13 महीने के बच्चे का development

13 महीने की उनर में बच्चे का विकास पूरी तरह से कम्युनिकेशन पर केंद्रित होता है । अपनी पसंद की चीज़ की और इशारा करने से इसकी शुरुवात होती है । लेकिन जैसे जैसे आप उसके इशारों को समझने लगेंगी वैसे वैसे वो सैंकड़ों तरीके ढूंढेगा आपको अपनी बात समझाने के लिए । अभी वो अपने हाथों को स्ट्रेच करेगा, ऊपर निचे कूद कूद कर आपकी गॉड में आने की कोशिश करेगा।

जब डिनर का टाइम होगा तब वो कुर्सी पकड़कर कूदने लगेगा । कई बार तो वो आपके साथ अचानक खेलना शुरू कर देगा या अपनी कोई पसंदीदा किताब लेकर आपके पास आ जाएगा ताकि आप उसे पढ़ के सुनायें । इस समय बच्चे बेबी साइन का भरपूर इस्तेमाल करते हैं क्योंकि अब उन्हें पता है की उनकी ये हरकतें उनकी माँ पर असर डालती हैं ।

अगर आपके अब तक कोई साइन लैंग्वेज बच्चे को नहीं सिखाई है तो कोई बात नहीं आप और आपका बच्चा अपने आप ही इशारों में बात करना सीख जाएगा । इस समय आपका बेबी ओन खुद का दिमाग विकसित कर रहा है और अच्छी बात ये है की इस बात को ज़ाहिर करने में वो बिलकुल भी शर्माते नही हैं । चिंता न करें ये बच्चे के विकास का ही एक हिस्सा है । कोशिश करते रहें और जल्दी ही आप दोनों एक दुसरे से बात करने लगेंगे ।

शारीरिक विकास 
रेंगना, घूमते रहना, चलना, चढ़ना आपका बच्चा अब हर तरह से मूवमेंट करने लगा है । चाहे वो खुद से खड़ा हो रहा हो, या कुछ थोड़ी ऊंचाई पर चढ़ रहा हो, या टहल रहा हो आपको चौतरफा ध्यान रखने की जरूरत है । और हाँ कोनों की तरफ भी !इतना चलना कूदना ये बताता है की उनमें बैठने का पेशेंस बिलकुल भी नही है । आपका बच्चा एक जगह टिक कर नहीं बैठना चाहता है , ऑफकोर्स कई बार और कोई रास्ता न होने पर तो वो बैठ ही जाएगा ।
मजबूत माँ बनें ! आपको अब अपने बच्चे के चीखने चिल्लाने वाले प्रोटेस्ट का भी सामना करना पड़ेगा । बच्चे के विकास की भी ये अपनी कमाल की दुनिया होती है । बच्चे में डेप्थ परसेप्शन का विकास अब भी हो रहा होता है । अपने पैरों पर खड़े होकर वो बिलकुल नए एंगल से दुनिया को देखता है । और इस बदलाव को आपका बच्चा एडजस्ट करने में लगा है । इसका मतलब ये है की आपका बच्चा अभी ऊंचाई और निचाई में तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहा है ।

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कुछ शोध के मुताबिक एक औसतन तौर पर बच्चे दिनभर में 38 बार गिरते हैं । लेकिन टेंशन मत लीजिये बच्चों में प्राकृतिक रूप से बहुत ही लचीली हड्डियां होती हैं । जैस जैसे वो बड़ा होता है उसकी हड्डियां भी मजबूत होती जाती हैं । लेकिन अभी उसकी लचीली हड्डियां ये तय करती हैं की बच्चे को लुडक पुड़क के भी कोई नुकसान न हो । और सिर्फ हड्डियां ही नहीं उसके वैर भी अब शेप में आने लगे हैं । उसके पैरों की हड्डियां भी अभी सेटल नही हुई हैं इसीलिए जब तक बच्चा कई हफ्ते या महीनों तक चल ना ले उसे जूते आदि न पहनाएं वरना उसके पैर जूते के अकार में विकसित होने लगेंगे ।

इन सबके अलावा जो कुछ और विकास अपने बच्चे में देख पाएंगे वो ये की अबी वो चीजों को फेंकने लगेगा, और आपको लगेगा की इतना छोटा बच्चा इतने मेस कैसे क्रिएट कर सकता है ?? ये सब बच्चों के विकास के स्टेज में होता ही है । वो अभी सब कुछ सीख रहा है खासकर के चीजों को खोलना, बंद करना, दूर फेंकना, आदि। कई बार वो आपको देखता रहता है ये सोचत्व हुए की आप उसे बताएंगे की उसे क्या करना है । वो आपकी नक़ल करता है वो उसे करने दें ।

संज्ञानात्मक विकास 
आपका बच्चा अभी क्रिया और उसकी प्रतिक्रिया को एक्स्प्लोर कर रहा है । इसीलिए वो बार बार गिरता है । उसे अपने चारों और की चीजों पर कण्ट्रोल बहुत अच्छी लगती है । आपको भले ही इसमें मज़ा आये न आये लेकिन आपका बच्चा इस नयी सेन्स का भरपूर आनंद उठाता है ।
लेकिन आपको एक दूसरी चीज़ जरूर पसंद आएगी और वो ये की अब आपका बच्चा आपसे बात करने की कोशिश में होता है ।

अब बच्चे को पता है की वो आपसे काम करवा सकता है । आपकी नक़ल उतारना, इशारा करना, शोर मचाना अब वो ये सभी काम करेगा इसीलिए अब बातचीत के इस अवलांचे के लिए तैयार रहिये । अब आपका बच्चा पहले की तरह नहीं रहा अब उसे जवाब का इंतज़ार रहता है । अगर वो आपको अपनी बात नहीं समझा पाएगा तो वो अपनी फ्रुस्ट्रेशन आपको दिखाएगा । अक्सर उसके दिमाग में एक फिक्स गोल होता है जिसे वो पाने की कोशिश करता रहता है ।

