सास ससुराल की समस्या नहीं, बन सकती हैं आपकी पार्टनर इन क्राइम...उन्हें दिल से डील करने में आप कहां हो रही हैं फेल...गौर कीज़िए...

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जरुरी नहीं कि हर किसी के जीवन में ससुराल सुख की सौगातें ही ले कर आए लेकिन कई बार हमें खुद ही अपने रास्ते बनाने होते हैं और वो भी पूरी लगन व ईमानदारी से ।

सास बिना ससुराल है सूना,

कोई ना पूछे कैसे पहुंची,

सेहत क्यों बनी है ऐसी,

बनाऊं क्या पसंद का खाना,

सास बिना सब लागे सूना...!!

अब कोई ना कहने वाला है

कि कुछ दिन और यहीं रुक जा

अभी तुमसे बातें पूरी हुई कहां ,

मैं भी तो तेरे जैसी हूं,

मायका मैंने भी छोड़ा है

अंतर है केवल इतना कि

मैं इस घर की माटी हूं

और तू हमारा सोना है...!!

इन पंक्तियों को मैंने अपने अनुभवों के आधार पर लिखा है खासकर उन महिलाओं के लिए जिन्हें कभी भी अपनी दूसरी मां यानि की सास का वात्सल्य नहीं मिल सका । लेकिन आजकल  विडंबना ऐसी है कि हर सास और बहु के रिश्ते को नफरत की तराजू पर तौला जाता है ।

जरुरी नहीं कि हर किसी के जीवन में ससुराल सुख की सौगातें ही ले कर आए लेकिन कई बार हमें खुद ही अपने रास्ते बनाने होते हैं और वो भी पूरी लगन व ईमानदारी से ।

Screen Shot 2017 09 22 at 12.41.41 pm सास ससुराल की समस्या नहीं, बन सकती हैं आपकी पार्टनर इन क्राइम...उन्हें दिल से डील करने में आप कहां हो रही हैं फेल...गौर कीज़िए...

विवाह और शादी शुदा जीवन का असली ट्वीस्ट बैंड बाजा बारात और विदाई के साल भर बाद ही सामने आता है । हालांकि कई नवविवाहित जोड़े पहले से ही सारी बातें क्लीयर रखते हैं । माना कि बचपन से लेकर विदाई होने तक के अपने सफर की सारथी आप खुद होती हैं लेकिन शादी के बाद रिश्तों को गंभीरता से लेना जरुरी हो जाता है उन्हें वक्त देना होता है कम से कम तब तक जब तक कि आपकी अच्छाई पर सबको यकीन ना हो जाए ।

ज्यादातर परिस्थिति में आपके माता-पिता आपकी हर ज़िद हर ख्वाहिश पूरी करने में संपूर्ण सहयोग देते हैं जिससे कई बार आप आने वाली जिंदगी के उतार –चढ़ाव को पहले से भांपने में फेल हो जाती हैं । शादी के बाद सबसे अपना सबसे खास आपके जीवनसाथी ही हो जाते हैं और सास एक सप्लिमेंट की तरह काम करती हैं ।

हो सकता है कि किसी कारण से आपकी सासु मां ने आपको अपने दिल में जगह नहीं दी हो लेकिन ये तो सच है कि वो हर मां की तरह अपने बेटे से सबसे ज्यादा प्यार करती होंगी । इसलिए उनकी भावनाओं को ठेस ना पहुंचाएं । जब आप उन्हें भावनात्मक असुरक्षा की भावना से दूर कर देंगी तब वो खुद ब खुद आपके लिए अच्छा सोचना शुरु कर देंगी ।

कैसे जीतें अपनी सासु मां का दिल  

अच्छी तालमेल के लिए बातचीत करते रहें उनकी राय लेने की कोशिश करें । आपको सुबह देर से जगने की आदत हो तो शाम में उन्हें अपने हाथों की चाय पिलाएं अपनी मजबूरी या खामियां खुद ही उनसे डिस्कस करें वो आपके लिए मायने रखती हैं ऐसा उन्हें अनुभव कराएं उनके कमेंट्स को सकारात्मक रुप से लें

घर में चल रही।

ऑफिस की गॉसिप में उन्हें जरुर शामिल करें उनकी तारीफ निश्चित रुप से करती रहें जैसे उनके नुस्खे या रेसिपी या नहीं तो लुक की तारीफ छोटे-छोटे सरप्राईज उन्हें आपसे जोड़ कर रखने में मददगार हो सकते हैं कॉंपिटिशन की भावना बीच में ना आनें दें ।

हमेशा उन्हें यकींन दिलाएं कि वो अनुभवों के आधार पर आपसे होशियार ही रहेंगी उनके बचपन की पसंदीदा चीजें उन्हें करने या खाने को उकसाएं ।  कभी कभार आप उनके साथ दिन भर की आउटिंग प्लान करें।  धीरे-धीरे उनसे दोस्ताना व्यवहार बना लें

ये सारी बातें बेहद ही प्रैक्टिकल हैं । एक बात पर दोनों की सहमति ना भी बनें तो एक दूसरे की सोच की कद्र करें। जिद करने से या अपने मन की करने से रिश्तों में खटास आने लगती हैं तो क्या ऐसा नहीं हो सकता कि आप थोड़ा सा इंतजार कर लें और अगले ही पल उन्हें तर्क-वितर्क से सहज भाव में मनाने का प्रयास करें । यकीन मानिए मज़ा तो तब आता है आपके पति की मां अपने बेटे की बजाए आपकी साईड ले और आपके मन की बात को मोड़ने की बजाए उन्हें पूरा करने की सलाह दे ।

ये सब उतना भी मुश्किल नहीं है आईए कुछ खुशी के पल उनके साथ भी शेयर कर लें, आज अपनी नहीं कुछ उनकी बात करें । प्यार से प्रयास कर के तो देखिए मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार आप सफल होंगी ।