5 गलतियां जो भारतीय महिलाएं बेबी को सुलाने में करती हैं

यहां बच्चों को सुलाने में की जाने वाली 5 गलतियों के बारे में बता रहे हैं जो अक्सर भारतीय महिलाएं करती हैं। अगर आप भी अच्छी और गहरी नींद को संजोए रखना चाहती हैं तो लेख को जरुर पढ़ें।

अगर आप एक नई मां हैं तो जाहिर है कि रात में ना सो पाना या अधिक थका हुआ होना आपकी जिंदगी का हिस्सा बन गया है।

कोई भी नए पैरेंट्स अचानक जिम्मेदारी बढ़ जाने से अभिभूत हो जाते हैं और विशेषज्ञों के अनुसार हम बहुत अधिक मेहनत कर स्थिति को और भी अधिक कठिन बना देते हैं।

कई ऐसी सामान्य गलतियां है जो ज्यादातर पैरेंट्स करते हैं और इससे वो और अधिक परेशान महसूस करते हैं। कई ऐसे पुरानी प्रथाएं हैं जो आज भी माना जाता है और फायदे से ज्यादा नुकसान करता है।

इन सब में बच्चों को सुलाना हमें अक्सर काफी आकर्षित करने वाला विषय लगता है। अगर आप भी अपने बच्चों को सुलाने की कोशिश करते हैं लेकिन सफलता नहीं मिलती तो जरुरी है कि आप भी इन गलतियों के बारे में जाने जो हो सकता है आप कर रहीं हो।

1. सुलाने के लिए स्तनपान: ये एक सबसे सामान्य गलती है जो हर नई मां करती है वो भी खासकर हमारे देश में। ये काफी नॉर्मल बात है कि नवजात शिशुओं के सोने का सुगठित रूटीन नहीं होता है। महिलाएं बच्चों को सुलाने का शॉर्टकट तरीका अपनाना चाहती हैं।

 
breastfeeding

इससे हो सकता है थोड़ी देर के लिए आपको मदद मिले लेकिन बेबी स्तनपान करने के दौरान थक जाते हैं इसलिए वो थोड़ी देर के लिए सोते हैं और फिर उठ जाते हैं।

चूंकि बच्चे को आप सोने के लिए स्तनपान की आदत लगा चुकी हैं इसलिए हो सकता है फिर से सोने के लिए वो आपको ही खोजेगा।

सबसे बेहतर होगा कि बेबी को सोने से कुछ देर पहले दूध पिलाएं और सोने के वक्त लोरी सुनाएं या किताब पढ़ें।

जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा। आप कुछ महीनों के बच्चों के लिए भी किताब पढ़ सकते हैं। हो सकता है कि वो कुछ ना समझें लेकन आपकी धीमी आवाज सुनते सुनते वो सो जाएंगे।

2. लाइट ऑन रखें: कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें लगता है बच्चों के कमरे में अंधेरा नहीं होना चाहिए। भारतीय लॉजिक के अनुसार जब बच्चे रात को उठते हैं तो वो अंधेरे से डर जाते हैं लेकिन विशेषज्ञ कुछ और मानते हैं।

बच्चों की नींद के विशेषज्ञ मानते हैं कि कमरे में अंधेरा करने से सोने के अनुकूल माहौल बनता है और बच्चों को दिन और रात भी समझ में आता है।

3. बच्चों को गोद में सुलाना: ये भी एक ऐसी आदत है जिसमें पैरेंट्स विश्वास करते हैं । आपने देखा होगा कि पैरेंट्स बच्चों को गोद में हल्का घूमते हुए या झूला झुलाते हुए सुलाने की कोशिश करते हैं। बच्चों को सुलाने का सबसे आसान तरीका है कि उन्हें एक कंफर्टेबल बेड पर सुलाएं। उनके बगल में बैठें और वो खुद धीरे धीरे सो जाएंगे।

 
baby safety

4. बहुत सारे खिलौने: खिलौन, रॉकिंग चेयर, नींद  के लिए लाइट इत्यादि  की वजह से इतनी अधिक अव्यवस्था हो जाती है कि ये फायदे की जगह नुकसान करती है।

ज्यादातर नींद विशेषज्ञ मानते हैं कि बोरिंग माहौल होने से बच्चों को लगता है कुछ एक्साइटिंग नहीं हो रहा है इसलिए सो जाना बेहतर है। खेलने के समय भी आप ऐसा कर सकते हैं।

5. कमरे को गर्म रखना: अक्सर बुजुर्गों को आपने कहते सुना होगा कि बच्चों के कमरे को गर्म रखने से उसे सर्दी नहीं होगी।

लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार ठंढा तापमान काफी आराम देता है और बच्चों को अच्छी नींद आती है। अगर एसी ऑन रखते हैं तो आप बेबी को पूरे बांह के कपड़े पहनाएं और चैन की नींद सोने दें।