3 बातें जो शादी के बाद हमारे देश में हर नई बहू को सुननी पड़ती है

''अब यही तुम्हारा घर है''

शादी करना हर किसी की जिंदगी का सबसे खुशी भरा लम्हा होता है लेकिन इसके साथ ही कई तरह के एडजस्टमेंट करने पड़ते हैं।आखिर इसलिए तो कहा जाता है कि ससुराल कोई मखमली एहसास नहीं या फूलों से सजा सेज नहीं होता।

शादी के बाद ससुराल में कई तारीफें सुनने को मिलती हैं जैसे तुमसे खूबसूरत दुल्हन नहीं देखी और भी बहुत कुछ लेकिन एक नई दुल्हन को और भी कई बातें सुनने को मिलती हैं जो शायद उन्हें पसंद ना आए।

ये कमेंट दुल्हन को 'सलाहके रूप में दिए जाते हैं जो काफी असंवेदनशील और दुखदायी होते हैं। आप उनपर हंसे या चुपके से आंसू बहा लें लेकिन कई बार नए परिवार से मिले ऐसे कमेंट हमें मजबूर और लाचार सा एहसास कराते हैं।

यहां हम आपको तीन खास बातें बता रहे हैं जो हर नई दुल्हन को अपने ससुराल में सुननी पड़ती है।

1.''अब यही तुम्हारा घर है''

ये कमेंट ज्यादातर सास से सुनने को मिलते हैं और ये शायद उतना ही पुराना है जितना हमारे देश में शादी का कॉन्सेप्ट। हालांकि इसे आप चाहें तो सकारात्मक तरीके से भी ले सकते हैं लेकिन मुझे इससे समस्या है कि ये बात याद दिलाती है कि उसे अपने घरवालों से रिश्ते तोड़ने पड़ेंगे या भावनात्मक लगाव खत्म करना पड़ेगा।

ये कभी तनावपूर्ण है कि लड़कियों से उम्मीद की जाती है कि वो तुरंत अपने घर को और पैरेंट्स को भूल जाएं और अपने पति के घर को अपना ले और सबकुछ माने।

हम सभी पति के घर को अपना घर बनाना चाहते हैं और इसलिए हमने आपके बेटे से शादी की लेकिन प्रिय सासू मां क्या आपने ये सुना है कि मकान घर तब बनता है जब उसे भी वही प्यार वहां मिलेहम आपका प्यार पाने के लिए तैयार हैं और आप जितना देंगी उससे दुगना प्यार हम आपसे करेंगे लेकिन ये तभी संभव है जब आप आदेश देना बंद करेंगी!

2."हमारे यहां ऐसा नहीं होता"

इसमें मेरा फेवरिट रिप्लाई है 'हमारे यहां भी ऐसा नहीं होता,' लेकिन नई बहू के तौर पर हमें इसे बर्दाश्त करना पड़ता है। ये सच है कि हर घर के रीति-रिवाज अलग अलग होते हैं लेकिन पता नहीं क्यों ससुराल वाले हमेशा इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि सिर्फ उनके ही रीति-रिवाजों को माना जाए।

क्या ये दिलचस्प नहीं होता कि वो भी जाने कि दुल्हन के यहां कैसे परंपराएं और रीति-रिवाज होते हैं और कैसे बाकी पर्व त्योहार मनाया जाता हैहो सकता है कुछ चीजें उन्हें भी अच्छी लगे लेकिन अगर वो देखना चाहें तो।

3."अब जल्दी खुशखबरी दे दो"

क्या सच मेंकितनी जल्दीक्या आज हीहमें नहीं पता कि आप खुश होंगे या नहीं लेकिन हम फैसला कर चुके हैं कि कब गुड न्यूज सुनाना है।मजाक से इतर बात करें तो ये काफी असंवेदनशील है कि नई बहुओं का इस तरह स्वागत किया जाता है जब वो काफी खुश होती है।

ये कहकर आप उसके त्याग को कम करके आंक रहे हैं और आपके बेटे की जिंदगी में आई है। यह कहकर उसे याद दिलाना ठीक नहीं है कि उसका काम सिर्फ बच्चों को जन्म देना है। एक और बात आखिर पुरूषों से क्यों ये सवाल नहीं किया जाता आखिर बेबी को दुनिया में लाने में सिर्फ बहू नहीं बेटे की भी भागेदारी होती है।