सोशल और इमोशनल विकास 
बच्चे के दिमाग में उसे पता होता है की उसे एक्सक्टली क्या चाहिए । लेकिन ये दुनिया उसे समझती नहीं है ! उसका दिमाग अब इतनी तेज़ी से विकसति हो रहा होता है की उसके शरीर को मैच करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है । और क्योंकि उसमे अब भी पेशेंस नहीं होता है इसीलिए उसमे फ्रुस्ट्रेशन, या जिद्दीपन बहुत जल्दी नज़र आने लगेगा । आपका नन्हा सा बच्चा अब अपने इमोशन्स बिलकुल नए स्तर पर दिखाना शुरू करेगा । अब वो अपनी परेफरेंस खुल के बताने लगता है, अब उसे हो सकता है खाने की जगह खेलना पसंद आये या अब उसे डायपर पहनने का मन न हो । अब आपको बच्चे संभालना मुश्किल हो जाएगा ।

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आपके बच्चे की दुनिया में अब भी उसके मम्मी पापा बिल्कुर केंद्र में हैं लेकिन अब वो बाहरी दुनिया के लोगों को भी डिस्कवर करने लगता है । अब वो दुसरे बच्चों में इंटरेस्ट लेने लगता है औने जैसे बच्चों से दोस्ती भी कर सकता है । आपका बच्चा अब औने आसपास के लोगों के साथ औने वर्ताव को भी बदलता रहता है , जैसे की मम्मी पापा के सामने तो वो स्माइल करता है लेकिन जैसे ही कोई अनजान दिखें तो उसका एक्सप्रेशन तुरन्त बदल जाता है । इस उम्र में बच्चों के लिए सबसे बढ़िया गेम है हाईड एंड सीक ।

जिन बच्चों ने सेपरेशन एंग्जायटी होती है उन बच्चों के लिए भी ये गेम बहुत अच्छा है । क्योंकि इससे उसे इस बात का एहसास रहता है की भले ही मम्मी डैडी उसे ना दिख रहे हों लेकिन फिर भी वो आसपास ही हैं । अगर आपको अपने बच्चे से दूर जाना ही पड़ रहा हो तो ज्यादा देर तक न जाएँ ।उसका रोना, सुबकना आपको दुःख तो पंहुचाता ही है लेकिन उसे स्माइलिंग चेहरा दिखाते हुए बाय बोलें। भले ही बच्चे रो रहे हों लेकिन जल्दी ही वो नार्मल हो जाते हैं इसीलिए ज्यादा टेंशन ना लें ।

भाषा और बोली 

आपके बच्चे की पहली भाषा अब भी उसका बॉडी लैंग्वेज ही हैं । अगर आपलोग साइन लैंग्वेज का इस्तेमाल करते हैं तो अब इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़ जाएगी । आपका बेबी अब नए नए नाम और आसपास की चीजों के नाम बोलना सीख रहे होते हैं । अब वो आपके साइन और आपके संकेत की चीजों के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहे हैं और इसका मतलब ये है की अब वो पैसिव वोकेबुलरी डेवलप कर रहे हैं . कुछ बच्चे अब कुछ शब्द बोलना भी शुरू कर देते हैं। बोली कुछ ख़ास मांसपेशियों के विकसित होने के बाद ही विकसित होती है । लेकिन अभी उसका सारा ध्यान बड़े मांसपेशियों के विकास पर ही होता है ताकि वो चल फिर सके ।

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स्वास्थ्य और पोषण

जैसे जैसे आपके बच्चे के फाइन मोटर डेवलप होते हैं वैसे वैसे आप उसे नयी नयी चीजें सीखा सकते हैं जैसे कप से या बोतल से पानी या दूध पीना आदि । इस वक़्त वो आसपास की चीजों पर अपना असर देखने की कोशिश कर रहा होता है और इसीलिए डिनर लंच आदि की टाइमिंग अब पहले जैसी नही रहती है ।  इन सबके अलावा और भी कई तरीके है। जिनसे वो अपनी सीमाएं तय करने की कोशिश करता है जैसे खाना फेंक दवना या खुद से खाने की कोशिश करना । ज्यादा चिंता न करें और दिमाग को ठंडा बनाये रखें ।

पेरेंट्स के लिए टिप्स 

घर को बेबी प्रूफ बनाने का समय आ गया है । बच्चे की जिज्ञासा जितनी तेज़ी से बढ़ी है आपको भी उतनी ही तेज़ी से उसके लिए माहौल को सुरक्षित करना होगा । बिजली के तार और सॉकेट्स को बच्चों की पहुँच से दूर रखें । शीशे के सामान को सेफ रखें । हर बच्चा अपनी गति से विकसित होता है कुछ 10 महीने में ही चलने लगते हैं तो कइयों को इसमें और ज्यादा समय लगता है । कई बार बच्चे किसी को भी आता जाता देख स्माइल पास करते हैं जबकि कई बच्चे अपनी स्माइल को स्पेशल मोमेंट्स के लिए बचाये रखते हैं ।

इन एक्टिविटीज का उनके भविष्य और शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। ये तो बस उनके निजी विकास का एक पहलू है। इतिहास गवाह है, मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने 3 साल की उम्र में बोलना शुरू किया था।अपने शिशु के विकास के बारे में और भी जानने के लिए आप हमारे अन्य आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं। और यदि आप अपने शिशु को लेकर ज्यादा चिंतित है तो अपने शिशु विशेषज्ञ से जल्द से जल्द संपर्क कर, अपनी दुविधा उन्हें बताए।

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