विशेषज्ञ की राय: क्या मैं अपने तीन साल के बच्चे को पनीर दे सकती हूं

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हमने मदरहुड हॉस्पिटल, बैंगलोर के पेडिट्रिक्स डॉ विकास सात्विक से बात की जिन्होंने हमें डेयरी से जुड़े कुछ सामान्य सवालों का जवाब दिया । यहां है इंटरव्यू का अंश, आप भी पढ़ें।

बतौर नए पैरेंट्स हमारी जिम्मेदारी होती है कि हम बच्चों को अच्छा और हेल्दी खाना दें । जब तक बच्चे मां का दूध पीते हैं सब कुछ ठीक रहता है लेकिन इसके बाद असल कन्फ्यूजन शुरू होता है।

जहां तक सवाल बच्चों को पहले ठोस आहार देने का होता है तो हर मां लगभग पागल हो जाती हैं। आप जानना चाहती हैं कि आपके बेबी के लिए क्या सुपाच्य आहार होगा और कौन सा खाना उनके स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छा है।

हमारा विश्वास कीजिए ये सभी प्रश्न बिल्कुल सही हैं और आप अकेले इन सवालों को पूछने वाली नहीं हैं। इसलिए बच्चों को ठोस आहार देने के पहले ये समझ लीजिए कि क्या कैसे देना है।

नवजात शिशु का पाचन तंत्र

बेबी का पाचन तंत्र धीरे धीरे परिपक्व होता है। इसलिए शुरूआती कुछ महीनो में बेबी फैट,कार्बोहाइड्रेट और प्रोटिन को बिल्कुल भी नहीं पचा पाते है क्योंकि उनकी पाचक ग्रंथी का विकास नहीं होता है।

इसका ये भी मतलब है कि आपका बेबी बहुत ही कम डाइजेस्टिव एन्जाइम प्रोड्यूस करता है। चूंकि आपका ब्रेस्टमिल्क आपके स्लाइवा से बना होता है इसलिए वो आसानी से पचा पाते हैं।

लेकिन 6 महीने के बाद आपका बेबी का विकास होता है और धीरे धीरे वो खुद ठीक ठाक मात्रा में एन्जाइम प्रोड्यूस करते हैं इसलिए कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च पचाने की स्थिति में आ जाते हैं। हालांकि 9 महीने के बाद वो फैट पचा पाते है क्योंकि  Lipase और बाइल का लेवल बढ़ जाता है।

अब आप समझ गए होंगे कि कैसे बेबी का सिस्टम काम करता है। अब बात असल मुद्दे पर करते हैं कि क्या बच्चों को गाय का दूध और पनीर दिया जा सकता है।
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/04/paneer copy.jpg विशेषज्ञ की राय: क्या मैं अपने तीन साल के बच्चे को पनीर दे सकती हूं

क्या मैं अपने बेबी को गाय का दूध और पनीर दे सकती हूं?

कई विशेषज्ञ मानते हैं कि बेबी को गाय  दूध देना अच्छा नहीं है। गाय का दूध मां के दूध के मुकाबले पचा पाना काफी मुश्किल होता है। इसलिए विशेषज्ञ ज्यादातर समय गाय के दूध की जगह पनीर या दही देने की सलाह देते हैं।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन दोनों में लैक्टोज कई छोटे अणुओं में बंट जाता है जो आसानी से बेबी पचा सकते हैं।

हमने मदरहुड हॉस्पिटल, बैंगलोर के पेडिट्रिक्स डॉ विकास सात्विक से बात की जिन्होंने हमें डेयरी से जुड़े कुछ सामान्य सवालों का जवाब दिया । यहां है इंटरव्यू का अंश, आप भी पढ़ें।

सलाह : बच्चों को डेयरी प्रोडक्ट देने की सही उम्र क्या है?

