5 लक्षण...कहीं आपके बच्चे को आंखों की जांच की जरूरत तो नहीं!

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छोटे बच्चों में कमजोर नजर की समस्या पर ध्यान जाना मुश्किल होता है। ज्यादातर समय बच्चे खुद भी समस्या को नहीं समझ पाते हैं।

छोटे बच्चों में कमजोर नजर की समस्या पर ध्यान जाना मुश्किल होता है। ज्यादातर समय बच्चे खुद भी समस्या को नहीं समझ पाते हैं। बतौर पैरेंट्स ये हम पर निर्भर है कि हम उनके व्यवहार में और शारीरिक बदलाव को समझें और स्पेशलिस्ट के पास ले जाएं। 

बड़े हो रहे बच्चों में कमजोर नजर की समस्या बहुत ही आम होती है। जब बच्चे कमजोर दृष्टि का अनुभव करते हैं तो वो अपना विजन इस दौरान एडजस्ट करने की कोशिश करते हैं और इससे उनकी आखें और खराब होती हैं।

सबसे बेहतर होगा कि बच्चों को डॉक्टर के पास रूटीन चेकअप के लिए ले जाते रहें और इन 5 लक्षणों पर ध्यान दें जिससे आपको पता चलेगा कि आपके बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाने की जरूरत है या नहीं।

1.टीवी के नजदीक बैठना: ये सबसे आम लक्षण है जिसपर आपको जरूर ध्यान देना चाहिए। अगर टीवी चल रहा है और आपने नोटिस किया है कि आपका बच्चा टीवी के बहुत पास जाकर देखता है तो ये ना सोचें कि आपका बच्चा अपने फेवरिट कार्टून कैरेक्टर के पास जाना चाहता है।

ये बच्चों की अचेतन प्रतिक्रिया होती है कि वो बिल्कुल साफ-साफ देखना चाहते हैं। अगर आप भी अपने बच्चों को सोफा से उठकर पास जाकर टीवी देखते पाएं तो बेहतर होगा कि जल्द ही डॉक्टर के पास अप्वाइंटमेंट बुक कर लें।

src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/10/eye test.jpg 5 लक्षण...कहीं आपके बच्चे को आंखों की जांच की जरूरत तो नहीं!

2. बार-बार एक आंख बंद करना: क्या आपने कभी देखा है कि आपका बच्चा किसी चीज पर फोकस एक आंख बंद करके कर रहा है या बार बार एक आखें बंद कर कुछ देखने की कोशिश कर रहा है ?

इसका अर्थ है कि बच्चा अपनी मजबूत आखों का इस्तेमाल करना चाह रहा है क्योंकि दोनों आखों से वो साफ-साफ नहीं देख सकते। इसे lazy eye भी कहते हैं। अगर ऐसा है तो इसमें बिल्कुल भी देरी ना करें और डॉक्टर के पास लेकर जाएं क्योंकि इससे आगे आंख और भी कमजोर होती जाएगी।

3. आखें मलना: बहुत ही छोटे बच्चे हो सकता है आपको ना समझा पाएं कि उन्हें धुंधला दिखता है। इस वजह से वो अपनी आखें मलते नजर आएंगे और वो साथ ही अधिक घर में उधम मचा सकते हैं। या उनका व्यवहार चिड़चिड़ा हो सकता है।

इसके अलावा आखों से पानी आना भी कमजोर नजर का एक लक्षण है। अगर ऐसा कुछ आपके बच्चे के साथ भी हो रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से अप्वाइंटमेंट लें।

4.स्कूल में समझने में समस्या: जब स्कूल जाने वाले बच्चे कमजोर नजर  की समस्या से गुजरते हैं तो सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें ब्लैकबोर्ड पर लिखी चीजों को पढ़ने में होती है। इससे उन्हें स्कूल में क्या हो रहा है ये समझने में समस्या होती है और रिजल्ट भी खराब होता है। कभी कभी शिक्षक इसे नहीं समझ पाते हैं लेकिन यह बतौर पैरेंट्स आपकी प्राथमिकता है कि उनका हेल्थ हमेशा अच्छा रहे।

5. सिर में दर्द और चक्कर आना: बड़े बच्चे सिर दर्द आ चक्कर आने पर बता सकते हैं लेकिन छोटे बच्चों अपने चिड़चिड़े व्यवहार से आपको संकेत दे सकते हैं। अगर आपको भी लगता है कि आपके बच्चों में भी ऐसा लक्षण है तो देरी ना करें और तुरंत अच्छे आंख के डॉक्टर से अप्ववाइंटमेंट लें।