गर्मी से बचने के घरेलू उपाय

lead image

गर्मी की शुरुवात हो चुकी है । दहकते सूरज और उमस के साथ मिल जाने से त्वचा की समस्याएं जबरदस्त रूप से बढ़ जाती है । त्वचा में पसीने के रुक जाने से त्वचा में खुजली शुरू हो जाती है जिसे मिलियारिया कहा जाता है । इससे त्वचा पर लाल रेशे हो जाते हैं जिससे परेशानी बढ़ जाती है ।ये ज्यादातर गले, छाती, पीठ या जाँघों पर होता है । गर्मी सभी उम्र के लोगों पर असर डालती है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी और तकलीफदेह ये तब होता है जब आपको अपने नन्हे बच्चे को इससे परेशान होते देखना पड़ता है ।
इस तकलीफ से बचने के लिए सबसे पहला इलाज़ है शरीर को ठंडा और सूखा रखने के साथ साथ त्वचा को पर्याप्त मात्रा में हवा मिलनी चाहिए ।

नीम
मारगोसा पौधे की पत्तियों औषधीय और एंटीसेप्टिक गुण है और पारंपरिक रूप से इस तरह के खुजली और सूजन के रूप में एक पसीने दाने के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।नीम के पत्ते की एक मुट्ठी पीस लें और दाने पर लगाएँ। पेस्ट सूख जाता है एक बार ठंडे पानी से क्षेत्र धो लें। एक सप्ताह के लिए दिन में दो बार इस प्रक्रिया को दोहराएं। वैकल्पिक रूप से, पानी की 500 मिलीलीटर में लगभग 15-20 नीम के पत्ते उबाल लें। ठंडा हो जाने पर उसे प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें । इस प्रक्रिया को हफ्ते भर दिन में 4-5 बार दोहरायें ।

चन्दन 

 चन्दन में बहुत की ठंदन प्रदान करने वाले गुण होते हैं जो घमौरिओं की जलन को कम करके आपको आराम पहुंचाते हैं । गुलाब जल या ककड़ी के रस के साथ चन्दन का एक पेस्ट बना लें और उसे प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें । आधे घंटे के बाद इसे ठन्डे पानी से धो लें ।

आम पन्ना 

कांटेदार या यूँ कहें की घमौरी वाली गर्मी का इससे स्वादिष्ट इलाज़ शायद ही आपको मिले । कच्चे आम शरीर को ठंडा रखने वाले पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। यही कारण है की ये शरीर को भीतर से ठंडा करने में मदद करते हैं ।2-3 कच्चे आम को प्रेशर कुकर में पका लें और फिर उसके गुदे और बीज को अलग कर लें ।  अब इसमें चीनी, जीरा, मिंट और काला नमक मिला दें । अब इस मिश्रण को पर्याप्त पानी में मिलाकर गर्मिओं में पीयें ।

 

बेसन 

बेसन या चने के सत्तू में त्वचा की निर्जीव चमड़ी को हटाने और नमी को सोखने के गुण होते हैं । इसी कारण ये घमौरी वाली गर्मी में भी शरीर के लिए लाभदायक सिद्ध होते हैं ।गुलाब जल और चने के सत्तू का पेस्ट बनाकर नहाते समय शरीर पर लगायें । कुछ मिनट के लिए छोड़ने के बाद उसे धो लें ।

एलोवेरा 

एलोवेरा जेल की ठंडक देने और जलन से दूर रखने की क्षमता घमौरिओं और लाल रेशों  को जड़ से मिटा देने की क्षमता रखती है । एलोवेरा के पत्तों से ताजा जेल निकाल ले और शरीर के प्रभावित जगह पर लगा लें । इस प्रक्रिया को हफ्ते भर दिन में 2 बार दोहरायें ।

मुल्तानी मिट्टी 

मुल्तानी मिट्टी में साफ़ करने और एंटीसेप्टिक गुण दोनों ही होते हैं । इस मिट्टी को अपने शरीर के प्रभावित जगह पर दिन में एक बार हफ्ते भर लगाएं । बहुत जल्द आपको असर दिखना शुरू हो जाएगा । दो चम्मच मुलतानी मिट्टी को कुछ बूंद पानी में , गुलाब जल या ककड़ी के रस में मिला के त्वचा पर लगा लें ।

Hindi।indusparent।com द्वारा ऐसी ही और जानकारी और अपडेट्स के लिए  हमें  Facebook पर  Like करें