श्वेता तिवारी की बेटी पलक सौतेले पिता के साथ शेयर करती हैं अनोखा रिश्ता

lead image

शादी के दो-तीन महीने पहले तक मैं सोच रही थी कि करूं कि नहीं करूं। लेकिन फिर मैंने अपना पूरा सफर देखा और देखा कि मेरी बेटी अभिनव के काफी क्लोज थी।

टेलीविजन की फेवरिट बहू और मम्मी श्वेता तिवारी कोहली ने घरेलू हिंसा की पीड़िता से लेकर एक सफल एक्ट्रेस के रूप में लंबा सफर तय किया है और अब वो कुछ महीनों पहले फिर से मां बनी हैं।

जिंदगी में श्वेता तिवारी को कई फैसले लेने पड़े जिसमें से अपने लंबे समय तक ब्वॉयफ्रेंड रहे अभिनव कोहली से शादी करना भी शामिल था।

कसौटी जिंदगी की एक्ट्रेस ने 2013 में अभिनव कोहली से शादी रचाई। वो इस दौरान खुद के लिए एक अच्छे पति से ज्यादा अपनी टीनएज बेटी के लिए एक अच्छा पिता चाहती थी जो किस्मत से उन्हें मिला भी।

मेरी बेटी अभिनव के काफी क्लोज थी

 

A post shared by Palak Tiwari (@palaktiwarii) on

एक दैनिक अखबार से बातचीत के दौरान श्वेता तिवारी ने बताया कि मेरी जिंदगी किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रही है। मेरा और अभिनव का रिलेशनशिप साढ़े तीन साल से था। अभिनव से शादी करना आसान फैसला नहीं था। शादी के दो-तीन महीने पहले तक मैं सोच रही थी कि करूं कि नहीं करूं। लेकिन फिर मैंने अपना पूरा सफर देखा और देखा कि मेरी बेटी अभिनव के काफी क्लोज थी।

उन्होंने ये भी कहा कि पलक हमेशा कहती थी कि अभिनव में उसे खुद के पिता का एहसास होता है।

उन्होंने शेयर किया कि अगर वो किसी समस्या में होती है तो मुझसे पहले अभिनव को कॉल करती है और बातें शेयर करती है। पलक को लगता है कि अभिनव उसे बेहतर समझता है। पहली बार जब शादी करते हैं तो इतनी सोचने की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन जब आप दूसरी बार शादी करते हो और वो भी पहले से एक बेटी हो तो बार बार सोचना पड़ता है। इस बार मैं शादी कर रही थी तो अपने पति से ज्यादा अपनी बेटी के लिए एक पिता पहले देख रही थी।

शादी के बाद मैं अपनी बातें अभिनव से शेयर करती हूं

उन्होंने कहा कि जाहिर सी बात है ये रिश्ता समय के साथ मजबूत होते गया। अभिनव सिर्फ एक पति नहीं बल्कि पलक के पिता की भी जिम्मेदारी भी निभाते आए हैं और अब रेयांश की भी जिम्मेदारी वो बखुबी निभाते हैं।

श्वेता तिवारी ने कहा कि मैं हमेशा से जिम्मेदार थी क्योंकि मेरा परिवार भी मुझे देखने के लिए था। मेरा परिवार अभी भी मेरे साथ खड़ा रहता है। लेकिन हां पहले ये सबकुछ मैं अकेले ही देखती थी, सारा बोझ सिर्फ मुझपर था और अब मैं ये अभिनव के साथ शेयर करती हैं। मैं अब फ्री और काफी रिलैक्स भी महसूस करती हू।

श्वेता तिवारी का परिवार इस बात का परफेक्ट उदाहरण है कि कैसे प्यार जिंदगी के सभी दुख तकलीफ कम कर देता है। इसके साथ ही सिंगल पैरेंट को अपनो बच्चों को नए पार्टनर को अपनाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है और एक बार ये हो जाए तो जिंदगी आसान भी हो जाती है।

हालांकि ये मुश्किल बदलाव कुछ प्रैक्टिकल बातों को अपनाकर काफी आसान भी हो सकता है

इन तीन तरीकों से बच्चों और परिवार को नए पार्टनर के साथ घुलने मिलने में मदद करें

  • बच्चों से खुलकर करें बात: उन्हें बताएं कि आप अभी भी उनकी उतनी ही केयर करती हैं और उनका स्थान आज भी आपके लिए वही है। उन्हें अपनी बातों को रखने के लिए कहें। उनके साथ खुलकर बात करें और इस बदलाव को अपनाने में मदद भी करें।
  • उनकी भावनाओं के साथ सहानुभूति रखें: बच्चे पुर्नविवाह को हानि की तरह लेते हैं। वो दुबारा शादी के कॉन्सेप्ट के बारे में हो सकता है नहीं समझे या फिर उसके बारे में बात नहीं कर पाएं। आपके बच्चे क्या महसूस कर रहे हैं समझे। उन्हें सुने और उनकी चिंताओं को दूर करें।
  • बच्चों को एडजस्ट करने का समय दें: कुछ बच्चे नए रिश्तों में जल्दी घुलमिल जाते हैं और कुछ थोड़े संवेदनशील होते हैं। उन्हें एडजस्ट करने में समय लगता है। बच्चों को नई परिस्थिति में तुरंत ढल जाने का दवाब ना डालें। आप उनसे उम्मीद रखें कि वो विनम्रता और इज्जत के साथ पेश आएं।