सभी मेरे पति को जोरू का गुलाम कहते हैं...क्या मैं कुछ गलत कर रही हूं?

मेरी ननद कभी भी ताना मारने का मौका नहीं छोड़ती हैं, कहती हैं  “किस्मत वाली हो जो गुलाम पति मिला है।"

एक दिन मुझे हल्की खांसी और पेट में इंफेक्शन था। मेरे पति मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं इसलिए इसलिए उस दिन उन्होंने घर से काम करने का फैसला लिया ताकि वो मेरी देखभाल कर सकें।

मेरी ननद जो मेरा हालचाल लेने आई थी, उन्होंने बिना मौका गंवाए कहा कि “किस्मत वाली हो जो गुलाम पति मिला।“

ये ताने नए नहीं हैं”

ये मेरी जिंदगी में पहली बार नहीं हो रहा है। मैं अक्सर ऐसे ताने सुनते रहती हूं। हमारी शादी को चार साल हो गए हैं और मेरा एक साल का बेबी भी है।

मेरे पति बहुत ही व्यवहारिक पिता है। उन्हें डायपर बदलने या बेटी की तबियत खराब हो तो रात में जागते में जागने से भी परहेज नहीं करते हैं।

वो हमेशा समय पर घर आते हैं ताकि परिवार के साथ समय बिता सकें। उनके सहकर्मी ड्रिंक्स या पार्टी के लिए बाहर जाते रहते हैं लेकिन वो घर में रहना पसंद करते हैं।

उन्होंने अपनी जिंदगी में इस तरह से प्राथमिकताएं सेट कर रखी है। मैंने कभी उनसे नहीं कहा कि सामाजिक ना रहें लेकिन वो घर में रहना और बेबी के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।

वो कभी जन्मदिन या शादी की सालगिरह नहीं भूलते हैं और अक्सर ही अपने परिवार के सदस्यों के लिए खास मौकों पर पार्टी ऑर्गनाइज करते रहते हैं।

लेकिन ये सब चीजें मेरे ससुराल वालों और मेरे पति के दोस्तों की पत्नियों को भी नहीं अच्छी लगती है। वो अक्सर कहती हैं कि उनके पति वो सब कभी नहीं करेंगे जो मेरे पति करते हैं। लेकिन ईमानदारी से आप ही सोचिए कि क्या इसकी जिम्मेदार मैं हूं?

मैंने उन्हें ऐसा नहीं बनाया है

मैं आपको बता दूं कि मैंने कभी अपने पति को ऐसा करने के लिए नहीं कहा। लेकिन जब हम नए शादीशुदा थे तब मेरी सास हमारे साथ रहने आई थीं और उन्होंने नोटिस किया कि मेरे पति डिनर प्लेट लगाने में मेरी मदद करते हैं।

वो काफी अचंभित थी कि उनका बेटा अपनी पत्नी के लिए लिए अगर गीजर खराब हो तो पानी की गर्म बाल्टी उठाता है। उन्होंने कहा भी था कि मुझे अपने पति को जोरू का गुलाम नहीं बनाना चाहिए वरना सब मुझपर हसेंगे।

तब से वो मेरे लिए छोटी से छोटी चीज भी करते हैं तो उन्हें जोरू का गुलाम कहा जाता है। वो बहुत ही केयरिंग पति हैं और वो अपने माता-पिता की जरुरतों का भी ध्यान रखते हैं। लेकिन फिर भी अगर उन्हें जोरू का गुलाम कहते हैं तो मुझे अजीब लगता है।

मैं मानती हूं कि सभी पतियों को घर में पत्नियों के काम में हाथ बंटाना चाहिए। जिस दिन से सभी ऐसा करना शुरु कर दें उस दिन से कर्तव्यनिष्ठ पति और जोरू का गुलाम में आप भी अंतर समझ जाएंगे।

क्या मैं कुछ गलत कर रही हूं जो लोग मुझपर छींटाकशी करते हैं?