शिल्पा शेट्टी की हेल्दी गर्मियों में हेल्दी स्मूदी रेसिपी आप भी जरूर बनाएं..

अगर आप भी गर्मियों में सुबह की शुरूआत हेल्दी और पौष्टिक रेसिपी के साथ करना चाहती हैं तो शिल्पा शेट्टी कुंद्रा की ये रेसिपी आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

अगर आप भी गर्मियों में सुबह की शुरूआत हेल्दी और पौष्टिक रेसिपी के साथ करना चाहती हैं तो शिल्पा शेट्टी कुंद्रा की ये रेसिपी आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

अपने यू ट्यूब चैनल पर उन्होंने एक वडियो शेयर किया है जिसमें वो अंजीर और केले की स्मूदी बनाते नजर आ रही हैं। इस ट्यूटोरियल वीडियो में शिल्पा शेट्टी अपने खाना बनाने के कौशल को दिखाते हुए एक हेल्दी स्मूदी की रेसिपी बताई हैं जिससे आपको गर्मियों में काफी आराम मिलेगा।

 

जानिए शिल्पा शेट्टी की अंजीर और केला की स्मूदी:

सामग्री

केला 1
फ्रेश अंजीर 2 (आप सूखे अंजीर भी ले सकती हैं)
बादाम दूध -1 ग्लास
शहद – एक चम्मच
अलसी – एक चम्मच

विधि

ब्लेंडर में सभी को मिला लें और साथ ही कुछ बर्फ के टुकड़े भी ले कर फेंट लें। जब सब अच्छे से मिल जाए तो ग्लास में डालें और परोसें।

शिल्पा शेट्टी का स्वस्थ रहो मस्त रहो फंडा

शिल्पा हमेशा ही मजेदार, जल्दी बनने वाली हेल्दी रेसिपी अपने चैनल पर शेयर करती रहती हैं। फिटनेस को लेकर बेहद सजग रहने वाली शिल्पा शेट्टी अपनी हेल्दी खाने के लिए जाने जाती हैं। वो सुबह की शुरूआथ हेल्दी और बिना पकाए हुए नाश्ते से करती हैं जैसे एवोकैडो या बादाम।
पांच साल की मां होने की वजह से शिल्पा शेट्टी को बखूबी पता है कि बच्चों के खाने के व्यंजन के साथ पोष्टिकता को बरकरार रखते हुए कैसे प्रयोग करना है ताकि वो खाने को इंज्वॉय करें। ये खासकर छोटे बच्चों के साथ करना काफी लाभकारी होता है।

शिल्पा शेट्टी ने साथ ही एक शानदार टिप भी अपने वीडियो में दिया है कि स्मूदी में थोड़ी सी अलसी भी मिला सकती हैं और बच्चों को पता भी नहीं चलेगा कि उनकी स्मूदी में क्या पौष्टिक चीजें मिली हुई है। स्मूदी में मम्मियां भी नट्स मिलाकर बच्चों को दे सकती हैं।
इसके पहले कि आप किचन में शिल्पा शेट्टी की बताई हुई स्मूदी बनाने जाएं, आइए हमलोग इसके न्यूट्रिशन के बारे में भी जान लें।

 

क्यों स्मूदी एक हेल्दी विकल्प है

स्मूदी में फल या सब्जियों के फाइबर मौजूद रहते हैं ना कि जूस जैसा खत्म हो जाते हैं। ये तुंरत शक्ति देता है और साथ ही विटामिन, मिनरल और फाइटोकेमिकल्स होते हैं।

चूंकि स्मूदी में छिलका,गूदा और बाकी चीजें एक साथ मिल जाती हैं इसलिए ये पाचन तंत्र को ठीक रखता है वहीं दूध, दही से शरीर को कैल्शियम मिलता है। शहद की जगह चीनी डालना भी कैलोरी को घटाने का नायाब तरीका है।

केले का फायदा:

विटामिन B6 और C केले में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसमें साथ हीं कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीज, फाइबर, प्रोटिन भी होते हैं। केला खासकर बच्चों को जरूर खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। केला खाने से बच्चों में अनीमीया होने की संभावना कम होती है।

अंजीर के फायदे:

अंजीर बच्चों के लिए प्राकृतिक औषधी का काम करती हैं और साथ ही उनके पाचन तंत्र को और रोग निरोधक क्षमता को भी ठीक रखती है।अंजीर अगर छोटे बच्चों को भी अच्छे से मसलकर दिया जाए तो इससे बच्चों को कई लाभकारी विटामिन और पोषक तत्व मिल सकते हैं। बड़े बच्चे भी इसे फ्रेश या सूखा भी खा सकते हैं।

 

अलसी के फायदे:

अलसी में बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। अलसी के सेवन से बच्चों की हड्डियां भी मजबूत होती है। इसमें प्रोटिन और फाइबर दोनों ही पाया जाता है। जब बच्चे थोड़े बड़े हो जाएं तो सलाद में टॉपिंग की तरह डालकर भी दे सकती हैं तो छोटे बच्चों के सूप या स्मूदी में मिला सकती हैं।

शहद के फायदे:

बच्चों में बोटूलिज्म यानी विषाक्तता ना हो इसलिए शहद बच्चों के खाने में जरूर शामिल करना चाहिए लेकिन जब बच्चे जब एक साल के हो जाएं तब। इससे बच्चों को सभी जरूरी मिनरल मिलते हैं। शहद के सेवन से घाव जल्दी भरते हैं और साथ ही चीनी के सभी प्रकार ग्लूकोज, फ्रूटकोज और सुक्रोज पाए जाते हैं। शहद में अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं। बच्चों के पैन केक की शहद से टॉपिंग करें या दूध में एक चम्मच मिलाकर भी आप बच्चों को दे सकती हैं।

बादाम दूध के फायदे:

बादाम दूध डेयरी उत्पाद नहीं होता है बल्कि पौधे की मदद से बनता है। इसमें कैल्शियम और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो बच्चे लैक्टोज नहीं पचा पाते उनके लिए खासकर ये काफी अच्छा विकल्प है।

अगर आपके पास कोई सवाल या रेसिपी है तो कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।

Source: theindusparent