सप्ताह दर सप्ताह प्रेग्नेंसी गाइड: चौथे सप्ताह में आप और आपका बेबी

इस सप्ताह से आपके बेबी के इम्ब्रॉयोनिक पीरियड की शुरूआत होती है और हां आपका बेबी अभी बहुत ही छोटा रहता है।

कितना बड़ा है आपका बेबी?

इस सप्ताह से आपके बेबी के इम्ब्रॉयोनिक पीरियड की शुरूआत होती है और हां आपका बेबी अभी बहुत ही छोटा रहता है।

week by week pregnancy guide

आपके बेबी का विकास

  • पानी की थैली अब मौजूद रहती है और अब यही जन्म तक आपके बेबी का घर है। यहां यॉक सैक भी मौजूद रहते हैं जो लाल रक्त कोशिका का उत्पादन करते हैं। जब तक कि गर्भनाल के बनने तक यही बेबी तक सारे पोषक तत्व पहुंचाते हैं।
  • यहां से बेबी के लिए एक्टिविटी की शुरूआत होती है। इसके बाद से अगले सप्ताह तक उनके सारे अंग धीरे धीरे बनने लगते हैं(कुछ तो काम भी करने लगते हैं)

गर्भावस्था के लक्षण

  • आप इस दौरान भरसक होम प्रेग्नेंसी टेस्ट करें कि कहीं आप प्रेग्नेंट तो नहीं। सभी महिलाएं शुरूआती समय में प्रेग्नेंसी के लक्षणों को नहीं पहचान पाती हैं। याद रखिए कि ज्यादा सही रिजल्ट पीरियड मिस होने के एक सप्ताह बाद आता है।
  • इस समय आप ज्यादा अंतर नहीं महसूस करेंगी। लेकिन आप खुद को आने वाले दिनों में मॉर्निंग सिकनेस के लिए तैयार कर लें।
  • आप हो सकता है प्रोजेस्ट्रॉन प्रेग्नेंसी हार्मोन का लेवल बढ़ जाने के कारण हल्का सूजन या फुलाव महसूस करें।
  • हो सकता है आपको हल्का मरोड़ या एंठन भी महसूस हो। इसके अलावा हल्का रक्तस्त्राव भी नॉर्मल है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका बेबी फेलोपियन ट्यूब से गर्भाश्य में आ जाता है।
  • हार्मोन के लेवल में उतार चढ़ाव के कारण मूड बार बार बदलता है।

प्रेग्नेंसी केयर

  • एक बार आप कंफर्म कर लेती हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं तो तुरंत धुम्रपानशराब और कैफीन लेना बंद करें।
  • बिना पॉश्च्युराइज्ड किया हुआ सॉफ्ट चीज ना खाएं। कम पके हुए मीट और अंडे ना खाएं इससे सैलमोनेला संक्रमण होने की संभावना होती है।
  • जिस मछली में मरकरी अधिक मात्रा में पाई जाती हो ना खाएं जैसे शार्कस्वॉर्डफिशकिंग मैकेरेल आदि खाने से बचें।

आपका चेकलिस्ट

  • अगर आपका घर में किया टेस्ट पॉजिटिव आए तो सबसे पहले जाकर महिला रोग विशेषज्ञ से मिलें।
  • आपके एक लिस्ट बनानी चाहिए कि आप कौन कौन सी दवाओं का सेवन कर रही हैं। चाहे डॉक्टर की पर्ची हो या सीधे लेकर खा रही हों लेकिन डॉक्टर को जरूर बताएं ताकि आप समझ सकें कि वो दवा लेना सुरक्षित है या नहीं।
  • आप क्या खा रही हैं इसपर अधिक ध्यान दें और जितना अधिक हो सके पैरेंटल विटामिन लें।

Source: theindusparent.com