वजन कम करने में लगी नई मम्मियों के नाम ये ‘OPEN LETTER’…बस बहुत हुआ

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आपने डाइटिंग के चलते चोरी छिपे खाना भी छोड़ दिया, इतना पैदल चलीं कि पैरों में दर्द भी हो गए ...

Hi,

मैं आपसे बात कर रही हूं...जी हां आप जो अपनी नई प्रेग्नेंसी के बाद बदले शरीर को घूर रही हैं। आप..जिनकी रातों की नींद उड़ी हुई है, इसलिए नहीं कि आपका बेबी आपको सोने नहीं देता, बल्कि इसलिए कि आप अपनी कमर के पास बढ़े टायर की सच्चाई स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।

आप, जो मॉल, शॉपिंग सेंटर, पड़ोसियों से छिपने की कोशिश करती हैं ताकि लोग ये ना पूछ दें कि डिलीवरी के बाद आपने कितना वजन बढ़ा लिया है।

आप जो मरते तक भी डाइटिंग के लिए तैयार है ताकि आप अपनी प्रेग्नेंसी के पहले के जींस में आ जाएं। आप, जो हमेशा ढीले कपड़े पहनती है ताकि लोग नोटिस ना कर पाएं कि आपके ब्रेस्ट का शेप बिगड़ गया है।

बस बहुत हुआ

मैं आपसे बात कर रही हूं और यहां आप से मेरा आशय नई मॉम को है जो इस शर्म से लाल हो रही हैं कि उनका प्रेग्नेंसी में बढ़ा वजन कम नहीं हो रहा।आपमें से कई लोग कई दिन, महीनों से कोशिश कर रही होंगी लेकिन अपने सपने तक पहुंच नहीं पाई। आपने डाइटिंग के चलते चोरी छिपे खाना भी छोड़ दिया, इतना पैदल चलीं कि पैरों में दर्द भी हो गए और वर्कआउट सेशन जिसे करने में आपने जी जान लगा दिया और थकावट के मारे हालत बुरी हो गई।

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सभी नई मॉम को मैं सिर्फ एक बात कहना चाहुंगी... बस बहुत हुआ खुद को सजा देना बंद कीजिए। अपने शरीर से नफरत करना बंद कीजिए जिसने आपको जिंदगी की सबसे प्यारी चीज दी।

बर्थडे पार्टी में दो पीस केक खा लेने के बाद खुद को दोष देना बंद करें। खुद को अपने फेवरिट खाने से और अच्छे मूड से दूर रखना बंद करें। एक पल के रुकिए और सोचिए कि आप क्या कर रही हैं।

पांच साल पहले, मैं भी आपके जैसी थी...

पांच साल पहले मैं भी बिल्कुल आपके जैसी थी। खुद को भूखे और कई चीजों से दूर रखती थी, खुद को इस कदर सजा देती थी कि खुद अवसाद ग्रसित महसूस करने लगती थी। फिर मुझे गुस्सा आता था और अपने बेबी पर चिल्ला पड़ती थी, मैं कुण्ठित महसूस करती थी कि मैं जो भी मेहनत कर रही हूं उसका असर क्यों नहीं दिख रहा है।मैं इतना असहाय महसूस करती थी कि मैं कुछ कर क्यों नहीं पा रही हूं। मैं अपने पति पर कभी कभी झल्ला उठती थी और दिन रात यही करते निकल जाता था।

धीरे धीरे दिन बितते गए गए और मुझे एहसास हुआ कि इस वजन कि वजह से मैं पागल होते जा रही हूं जो मैं चाहती नहीं थी इसलिए मैंने इस बारे में चिंता करना छोड़ दिया। फिर मैंने सोचा कि मैं जैसी हूं वैसी हीं खुद को प्यार करूंगी और मेरा विश्वास कीजिए मैं कामयाब रही।

मेरा मूड स्विंग खत्म हो चुका था, मेरे इमोशनल खाने के दिन खत्म हो गए क्योंकि मैं अच्छे से खाने और पूरी नींद लेने लगी। मैं खुश और शांत थीं। ये मेरे चेहरे से और मेरी बेबी की मुस्कान में झलकता था। मैंने खुद को बदला और आज जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है मैं कितनी बेवकूफ थी।

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मातृत्व का अनुभव जिंदगी में एक (कुछ के लिए दो) बार आता है और इसे इंज्वॉय करने की जगह हम पूरी एनर्जी उस चीज में लगाते हैं जो आगे जाकर ज्यादा मायने नहीं रखते। आप मां है..इस पर गर्व करिए और इस समय को इंज्वॉय करिए। उन रंगो के कपडे चुनना बंद करिए जिसमें आप स्लिम दिखेंगी। अपनी जिंदगी को रंग बिरंगा बनाईए और इस पल का आनंद उठाइये।

वजन कम करने का तनाव मत पालिए। फिट रहने की कोशिश करिए। क्या हुआ अगर आपका साइज 10 या 12 है। आपका दिल और शरीर हेल्दी होना चाहिए और दिमाग उससे भी ज्यादा हेल्दी। गर्व कीजिए आप जैसी दिखती हैं।

इसलिए अगली बार जब आप तैयार होएं तो अपने पति से ये मत पूछिए कि “मैं पतली लग रही हूं ना" बल्कि ये पूछिए कि “मैं अच्छी लग रही हूं कि नहीं?”

आपकी,
पांच साल की बेटी की तंदरुस्त और खुश मां

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Source: theindusparent