रिर्सच की मानिए..गर्भपात के बाद सफल प्रेग्नेंसी की होती है अधिक संभावना

एबरदीन यूनिवर्सिटी की टीम ने पता किया है कि गर्भपात के 6 महीने के अंदर गर्भ धारण करने से सफल प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक होती है।

एबरदीन यूनिवर्सिटी की टीम ने पता किया है कि गर्भपात के 6 महीने के अंदर गर्भ धारण करने से सफल प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक होती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह है कि महिलाओं को गर्भपात के बाद कम से कम 6 महीने तक गर्भधारण नहीं करना चाहिए लेकिन इस स्टडी के अनुसार गर्भपात के 6 महीने के अंदर प्रेग्नेंसी में गर्भपात या समय पूर्व बच्चों जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या कम थी। 

conceiving after miscarriage

Photo: Dreamstime

The Telegraph. में सोहिनी भट्टाचार्य ने कहा है कि WHO के सुझाव (कि गर्भपात के बाद अगले बच्चें के गर्भधारण के लिए कम से कम 6 महीने का समय अवश्य लें) से हमारी स्टडी अलग है। हमारे रिर्सच कहते हैं कि गर्भपात के बाद 6 महीने से कम समय में गर्भधारण करना सबसे बेस्ट होता है।

पहले के चिकित्सीय सुझावों के अनुसार प्रेग्नेंसी में देरी नहीं करनी चाहिए…

डॉ भट्टाचार्य ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि कपल को पहले के चिकित्सीय सुझावों के अनुसार प्रेग्नेंसी में देरी नहीं करनी चाहिए बल्कि जैसे ही आप मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हो जाएं गर्भधारण करने की कोशिश करें।

हालांकि इसके पीछे क्या कारण है कि गर्भपात के बाद ज्यादातर सफल प्रेग्नेंसी होती है, इसके कारण का पता नहीं चल पाया है। डॉ भट्टाचार्य ने कहा कि अगर कोई गर्भपात से गुजरती है तो वो अपना बहुत ज्यादा ख्याल रखती हैं, अधिक फर्टाइल होती हैं – हालांकि ये सिर्फ अनुमान है।

कपल जब तैयार हो जाएं तो फिर से कोशिश करने की सोचें

Miscarrige Association के नेशनल डायरेक्टर रुथ बेंदर अतिक ने कहा कि इससे वो कपल जो गर्भपात के तुरंत बाद गर्भधारण की कोशिश करना चाहते हैं उन्हें बढ़ावा और आत्मबल मिलेगा। जो कपल ये सोचते हैं कि गर्भपात के बाद तुरंत गर्भधारण करने से उनका फिर से गर्भपात हो सकता है, उनके लिए बेस्ट ये है कि वो जब तैयार हो जाएं तब गर्भधारण करें। ये स्टडी भी यही बात कहती है। 

conceiving after miscarriage

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इस स्टडी से पता चलता है कि गर्भपात के बाद गर्भधारण करना सुरक्षित है लेकिन रॉयल कॉलेज ऑफ आब्स्टिट्रिशन की जेनी एल्सन का मानना है कि गर्भपात के बाद बेबी के बारे में कपल को तभी सोचना चाहिए जब वो शारीरिक और भावनात्मक रूप से इसके लिए तैयार हो।

एल्सन के अनुसार गर्भपात के बाद हमेशा काउंसलिंग लेनी चाहिए ताकि साइकोलॉजिकल तनाव को कम कर सके। इससे भी गर्भपात की संभावना होती है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हम पूरी तरह सुनिश्चित कर लेते हैं कि किसी भी तरह का दर्द, स्त्राव खत्म हो जाए और सेक्सुअल एक्टिविटी से पहले वो फॉलिक एसिड लेती रहें।

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Source: theindusparent