? क्योंकि इससे गैस बन सकता है और बच्चों को इसे पचा पाना मुश्किल होता है।

अगर आपका बेबी 8-10 महीने का है तो आप उन्हें ये खिला सकती हैं। इसे भांप में सेंककर, काटकर और चीज के साथ खाने दे सकती हैं। इसमें न्यूट्रिएंट और फाइबर जैसे कैल्शियम, फोल्एट, विटामिन ए, ई, के, पोटैशियम और ऑयरन पाया जाता है।

5. ओटमील

घर का बना ओटमील दलिया को अगर फाइबर युक्त अनाज के साथ खाया जाये तो कब्ज की समस्या दूर होती है। कई पैरेंट्स ने ये भी शिकायत की थी बाजार में उपल्बध ओटमील से उनके बच्चों की पॉटी काफी कठोर हो रही थी।

इसलिए बच्चों के लिए ओटमील से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

6. ब्राउन राइस

ब्राउन राइस बच्चों के लिए एक बेहतरीन खाना है जिससे बच्चों को अधिक फाइबर मिलता है। जहां तक उन पदार्थों की बात की जाए जिन्हें बच्चों से दूर रखना चाहिए तो इनमें गाजर, ब्लू बैरी, कच्चा केला, डेयरी प्रोडक्ट, सफेद चावल, व्हाइट ब्रेड आधि शामिल है।

अगर फिर भी बच्चों की कब्ज की समस्या दूर ना हो तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।