10 साल के बेटे को पिता ने इस कारण से बुरी तरह पीटा, मां ने की रिकॉर्डिंग

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बैंगलुरु का यह वीडियो जिसमें एक शख्स अपने 10 साल के बेटे को बुरी तरह पीट रहा है और इसे मां ने रिकॉर्ड किया है।

इस परफेक्ट दुनिया में पिता को सबसे अच्छा मार्गदर्शक, प्यार देने वाला और संरक्षक माना जाता है। लेकिन दुख की बात है कि असल दुनिया ऐसी नहीं है और इसे बैंगलुरु के इस पिता ने साबित कर दिया है जो बुरी तरह अपने 10 साल के बच्चे की पिटाई करते कैमरे में कैद हुआ।

इस क्लिप में पाया गया कि शख्स बिना किसी दया के अपने बेटे को बुरी तरह चार्जर से पीट रहा है। इसके बाद वो गर्दन पकड़ कर बच्चे को उठाता और बिस्तर पर पकट देता है। लेकिन ये बात यहीं खत्म नहीं होती।

शख्स ने की बुरी तरह पिटाई

37 साल का महेंद्र, जो पश्चिमी बेंगलुरु के ग्लोबल विलेज में रहता है; इस शख्स ने अपने बेटे का पहले गर्दन पकड़ा और कई बार उसे फर्श पर पटक देता है।

ये सब इसलिए हुआ था क्योंकि उस बच्चे ने एक झूठ बोला था।

अपने बेटे को यह शख्स बोल रहा है कि “मैंने कितनी बार कहा है कि झूठ मत बोलो”। बच्चा डर के मारे बस छोड़ देने की गुहार लगा रहा था लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा।

इस बीच मां बोलती है “कोई बच्चा ऐसे झूठ नहीं बोलता है”, बच्चे की मां शिल्पा ने ही इस घटना को रिकॉर्ड किया क्योंकि वो अपने बेटे को सबक सिखाना चाहती थी।

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src=https://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2018/01/Screen Shot 2018 01 11 at 2.40.05 pm 360x239.jpg 10 साल के बेटे को पिता ने इस कारण से बुरी तरह पीटा, मां ने की रिकॉर्डिंग

10 साल के बच्चे को मारने का कारण

इस वीडियो को 2 महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था। लेकिन ये प्रकाश में तब आया जब उस पिता ने अपने फोन को बनने दिया था। टेस्ट के दौरान दुकानदार ने इस वीडियो को देखा और एनजीओ को भी दिखाया।

इसके बाद ऑर्गनाइजेशन ने इस घटना की जानकारी लोकल पुलिस को दी और उन्होंने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने एक दैनिक अखबार से बात करते हुए कहा कि 10 साल का बच्चा ट्यूशन जाने के बारे में घर में झूठ बोलता था।

कंगेरी पोलिस ने कहा कि “ट्यूशन ना जाने और होमवर्क पूरा ना करने पर महेंद्र अपने बच्चे को बुरी तरह पीट रहा था। उसने अपनी पत्नी से कहा कि वो वीडियो बनाए ताकि अगली बार वीडियो दिखाकर वो बच्चे को डराए।“

एम एन अनुचैत,बेंगलुरु पुलिस के डिप्टी कमिशनर ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि “हमने पिता को जुवेनाइल केस के तहत गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। हमने पिता पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत धारा 82 और IPC की धारा 323 और 506 भी लगाया है।“

पिता के साथ बच्चे की मां को भी कस्टडी में लिया गया है। हालांकि मामले में आगे की जांच जारी है।

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पैरेंट्स द्वारा सबक सिखाने के और भी बच्चों को पीटे जाने की घटना

अगर आपको याद हो तो कुछ महीनों पहले भी एक दिल दहलाने वाला क्लिप सामने आया था जिसमें एक छोटी बच्ची पर पढ़ने का दबाब बनाया जा रहा था।

इस वीडियो की शुरुआत एक 4-5 साल की बच्ची 1 से 5 तक जोर-जोर से पढ़ने की कोशिश कर रही है। वो अटकती है और उसकी मां उसे गलतियों पर डांटती है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर दिखा दिया है कि बच्चों के मामले में पैरेंट्स को अधिक धैर्य रखने की जरुरत है। विशेषज्ञों की मानें तो सजा देना बच्चों को सबक सिखाने का तरीका नहीं है।

डॉ नव्या सिंह, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और wayForward.co.in की सह-संस्थापक ने theindusparent से बातचीत में कहा कि “अगर हम उनकी पिटाई करेंगे तो इससे उन्हें यह संदेश जाएगा कि दूसरो को पीटना गलत नहीं है और शारीरिक रूप से आक्रमण का अर्थ है खुद व्यक्त करना। ये बच्चे यही चीज सीखकर दूसरे बच्चों को भी सिखाएंगे।“

उनका कहना है कि पैरेंट्स को प्यार और धैर्य के साथ बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाना चाहिए।

  • बच्चे के साथ बातचीत की कोशिश करें और समझें कि वो क्यों ऐसा व्यवहार कर रहा है। उनकी जरुरतों को समझें। उनकी जरुरतों को समझने की कोशिश करें। उन्हें अपनी समस्याओं को खुद बताने दें।
  • सजा की जगह पुरस्कार दें और उन्हें बताएं कि उन्हें क्यों ये दिया गया है।
  • सकारात्मक एक्शन को सराहें और जब वो बुरा व्यवहार ना करें तो भी उनकी सराहना करें।

डॉ सिंह ने साथ ही ये भी कहा है कि “बच्चों के व्यवहार और साइकालॉजी को लेकर लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सजा देने से बच्चों के अनचाहे व्यवहार में कभी बदलाव नहीं आता है। इससे सिर्फ बच्चों का कॉन्फिडेंस कम होता है और वो चिंतित और दुखी रहते हैं।“

इसलिए सबसे बेस्ट होगा कि आप खुद को शांत करें फिर बच्चे को कंट्रोल करें।