50 लाख दहेज...लेकिन फिर भी केरल की इस लड़की ने शादी के 79 दिन बाद की आत्महत्या

आगे पढ़िए साल्शा की दर्द भरी कहानी..

आज के समय में मासूम लड़कियों को दहेज की वजह से खो देना बेहद दुखद है।

पिछले सप्ताह हमने आपको तमिलनाडु की चाटर्ड अकाउंटेंट की हत्या के बारे में बताया था। उसकी हत्या उसके ससुर ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर किया था और इसका कारण था कि वो शख्स बहू के मायकों वाले से 10 लाख की मांग कर रहा था और वो पैसे का बंदोबस्त करने में लगे हुए भी थे।

आज हम आपको 20 वर्षीय साल्शा की शॉक्ड कर देने वाली कहानी बता रहे हैं। साल्शा ने अपनी शादी के तीन महीने के अंदर ही आत्महत्या कर ली जबकि उसके परिवार वालों ने ससुराल पक्ष को 50 लाख रूपए दहेज की रकम के तौर पर दी थी।

शादी के लिए साल्शा ने बीच में छोड़ी थी पढ़ाई

20-year-old Salsha decked up in gold jewellery during her wedding.

जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा। साल्शा ने स्नातक की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी क्योंकि उसके पैरेंट्स को लगा कि उन्होंने साल्शा के लिए उस आइडल मैन की तलाश कर ली है जो जीवन भर उसे खुश रखेगा।

उन्हें कहां पता था कि जल्द ही उनके विश्वास की धज्जियां उड़ने वाली हैं और उनकी बेटी उस दुनिया में चली जाएगी जहां से वो कभी वापस नहीं आ सकती है।

गल्फ बेस्ड बिजनसमैन शानावास और पत्नी सलीना की बेटी साल्शा ने शादी के महज 79 दिन बाद तिरुवंतपुरम (केरल) पति के घर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के अनुसार साल्शा को ससुराल में इस तरह परेशान और प्रताड़ित किया गया कि उसके पास अपनी जिंदगी को खत्म करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा था। 

जिले के एसीपी आदित्य ने बयान देते हुए कहा कि मौत फांसी लगाने के कारण हुई है। उन्होंने ये भी कहा कि साल्शा के परिवार ने 1 किलो सोना (लगभग 30 लाख), एक महंगी कार (15-20 लाख की इनोवा क्रिस्टा ), जमीन भी लड़के वालों को दिया था। ससुराल पक्ष के खिलाफ धारा 304 (बी) (दहेज के कारण हत्या) का केस दर्ज किया गया है।

एसीपी आदित्य ने बताया कि मृतका के भाई ने सबसे पहले दहेज के कारण मौत की शिकायत दर्ज कराई। शारीरिक प्रताड़ना के कोई भी संकेत नहीं पाए गए है। साल्शा के पैरेंट्स का कहना है कि लड़के वाले हमेशा दहेज की मांग करते रहते थे जबकि शादी काफी धूमधाम से और रॉयल अंदाज में की गई थी। बारात वालों के ऊपर भी काफी पैसे खर्च किए गए थे।

रोशन का खुद का गल्फ में बिजनस है और साल्शा के आत्महत्या करने के बाद पूरा परिवार गायब हो गया था लेकिन आखिरकार उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है। केरल हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज कर दी है।

बेटियों को बनाएं कॉन्फिडेंट

ये बात सच है कि दहेज के मामलों को कम करने के लिए और उन्हें सख्ती के साथ निपटाने के लिए कई कठोर कानून बनाए गए हैं। यहां तक कि पैसे या गिफ्ट भी शादी में लिया जाना दहेज की श्रेणी में रखा गया है। दुख की बात ये है कि पैरेंट्स अभी भी शादी को बेटियों की जिंदगी का अंतिम लक्ष्य मानते हैं।

इससे भी ज्यादा सरप्राइज करने वाली बात ये है कि साल्शा खुद भी गल्फ में थी और अगर उसे प्रोत्साहित किया जाता तो वो खुद भी अपना करियर बना सकती थी।

वो समय अब जा चुका है जब बेटियों को सिर्फ घर के काम-काज में निपुण होने और पतिव्रता पत्नी बनने की ट्रेनिंग दी जाती थी। आज के समय में उन्हें एक शानदार प्रोफेशनल के रूप में बड़ा करना चाहिए ताकि वो पुरूषों को भी पीछे छोड़ दें। उन्हें भी लगना चाहिए घर चलाने के सिर्फ पुरूषों को नहीं बल्कि महिलाओं को भी कमाना चाहिए और इसमें उनकी भी भागेदारी होनी चाहिए।

आज के समय में लड़कियों को सिखाना चाहिए कि उनकी जिंदगी परिवार और किचन के बाहर भी है। पैरेंट्स को लड़कियों को बुरे दौर से गुजरने के भी तैयार करना चाहिए ताकि वो खुद अपना निर्णय ले सकें और एक कॉन्फिडेंट युवा लड़की के रूप में बड़ी हो। दुख की बात है कि साल्शा इस स्थिति में नहीं थी कि वो सही फैसला ले सके।