सावधान...इस जानलेवा बीमारी के कारण तो नहीं हो रहा आपके बेबी को रैश

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शहर में एक बार फिर अस्वस्थ वातावरण का माहौल है , जानलेवा डेंगू का बुखार दस्तक दे चुका है, और अब समय आ गया है कि पैरेंट्स अधिक सावधानी से काम लें।

शहर में एक बार फिर अस्वस्थ वातावरण का माहौल है और इसका सीधा असर हमलोगों पर पड़ रहा है। ऐसा लग रहा है कि जानलेवा डेंगू का बुखार दस्तक दे चुका है। दिल्ली में डेंगू के कई केस सामने आ चुके हैं और चौंकाने वाली बात ये है कि ये मानसून शुरू होने के काफी पहले दस्तक दे चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे जो सबसे प्रमुख कारण वो ये कि दिल्ली के इलाकों में निर्माण का कार्य चल रहा है।इसके साथ ही आवासीय क्षेत्रों में टैंक का रख रखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है।

राजधानी में तेजी से बढ़ रहा है डेंगू

हमलोग में अधिकतर पैरेंट्स इस परिस्थिति से अवगत हैं और ऐसा लगता है कि हम लोग अपने बच्चों का ख्याल ठीक से नहीं रख पा रहे हैं। आखिर आप भी उन पैरेंट्स के गिनती में नहीं आना चाहेंगे जो बच्चों को डेंगू के चपेटे में आने देने के लिए जिम्मेदार हैं।

बेहद दुखद है कि सिर्फ दिल्ली में पिछले तीन महीनों में डेंगू के 24 केस आ चुके हैं और अब समय आ गया है कि पैरेंट्स अधिक सावधानी से काम लें।

हमने फोर्टिस अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन , एडिशनल डायरेक्टर, डॉ अमिताभ पार्ती से बात की और वर्तमान परिस्थिति को समझने की कोशिश की, कि कैसे पैरेंट्स को इस समस्या से निपटना चाहिए।

डॉ अमिताभ ने हमें बताया कि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ये एक उष्णकटिबंधीय रोग है जो कई तरह के वायरस और एडेस इजिप्टि मच्छर के काटने से होता है ।इसके कई लक्षण होते हैं जैसे मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा में रैश। फिलहाल डेंगू के लिए किसी तरह के टीके का आविष्कार नहीं हुआ है। आप जितना स्वच्छ रहेंगे और मच्छरों को नहीं पनपने देंगे उतना ज्यादा आपसे इससे दूर रहेंगे। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि डेंगू के कुछ कॉमन लक्षण होते हैं जिसपर पैरेंट्स को हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

डेंगू के 7 लक्षण

  • बहुत अधिक सर दर्द
  • आंख के पास दर्द
  • जी मिचलाना और उल्टियां
  • ग्लैंड में सूजन
  • तव्चा में रैश
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • 104 F से भी ज्यादा तेज बुखार 

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डॉ पार्ती ने साथ ही ये भी बताया कि कुछ बच्चे कैसे डेंगू के चपेट में आसानी से आ जाते हैं। इसलिए आप बच्चों के लिहाज से इन बातों का अधिक ध्यान रखें

  • बच्चे अगर हाई रिस्क जोन में रहते हैं जहां गंदगी और आस पास का एरिया भी जमा पानी से प्रदूषित रहता हो क्योंकि इससे मच्छर आसानी से पनपते हैं।
  • बच्चे जिन्हें पहले भी डेंगू हो चुका है
  • बच्चे जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं है
  • बच्चे जिनकी प्लेटलेट संख्या कम होती है

अगर आप या आपके बच्चे इस तरह के वातावरण में रहते हैं तो आपको अधिक सावधानी बरतनी चाहिए खासकर जब आप बच्चों को खेलने या बाहर जाने देते हैं। अगर आपको लगे कि ये डेंगू के लक्षण तो डॉक्टर से जितना जल्दी हो सके सपर्क करें।

डा पार्ती ने ये भी कहा कि बुखार को देख सकते हैं और साथ ही उसके साथ पाए जाने वाले लक्षण जैसे जी मिचलना, उल्टियां, त्वचा रैश आदि की अनदेखी ना करें।

स्पेशल जांच और बचाव के उपाय

अगर ये लक्षण लगातार हैं तो आप एक अच्छे विशेषज्ञ से दिखाएं। डेंगू 4 प्रकार के होते हैं जिनकी जांच अधिकतर अस्पताल में होती है। इसमें बल्ड काउंट टेस्ट,डेंगू NS1 Ag के लिए ELISA टेस्ट जिससे वाइरल डीएनए का पता चलता है और सीरम lgG और lgM टेस्ट किया जाता है।

उन्होंने साथ ही ये भी बताया कि डॉक्टर जब जांच कर रहे हों तो पैरेंट्स को इन बातों का जरूर ख्याल रखना चाहिए।

  • हमेशा याद रखें कि मच्छरों के पनपने वाली जगहों पर जैसे अगर कहीं खुला पानी जमा हो तो उसे साफ जरूर रखें।
  • अगर खुले पानी के स्त्रोत हो तो उसमें कीटनाशकों का इस्तेमाल करें और हमेशा ढक कर रखें।
  • खिड़कियों में स्क्रीन, पूरे बाजुओं के कपड़े पहने, क्वाइल, वेपोराइजर, मच्छरों को काटने से रोकने वाले क्रीम का इस्तेमाल करें।  
  • किसी भी शख्स को डेंगू दूसरी बार भी हो सकता है इसलिए जितना हो सके इससे बचाव करें।

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Source: theindusparent