बच्चों के लिए घर को सुरक्षित रखने के 18 अचूक उपाय ।

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आपका बच्चा चाहे जितना भी प्यारा हो, गर्म कपड़ों में प्यार से लिपट के सोया रहता हो, लेकिन एक बार अगर उसने चलना सीख लिया तो वो कई चीजों से टकराएगा और खुद को चोट लगा लेगा । और अगर आपने उसे एक बेबी वॉकर लाकर दे दिया है ये सोचकर की इससे आप अनहोनी होने से बचा लेंगी तो दोबारा सोचिये ।

घर को बेबी प्रूफ कब करें ?
इसकी शुरुवात बच्चे के जन्म के साथ ही कर देनी चाहिए । ePsyClinic.com की चीफ साइकोलोजिस्ट स्मृति साहनी बताती हैं की " बच्चे प्राकृतिक रूप से नयी चीजें सीखने के लिए व्याकुल होते हैं । ऐसे में जैसे ही बच्चा रेंगना शुरू करता है और घर बेबी प्रूफ ना हो तो फिर समस्याएं उत्पन्न होती हैं । बच्चे को चोट लग सकती है ।जालंधर के BM न्यू बोर्न एंड चाइल्ड केअर सेंटर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ तरलोचन सिंह रंध्वा कहते हैं की अपने बच्चे के सुरक्षित खेलने और घूमने फिरने के लिए आपको अपने घर को बेबी प्रूफ बनाना होगा । बड़ी खतरनाक जगहों पर ध्यान दें जैसे खिलौने, किचन, सीढियाँ,बाथरूम, बाथ टब,फर्नीचर, रैंप, पालतू जानवर, खिड़की, पौधे आदि।

घर को बेबी प्रूफ कैसे बनाएं ?

इन चेकलिस्ट की मदद लें ।

  • शयनकक्ष : अपने बच्चे के कमरे को साफ़ रूहें । बम्पर, कम्बल, तकिया खिलौने आदि को निकाल दें । ये सभी चीजें आपके बच्चे को असहज कर सकती हैं और उसका दम घुट सकता है ।गुडगाँव के डब्लू हॉस्पिटल बाय प्रतीक्षा की डायरेक्टर रागिनी अग्रवाल कहती हैं की मोबाइल फ़ोन से लटकी हुई कोई चैन या ऐसी कोई व्हिज हो तो उसे भी जता दें क्योंकि बच्चा सहज ही इसे अपनी और खींचता है और हो सकता है की वो इसे खा जाए ।
  • बाथरूम : पानी के श्रोत का पता करें । बच्चे को फिसलने आदि से बचाएं ।डॉ अग्रवाल कहती हैं की हो सकता है की आपके नन्हे नंगे बच्चे को कमरे तक भाग के पकड़ना पड़े ऐसे में सावधानी बरतनी जरूरी है।
  • किचन और प्रार्थना गृह : जिन जगहों पर गर्मी या आग जलती हो उस जगह से बच्चे को दूर ही रखें ।वास्तु के मुताबिक सुबह शाम एक दिया जलाया जाता है जिससे घर में शांति आती है ।तो अगर आप भी इस चीज को फॉलो कर रही हैं तो ध्यान रखें की बच्चा इसकी पहुँच से दूर हो ।
  • लिविंग रूम : दरवाजे आसानी से लॉक होने वाले तालों का प्रयोग करें । घर में चाभियाँ ना रखें ।
  • सीढ़ियाँ : अगर आपके घर में दूसरा फ्लोर है तो बेबी गेट होना बहुत जरूरी है ।हर कमरे में इन बातों को सुनिश्चित कर लें ।
  • पालना : उन जगहों का पता करें जहाँ से बच्चा गिर सकता हो जैसे की पालना ।सुनिश्चित करें की पालना ज़मीन से ज्यादा ऊंचा ना हो और उसका सुरक्षा घेरा मजबूत हो और उसमे कोई खरोंचें ना हो ।
  • कैबिनेट : उन जगहों की पहचान करें जहाँ आपने जहरीली चीजें रखी हों । बच्चे किसी भी चीज़ को समझने या जानने के लिए उसे सीधा अपने मुह में रख लेते हैं ।इसीलिए दवाइयाँ, गार्डन में डाली जाने वाली दवाइयाँ यहाँ तक की आपका अपना पर्स भी आप बच्चों की पहुंच से दूर रखें ।
  • ड्रावर्स : कपड़ों के ड्रावर को हमेशा बन्द रखें । सुनिश्चित करें की ड्रावर का हैंडल अच्छे से बंद हो क्योंकि खुले ड्रावर में बच्चे चढ़ने का प्रयास कर सकते हैं ।
  • फ्लोरिंग :फर्श पर दरी बिछा कर रखें । और ऐसी चीजों को हटा दें जो बच्चे के गले में फंस सकती हों ।
  • बिजली के स्विच : बिजली के झटके लगने वाली जगहों को ढूंढें और उनमे बाहरी कवच लगा दें । अगर बच्चा रेंगने लगा है तो वो बिजली के सॉकेट में उँगलियाँ डालने की कोशिश करता है ।
  • बिजली के उपकरण :खतरनाक उपकरणों का चयन करें जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप,ड्रिल, हथौड़े, आदि और उन्हें किसी जगह लॉक कर के रख दें ।अपने फ्रिज को भी बंद करके रखें । ePsyClinic।com से साहनी बताते हैं की बच्चों के लिए फ्रिज एक बहुत ही आकर्षक चीज़ होती है ऐसे में मुमकिन है की वो कुछ ऐसी चीजें खा ले जो उसके गले में फंस जाए ।
  • मनोरंजन की चीजें : टीवी को एक बंद कैबिनेट के पीछे रखें या दिवार पर माउंट कर दें ।

