20, 30 या 40 साल में प्रेग्नेंसी..जानिए क्या है खतरा?

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उम्र के हर पड़ाव में प्रेग्नेंसी में कई तरह के खतरे भी होते हैं। एक नजर डालते हैं कि 20s, 30s और 40s में गर्भवती होने वाली माओं को क्या क्या तैयारी करनी चाहिए और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ये मायने नहीं रखता कि आप जिंदगी के किस पड़ाव में प्रेग्नेंट होती हैं, प्रेग्नेंसी हमेशा ही एक्साइटिंग और खूबसूरत समय होता है। लेकिन उम्र के हर पड़ाव में प्रेग्नेंसी में कई तरह के खतरे भी होते हैं। हमने पहले भी बताया है कि मां बनने की सबसे आइडल उम्र 34 साल होती है। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि उम्र के 30वें बसंत में प्रेग्नेंसी का सफर बिल्कुल आसान होगा। आइए एक नजर डालते हैं कि 20s, 30s और 40s में गर्भवती होने वाली माओं को क्या क्या तैयारी करनी चाहिए और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

20s में प्रेग्नेंसी

इस समय को सबसे ज्यादा फर्टाइल भी माना जाता है। “एक रिर्सच के अनुसार अगर आप गर्भनिरोधक का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं तो 20s में हर महीने गर्भधारण करने की 20 प्रतिशत संभावना होती है। इस समय हाइपरटेंशन और जैस्टेशन डायबिटीज की समस्या भी कम होती है। डॉक्टर व्यायाम करने की और पौष्टिक भोजन की सलाह देते हैं ताकि डिलिवरी आसानी से हो और स्वास्थ्य अच्छा रहे। स्टडी से पता चलता है कि महिलाएं जो अपने 20s में प्रेग्नेंट होती हैं उन्हें ब्रेस्ट और ओवरियन कैंसर की संभावनाएं कम होती हैं। 

20s में बच्चों को जन्म देने में उन्हें अनुवांशिक बीमारियां होने की संभावना कम होती है।लेकिन महत्वपूर्ण नोट करने वाली ये है कि 20s में महिलाएं सबसे ज्यादा अनुवांशिक बीमारियां के साथ बच्चों को जन्म देती हैं क्योंकि उन्हें कम स्क्रीनिंग टेस्ट से गुजरना पड़ता जबकि महिलाएं जो 35 साल से अधिक उम्र की होती हैं उनके अधिक टेस्ट होते हैं। 

20s में महिलाओं को 9.5 प्रतिशत गर्भपात की संभावना होती है जो किसी भी बाकि उम्र के मुकाबले कम है। 
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 30s में प्रेग्नेंसी

35 साल के बाद फर्टिलिटी धीरे धीरे कम होती जाती है और गर्भ धारण करना भी मुश्किल हो जाता है।वुमन हेल्थ के अनुसार इस दौरान गर्भपात और जन्म दोष की भी संभावना होती है। इस समय हाइपरटेंशन और जैस्टेशन डाइबिटीज की भी समस्या होती है। लेकिन इस वजह से निराश होने की जरूरत है बल्कि खुद को प्रोत्साहित करें और हमेशा महिला रोग विशेषज्ञ से मिलते रहें। 

ये भी नोट करने वाली बात है कि 30s के बाद गर्भ धारण करने की संभावना अधिक होती है। CDC के अनुसार अगर इस दौरान एक से अधिक प्रेग्नेंसी के कारण कम वजन या समय से पहले बेबी होने की अधिक संभावना होती है। 

लंबा और कठिन प्रसव भी 30s में काफी कॉमन होता है। ज्यादातर समय 30 के बाद महिलाएं रक्तस्त्राव और बाकी मुश्किलों से बचने के लिए सी-सेक्शन को महत्व देती है।अब कुछ अच्छी बात करें तो राहत देने वाली बात ये है कि हाल के एक स्टडी में पता चला है महिलाएं जो 33 साल के बाद बेबी को जन्म देती हैं उनकी लंबी उम्र होती है। 

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photo: dreamstime

40s में प्रेग्नेंसी

ये कहने की जरूरत नहीं है कि 40 साल के बाद प्रेग्नेंसी में कई तरह के खतरे होते हैं। आइए इसे और नजदीक से समझते हैं। ऐसा पाया गया है 40 से 44 के बीच की एक तिहाई महिलाओं को गर्भपात होने की संभावना होती है प्लेसेंटा का अधिक नीचे की ओर होना या कम वजन के बच्चों का होना भी 40 साल के बाद प्रेग्नेंसी में काफी आम है।  

45 से अधिक साल की महिलाओं में अमेरिकन शोधकर्ताओं ने पाया कि आधे से ज्यादा गर्भवती महिलाओं का गर्भपात हो जाता है। 40s में जन्म देने वाली माओं के बेबी में औसतन 66 में से 1 में क्रोमोजोमल समस्या होती है जैसे डाउन सिन्ड्रॉम। इसलिए महिलाओं को हमेशा अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए ताकि स्वस्थ्य और सुरक्षित डिलिवरी हो। 

हालिया स्टडी में पता चला है कि 40 से अधिक उम्र की महिलाओं में अगर अधिक दवाओं के बिना रही हो तो अधिक लंबी उम्र की संभावना होती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि शायद शरीर में ओस्ट्रोजेन का प्रोड्यूस होना भी एक कारण हो सकता है क्योंकि इससे दिल, हड्डियां मजबूत रहती है।

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Source: theindusparent