शिशु के शरीर पर बनाएं आटे की लोई! जानिए क्यों करते हैं ऐसा और आखिर क्या हैं इसके फायदे…

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यूं तो ये सभी विधियां कैमिकल रहित और गुणकारी हैं लेकिन फिर भी अत्यधिक संवेदनशील त्वचा के देखभाल के लिए थोड़ी सावधानी बर्तनी चाहिए, अगर त्वचा से जुड़ी कोई भी समस्या आपके शिशु को पहले से हो तो कृपया इन विधियों का प्रयोग ना करें।   

नवज़ात शिशु के शरीर पर बहुत बाल दिखाई देते हैं जो कि समय के साथ-साथ अपने आप ही गायब हो जाएंगे लेकिन फिर भी अगर रोयें के खुद झड़ने का इंतज़ार आप नहीं कर पा रहीं तो आप कई प्रकार का घरेलू ऊबटन तैयार कर सकती हैं जो आपके शिशु के लिए उपयोगी भी होगा और इसका इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित भी है ।

1. शुद्ध सरसों तेल से करें मसाज़: नवज़ात शिशु के लिए डॉक्टर कई प्रकार के हर्बल मसाज़ ऑयल के इस्तेमाल की सलाह देते हैं । लेकिन जहां तक देसी तौर-तरीके की बात है तो घरेलू स्तर पर उपलब्ध सरसों तेल भी एक बेहतर विकल्प है । इस तेल से शिशु की मालिश करने से हड्डियों को बल मिलने के साथ-साथ छोटे-छोटे बाल भी गायब होने लगते हैं ।

2. मसूर दाल और दूध का लेप: रात भर आधे कप दूध में थोड़ा मसूर दाल डाल कर भींगो दें । सुबह जब दाल पूरी तरह फूल जाए तो उसे पीस कर ऊबटन तैयार कर लीजिए । इस लेप से शिशु के पूरे बदन पर हल्का मसाज़ करें । रोऐं की समस्या खत्म हो जाऐगी ।

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Hans / Pixabay

3. गेहूं के आटे की लोई है असरदार: आपको शायद अंदाज़ा ना हो लेकिन यह सबसे सहज और उपयोगी विधि है । आटे की लोई बनाते वक्त उसमें कुछ सरसों तेल मिला दें और लोई को शिशु के शरीर पर आहिस्ता से गोल-गोल घिसें । शिशु के हाथ, पीठ या पैर जहां भी अधिक बाल दिखाई दे वहां आप लोई बनाने की तरह ही आटे को गोल-गोल घुमाएं । नियमित रुप से नहाने के पूर्व ऐसा करने से रोऐं की समस्या से निजात मिल जाएगी ।

4. बेसन, मलाई और हल्दी का मिश्रण करेगा काम: बेसन के साथ कच्ची हल्दी बारीक पीस कर और फिर उसमें थोड़ी मलाई मिलाकर आप शिशु के शरीर पर मालिश करें इससे आपको बेहतर परिणाम मिल सकते हैं और शुद्ध हल्दी बच्चे की नाज़ुक त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा ।

शिशु का रुप निखारें पर सावधानी से…

शिशु के चेहरे पर लेप लगाते वक्त चौकन्ने रहें । गालों पर हल्के हाथों से मसाज़ करें और पोछ दें क्योंकि शिशु की आंखों में छोटे पार्टिकल्स जाने का डर रहता है । ऊपर बताए गए नुस्खों का उपयोग बेबी के पूरे शरीर पर करने के पहले कलाई या पैर पर लेप लगा कर जांच लेना सही रहेगा । यूं तो ये सभी विधियां कैमिकल रहित और गुणकारी हैं लेकिन फिर भी अत्यधिक संवेदनशील त्वचा के देखभाल के लिए थोड़ी सावधानी बर्तनी चाहिए, ध्यान रहे कि पतले सूती कपड़े को भिगो कर उससे ऊबटन पोछने से लेप आसानी से निकल आएगा । अगर त्वचा से जुड़ी कोई भी समस्या आपके शिशु को पहले से हो तो कृपया इन विधियों का प्रयोग ना करें ।