सच्चाई..आपकी दूसरी प्रेग्नेंसी कभी पहली जितनी आसान नहीं होगी

lead image

कुछ तरीके कि कैसे आपकी दूसरी प्रेग्नेसी कैसे पहले से अलग हो सकती है

Content Partner
columbia asia सच्चाई..आपकी दूसरी प्रेग्नेंसी कभी पहली जितनी आसान नहीं होगी

ज्यादातर केस में ये सच होता है कि पहली बार अगर प्रेग्नेंसी आसान रही तो दूसरी और भी आसान होती है। इसका सबसे मुख्य कारण होता है कि प्रेग्नेंसी से जुडी अपने शरीर के बारे में आप कई बातें पहली बार में समझ चुकी होती हैं।

लेकिन ये हमेशा हो जरुरी नहीं होता। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो दूसरी प्रेग्नेंसी में होती हैं। इसका एक उदाहरण है कि Rh फैक्टर एक प्रोटीन जो लाल रक्त कोशिका में मौजूद रहता है। जिनमें Rh फैक्टर मौजूद रहता है वो Rh पॉजिटिव कहलाते हैं और जिनमें Rh फैक्टर नहीं पाए जाते वो Rh निगेटिव।

जब Rh निगेटिव मांओं का खून Rh पॉजिटिव बेबी के खून के कॉनटेक्ट में आता है तो Rh निगेटिव माएं Rh फैक्टर के खिलाफ एंटीबॉडी बनाती हैं जो बेबी के लिए काफी हानिकारक होता है। इससे एनिमिया या जॉन्डिस (पीलिया) जैसी बीमारी हो सकती है। इसलिए किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए indirect Coomb test होता है जो प्रेग्नेंसी की शुरूआत में की जाती है ताकी पता चल जाए कि एंटीबॉडी खून में है कि नहीं

Rh निगेटिव मां को एंटी-डी-इम्युनिओग्लोबिन इंजेक्शन दिया जाता है। कुछ केस में ये बाद में दिया जाता है जब बेबी Rh निगेटिव पैदा होत है। इससे नवजात शिशु में हेमोलिटिक रोन होने का खतरा नहीं होता है।

कुछ तरीके कि कैसे आपकी दूसरी प्रेग्नेसी कैसे पहले से अलग हो सकती है

  • पहली प्रेग्नेंसी में औरतें बच्चों की किक पांचवें महीने में महसूस करती है जबकि एक अनुभवी मां चौथे महीने से ये समझ जाती है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को समय से पहले डिलिवरी के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि पहली प्रेग्नेंसी के बाद गर्भाशय सिकुड़ती नहीं है और इसलिए बेबी के पहले होने के ज्यादा चांस रहते है।
  • पेट की मांस पेशियां पहली प्रेग्नेंसी के बाद कमजोर हो जाती है और बेबी को सर्पोट नहीं दे पाती जैसा पहली बार में देती है। इसके कारण दूसरी प्रेग्नेंसी में बेबी नीचे रहता है।
  • कभी कभी महिलाएं पहली प्रेग्नेंसी में असहज नहीं महसूस करतीं लेकिन दूसरी में करती हैं। इसलिए जरुरी है कि आप अपना पूरा ख्याल रखें।
  • कुछ महिलाओं को पेडू (Pelvic) दर्द दूसरी प्रेग्नेंसी में अधिक रहता है। इसलिए जरुरी है कि आप अच्छे से एहतियात बरतें और जितना हो सके झुकने से बचें।
  • कुछ महिलाएं जिन्हें डायबिटीज हें या गैस की समस्या पहली बार होती है उन्हें दूसरी बार में भी इन समस्या से गुजरना पड़ता है। इसलिए जितना हो सके खुद का बचाव करें।
  • महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए अगर वो पहली प्रेग्नेंसी में किसी समस्या से जूझी हों और डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें | 

Source: theindusparent