सर्दी दस्तक दे चुकी है ऐसे में बढ़ते बच्चों को गले के इन्फेक्शन से कैसे बचाऐं

यूं तो ये बीमारी बड़ी ही कॉमन और छोटी सी है लेकिन बढ़ जाने पर परेशानियों का सबब बन जाती है ।

बदलते मौसम में बच्चों में टॉन्सिलाइटस की समस्या एक आम बात होती है । टॉन्सिल में सूजन की समस्या हर उम्र में होती है लेकिन 14 से कम उम्र के बच्चे इसके ज्यादा शिकार होते हैं ।  दरअसल हमारे मुंह के भीतर और गले के दोनों तरफ गोल आकार के छोटे-छोटे अंग होते हैं जिसे टॉन्सिल कहा जाता है । ये टॉन्सिल्स हमारे शरीर के सुरक्षा कवच के रुप में कार्य करते हैं । ये हमें बाहरी इन्फेक्शन या रोगों से बचाने का काम करते हैं ।

लेकिन ऐसा करते हुए कई बार ये खुद ही इन्फेक्शन के शिकार हो जाते हैं जिससे इनका रंग लाल दिखाई देने लगता है और इनमें बहुत सूजन आ जाती है । बढ़े हुए टॉन्सिल के कारण बच्चों को बुखार और गले में दर्द की समस्या होने लगती है ।

यूं तो ये बीमारी बड़ी ही कॉमन और छोटी सी है लेकिन बढ़ जाने पर परेशानियों का सबब बन जाती है । बैक्टीरियल इन्फेक्शन या वायरल इन्फेक्शन के कारण ही हमारे टॉन्सिल्स का आकार बढ़ जाता है जिससे कुछ भी निगलने में , खाने में , मुंह खोलने में असहाय दर्द होता है ।

जानिए क्यों होता है टॉन्सिलाइटस

  • अधिक गर्म खाना खाने से
  • बहुत अधिक ठंढ़ा पेय लेने से
  • धूल, प्रदूषण आदि से होने वाले संक्रमण से
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने से
  • लगातार गैस या कब्ज की समस्या होने से

जानिए क्या है टॉन्सिलाइटस के लक्षण

  • गले के बाहर सूजन होना
  • टॉन्सिल और गले का लाल होना
  • तेज बुखार
  • थकान महसूस करना
  • कान दर्द करना
  • आवाज बदल जाना
  • मुंह खोलने पर जबड़े के कोनों में दर्द   

अगर आप खुद में या आपके बच्चे में ऐसे लक्षणों को अनुभव कर रही हो तो किसी ईएनटी ऐक्सपर्ट से जरुर मिलिए । शुरुआती समस्याओं के निदान के लिए आप फैमिली डॉक्टर से भी सलाह ले सकती हैं ।

ज्यादा मुश्किल तब होती है जब टॉन्सिलाइटिस का अटैक नियमित रुप से होने लगे और खाने या बोलने में हद से ज्यादा तकलीफ होने लगे तो ऐसी परिस्थिति में ऑपरेशन के द्वारा टॉन्सिल्स को निकाल दिया जाता है ।

टॉन्सिलाइटिस के दौरान अगर बुखार ना हुआ हो तो दवा लेने की भी जरुरत नहीं पड़ती आप घरेलू उपचार से ही पूरी तरह ठीक हो सकती हैं । हालांकि वायरल संक्रमण से जब ये समस्या होती है तब कई तरह की दवाएं दी जाती हैं ।

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जानिए घरेलू स्तर पर कैसे करें उपचार

  • गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करने से तुरंत राहत मिलती है 
  • तुलसी , अदरक, काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पीएं
  • रात को सोने से पूर्व गरारा जरुर करें
  • डॉक्टर कई बार गरारों के लिए ऐंटीबायोटिक्स भी देते हैं
  • गर्म पानी में विक्स डालकर भाप लेने से राहत मिलती है
  • गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से आराम मिलेगा 

चुकि गुलाबी सर्दी बड़ी तेजी से अपनी चादर पसार रही है इसलिए मांओं की जिम्मेदारी बढ़ने वाली है । ठंढ़ से शिशु को बचाने के लिए आप बड़ी कोशिशें करती हैं लेकिन बड़े बच्चो का ध्यान रखना कतई ना भूलें । थोड़ी सी लापरवाही उन्हें जुखाम दे सकता है ।

मानती हूं कि बच्चे जिद्दी होते हैं उन्हें पानी से खेलना, ठंढी चीजें खाना पसंद होता है लेकिन गर्मी सहन करने के बाद उनका शरीर तापमान में तुरंत हुए बदलाव को लेकर अभी तैयार नहीं होगा । इसलिए आरामदायक गर्म कपड़े उन्हें पहनाकर रखें ।

अधिक खुली हवा में कान भी ढ़क कर रखें । शाम या देर रात की ओस से बचाकर रखना भी आवश्यक है । इसतरह की छोटी-छोटी सावधानी बरतने से सर्दी आपके लिए खुशहाल और सेहतमंद हो जाएगी ।