घर को बेबी प्रूफ बनाने का एक मतलब आपात की स्तिथि में खुद को तैयार रखना भी है ।

  • फर्स्ट ऐड बॉक्स कैबिनेट : फर्स्ट ऐड बॉक्स का होना जरूरी है । बच्चे के कट, छिल, जल जाने पर या किसी कीड़े के काट लेने पर आपको इसकी सख्त जरूरत महसूस होगी ।CPR देने की ट्रेनिंग आप ले लें ताकि दम घुटने जैसी स्थिति का आप सामना कर सकें ।
  • पेस्ट कण्ट्रोल करें : सुनिश्चित करें की आप नियमित पेस्ट कण्ट्रोल करवाते हों ताकि घर में खतरनाक कीड़े, छिपकली, चूहे आदि ना हों ।

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घर को मानसिक रूप से कैसे बेबी प्रूफ करें ?

इन बदलावों के अलावा घर में मानसिक रूप से भी ऐसे बदलाव करने की जरूरत है जिससे आपका बच्चा एक सुरक्षित वातावरण महसूस करे । साहनी बताते हैं " इसका मतलब ये भी है की बच्चा भावनात्मक रूप से खुद को सुरक्षित महसूस करे। घर को मानसिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए वो निम्नलिखित सुझाव देते हैं ।

  • बच्चे के सामने जोर से न चिल्लाएं या झगड़ा ना करें : बच्चे खुशिओं भरे घर में बहुत अच्छे से विकसित होते हैं । गुस्सा या नकारात्मक चीजें आपके बच्चे को डरा सकती हैं । अपने बच्चे के सामने प्यार से बात करने और उनव्हि आवाज़ में बात न करने की आदत डाल लें ।
  • घर पर आने वाले मेहमानों को लेकर बच्चे की प्रतिक्रिया जरूर जाँचें : सभी आगुंतक आपके बच्चे के लिए सुरक्षित हों ऐसा जरूरी नहीं है ।किसी ख़ास व्यक्ति को देखकर बच्चे के चेहरे पर डर का आना आपके बच्चे को ज़िन्दगी भर के लिए डरा सकता है । इसीलिए कभी भी अपने बच्चे को अपने मेहमानों के साथ अकेला ना छोड़ें।
  • संज्ञानात्मक उत्तेजना प्रदान करें : बच्चों के सामने ऐसी चीजों को रखें जो उसमे सीखन एकी ललक पैदा करे । उदाहरण के लिए किताबें  रखें, कुछ कपड़े आदि रखें ।
  • बच्चों के सामने टीवी, लैपटॉप, आई पैड आदि का ज्यादा इस्तेमाल ना करें इससे बच्चे में नई चीजें सीखन एकी ललक कम हो जाती है और वो अपने आस पास की चीजों के बारे में सीखना बंद कर सकता है । बच्चे को कम उम्र से तकनीक आदि से दूर रखें ।

जब आप घर को बेबी प्रूफ बनाने की लिस्ट बना रहे हों तो एक बात का ध्यान रखें की बच्चे को नयी चीजें सीखने को मिलती रहे, बच्चा स्वस्थ रहे और शारीरिक कसरत उसकी होती रहे । लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें की घर को बेबी प्रूफ बना दनी का मतलब ये नहीं होना चाहिए की आप बच्चे का ध्यान देंना ही बंद कर दें । इसीलिए बच्चे को नयी चीजें सीखने दें, समझने दें , सुरक्षित रखें और खुश रखें ।

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