नवजात के आगमन पर वास्तु शास्त्र की 7 युक्तियाँ

बच्चे को घर लाने से पहले वास्तु शास्त्र के इन नियमों का ध्यान रखें :
एक महिला के जीवन में मातृत्व न सिर्फ एक जरुरी समय होता है वल्कि इस दौरान जिम्मेदारियां भी बहुत बड़ी हो जाती हैं । आप अपने बच्चे के लिए हर काम परफेक्ट करना चाहती हैं तो क्यों न उसके आगमन को वास्तु शास्त्र के हिसाब से ख़ास बना दिया जाए ?
वास्तु कला और निर्माण की पारंपरिक शोध से निर्मित वास्तु शास्त्र को नए निर्माण से पहले सबसे ज्यादा ध्यान में रखा जाता है । हमने महा वास्तु मुंबई सेंटर के सीईओ और महावास्तु विशेषज्ञ प्रसाद कुलकर्णी से बात की और जाना उन वास्तु नियमों के बारे में जो आपके बच्चे के घर आगमन के लिए लाभकारी है ।

  • उत्तरी उत्तर-पूर्व को स्वास्थ क्षेत्र माना जाता है । इस जगह पर लाल, नारंगी, सुनहरे और पीले रंग के इस्तेमाल से बचें । इनकी जगह लकड़ी के पिरामिड या तुलसी जैसे पौधे लगायें जो बच्चे में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर साबित होती है ।
  • अगर बच्चे का शयनकक्ष घर के दक्षिणी सिरे पर है तो गुलाबी, नारंगी और लाल रंग का इस्तेमाल करें । इससे बच्चे की मानसिक और शारीरिक शक्ति की वृद्धि होती है । खासकर दक्षिणी दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले या काले रंग के इस्तेमाल से बचें ।
  • अगर बच्चे का शयनकक्ष घर के पश्चिमी हिस्से में है तो नीले और भेरे रंग का इस्तेमाल करें या गोलाकार और वर्गाकार वॉलपेपर का इस्तेमाल करें ।इसी तरह अगर शयनकक्ष उत्तरी दिशा में हो तो नीले और हरे शेड का इस्तेमाल करें ।
  • इंटीरियर तरंगनुमा या अंडाकार  हो तो बेहतर है ।परिवार की तस्वीर आप दक्षिण-पूर्व में लगा सकते हैं । इससे बच्चे के साथ आपका सम्बन्ध और भी गहरा होता जाएगा जो उसे आपको और आपके फॅमिली वैल्यू को समझने में मदद करेगा ।
  • दक्षिणी दक्षिण-पूर्व, पूर्वी दक्षिणी पूर्व और पश्चिमी उत्तरी-पश्चिम दिशा में बच्चों की तस्वीर वाले कैलेंडर ना लगायें ।
  • बच्चे के कपड़ों को दक्षिणी दक्षिण-पश्चिमी दिशा में ना रखें । इससे स्वास्थ सम्बन्धी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है ।
  • बच्चों के खिलौने को पूर्वी उत्तर-पूर्व , दक्षिणी दक्षिण-पूर्व, दक्षिणी-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखें ।
  • बिमारिओं से बचने के लिए दीवारों में कील ठोकने से बचें खासकर के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी-पूर्वी दिशा में ।

इन महावास्तु टिप्स का पालन करते हुए अपने नन्हे बच्चे का ख़ुशी और स्वस्थ माहौल में स्वागत करें ।  अगर आप कोई टिपण्णी करना चाहते हैं तो कृपया कमेंट बॉक्स में लिखें ।