21 साल की झारखण्ड की महिला ने परीक्षा भवन में बच्चे को जन्म दिया

21 साल की झारखण्ड की महिला ने परीक्षा भवन में बच्चे को जन्म दिया

भारती कुमारी अपने थर्ड इयर बैचलर ऑफ़ आर्ट के एग्जाम देने घर से 25 किलोमीटर दूर कॉलेज गयी और उसने गिरिडीह जिले के ही एक examination centre में कथित तौर पर लड़के को जन्म दिया । जितकुण्डि गाँव की रहने वाली और धनवर में आदर्श कॉलेज में बैचलर ऑफ़ आर्ट्स का एग्जाम देने वो घर से 25 किलोमीटर दूर आया करती थी ।

एक लीडिंग डेली के खबर के मुताबिक कुमारी एग्जाम सेंटर में तय समय से 2 घण्टे पहले ही पहुँच गयी थी और आधे घंटे पहले उसे लेबर पेन शुरू हो गया। मीडिया से बात मरते हुए कॉलेज के आला अधिकारियों ने बताया की कुमारी बिल्कुल ठीक लग रही थीं जब वो एग्जाम देने हॉल पहुंची । लेकिन जैसे ही उन्हें लेबर पेन शुरू हुआ वैसे ही उन्होंने पास के ही नर्सिंग होम से सारी मेडिकल सहायता मंगवा ली ।

लेकिन इससे पहले की वो कुमारी तक पहुँचते, उसने पहले ही बच्चे को जन्म दे दिया था । माँ और बच्चे दोनों को तुरन्त हॉस्पिटल भेजा गया जहाँ दोनों के हालातों को स्वस्थ्य घोषित कर दिया गया । उन्हें उसी दिन दोपहर में डिस्चार्ज कर दिया गया ।Examination सेंटर के सुपरिटेंडेंट अरुण कुमार  ने लीडिंग डेली को बतया की 'सब बहुत खुश थे और भगवन का लाख लाख शुक्रिया अदा कर रहे थे की माँ और बच्चा दोनों को कुछ नहीं हुआ।""जैसे ही उसे लेबर पेन शुरू हुआ वैसे ही हमारी साथी विनीता कुमारी उन्हें एक खाली कमरे में ले जाने लगी लेकिन डिलीवरी रास्ते में ही हो गयी।"

Emergency birth को कैसे हैंडल करें ?
यहाँ नर्सिंग टीम बहुत हल्फि एक्शन में आ गयी थी लेकिन कई बार ऐसा होता है की आप अकेली हों या किसी ऐसे व्यक्ति के साथ हों जो डिलीवरी करवा सके । ऐसी स्थिति में आप इन गाइडलाइन को फॉलो करके माँ और बच्चा दोनों को सुरक्षित बचा सकते हैं ।

• ऐसी situation में इमरजेंसी सेवा को कॉल करके उनका इंतज़ार करना चाहिए । अगर वो टाइम पर आप तक न पहुँच पाएं और आप बेबी को पेट में रोके न रख सकें तो खुद ही डिलीवरी के लिए तैयार रहें । जैसे हु बेबी बाहर आ जाये उसे टॉवल में लपेट लें और अपनी छाती के पास ले आएं । अब उसके ribs को थोडा रगडें ताकि उसे सांस मिल सके । जब आप कम्फ़र्टेबल महसूस काटें तब उसे स्तनपान कराएं।
• साथ में खड़े व्यक्ति को तुरन्त दौड़कर एक साफ़ टॉवल, ब्लैंकेट, टिश्यू या सेनेटरी नैपकिन आदि की व्यवस्था करने के साथ-साथ इमरजेंसी कॉल करना चाहिए । इस बात का भी ध्यान रखें की आपके पास गुनगुना पानी भी हो ताकि आप बच्चे को साफ़ कर सकें ।
हालाँकि ये सभी गाइडलाइन पढ़ने में आसान लग रही हैं लेकिन ऐसे इमरजेंसी में बिलकुल पॉइंट टू पॉइंट इसे फॉलो करना चाहिए । ऐसी अवस्था में लिए हमेंशा खुद को तैयार रखना चाहिए ।अगर माँ थोड़ी देर डिलीवरी रोक सके तो सबसे अच्छा होगा आप किसी तरह महिला को पास के किसी हॉस्पिटल में ले जाएँ ।

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