डॉ सात्विक : बच्चों के 6 महीने के हो जाने के बाद माता-पिता दही जैसे प्रोडक्ट देने की शुरूआत कर सकते हैं। पनीर बच्चों को एक साल के बाद ही देना चाहिए क्योंकि इसमें नमक बहुत अधिक मात्रा में होती है। कम मात्रा वाली चीज़ आप बच्चों को एक साल के पहले दे सकती हैं। अगर आपके बच्चे को गाय के दूध से एलर्जी नहीं है तभी ये चीजें आपको देनी चाहिए और साथ ही इसका भी ध्यान रखें कि परिवार के सदस्य को भी गाय के दूध से एलर्जी ना हो।

बच्चों को पनीर देने से पहले उसे पूरी तरह पिघला दें। इससे चोक नहीं होगा और दही भी वही दें जो प्राकृतिक रूप से मीठी हो। कृत्रिम मीठा बच्चों को ना दें। 
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सलाह: किस तरह की चीज़ बच्चों के देनी चाहिए? क्या हमारा देसी पनीर बेस्ट है? अगर हां तो क्यों?

डॉ सात्विक : अगर चीज़ से तुलना करें तो पनीर बेस्ट है। क्योंकि इसे खरीदने की जगह आप घर में भी बना सकती हैं। घर में बनाकर बच्चों को दीजिए, इससे आपको इसकी गुणवत्ता पर भी शक नहीं होगा।

हम लोगों को भूलना नहीं चाहिए कि पनीर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटिन का सर्वोत्तम स्त्रोत होता है। ये साथ ही विटामिन, कैल्शियम, फोसफोरस भी पाया जाता है। इसलिए मां के दूध के साथ पनीर भी बच्चों को दिया जा सकता है।  

सलाह : कितनी मात्रा में पनीर 3 साल के बच्चों के देनी चाहिए?

डॉ सात्विक : पनीर का एक छोटा क्यूब 6-8 महीने के बच्चे के लिए बेस्ट है और जैसे जैसे बेबी बड़ा होता है आप 2-3 छोटे क्यूब उन्हें सप्ताह में 4-5 बार दे सकती हैं। थोड़ी सी मात्रा के साथ शुरूआत करें और ध्यान दें कि कोई रिएक्शन तो नहीं हो रहा।

सलाह: अगर बच्चे को दूध हजम नहीं हो तो इस स्थिति में क्या पनीर देना सही है? इसके बाकी विकल्प क्या हैं?

डॉ सात्विक : अगर बच्चे को दूध हजम नहीं होता हो तो बेहतर होगा कि बाकी डेयरी उत्पाद भी नहीं दें। लेकिन आप दही दे सकती हैं क्योंकि इसमें लैक्टोज खमीरीकृत हो जाता है इसलिए बच्चे इसे आसानी से पचा सकते हैं। पैरेंट्स लैक्टोज फ्री या सोया बेस्ड चीजें  बच्चों के लिए चुन सकती हैं ताकि प्रोटिन और कैल्शियम शरीर को मिल सके।

जब इसे बनाकर देने की बात हो तो भूने पनीर की जगह रोस्टेड पनीर को अधिक वरीयता दें। अब आपकी पनीर से जुड़े सभी समस्याएं खत्म हो गई होंगी तो अब आगे बढ़ते हैं और कुछ पनीर की रेसिपी बताते हैं जो आप अपने बच्चे के लिए बना सकती हैं।

बच्चों के लिए दो बेहद आसान पनीर की रेसिपी

1. घी पनीर

 

घर में बने पनीर के कुछ टुकड़े लें और इसे मघ्यम आंच पर धीरे धीरे एक चम्मच घी में तलें। जब वो अच्छे से पक जाएं तो ठंढा हो जाने दें और बिल्कुल छोटे छोटे टुकड़ों में बांट दें। अगर आप घी नहीं डालना चाहती तो पनीर को अच्छे से सेंक लें।

2 . पनीर की खीर

इस रेसिपी में आपको एक कप दूध, आधा चम्मच घी, एक चम्मच इलायची पाउडर स्वादानुसार चीनी की जरूरत पड़ेगी।

इसे बनाने के लिए दूध को मध्यम आंच पर उबाल लें। एक बार ये उबल जाए तो इसमें कसा हुआ पनीर डालें और 5-10 मिनट के लिए पकने दें। इसमें चीनी और ड्राई फ्रूट डालें और थोड़ी देर अच्छे से पकने दें। जब ये अच्छे से पक जाएं इसे नीचे उतारकर ठंढा होने दें।

दोनों ही रेसिपी बनाने में 15 मिनट से भी कम समय लगता है और ये बच्चों के लिए बेहतरीन डाइट हो सकती है। इसमें प्रोटिन और बाकी पोषक तत्व भी मौजूद हैं।

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Source: theindusparent