रवीना टंडन की बेटी बिल्कुल मां जैसी...खुद ही देख लीजिए

रवीना टंडन की बेटी राशा हाल में ही 12 साल की हुईं और वो बिल्कुल अपनी मां जैसी दिखती हैं

एक्ट्रेस रवीना टंडन जो फिलहाल टीवी शो की जज हैं लेकिन जल्द ही उनकी फिल्म मातृ रिलीज होने वाली है । उनकी फिल्म महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और हिंसा की कहानी है। असल जिंदगी में भी रवीना चार बच्चों की मां हैं।

रवीना टंडन मानती हैं कि बच्चों की परवरिश शांत माहौल में होनी चाहिए और वो अपने बच्चों को भी तनाव और हिंसात्मक माहौल से दूर रखती हैं। उनका मानना है कि इससे बच्चे खुश, हेल्दी और साकारात्मक रहते हैं। ये बात उन्होंने एक इंटरव्यू में कही थी जब उनकी बेटी राशा महज 10 साल की थी।

बिल्कुल मम्मी जैसी दिखती हैं राशा

रवीना टंडन की बेटी राशा हाल में ही 12 साल की हुईं और वो बिल्कुल अपनी मां जैसी दिखती हैं। मोहरा गर्ल रवीना टंडन ने अपनी बेटी की तस्वीर भी शेयर की। दोनों न्यूयॉर्क जा रहे थे और राशा भी अपनी मम्मी की कंपनी इंज्वॉय कर रही थी।

 

राशा और 10 साल के रणबीर रवीना के अपने बच्चे हैं लेकिन उनकी दो और बेटियां हैं जिन्हें उन्होंने 1995 में गोद लिया था।तब पूजा 8 साल की और छाया 11 साल की थी।

अब दोनों की शादी हो चुकी है और छाया की शादी हिंदू और क्रिश्च्यन तरीके से हुई थी जिसे मीडिया ने कवर किया था।

दोनों मां बेटी ने इस मौके पर बेहद खूबसूरत गाउन पहना था और दोनों बेहद खूबसूरत लग रही थीं।

रवीना टंडन के परवरिश का तरीका

रवीना टंडन ने फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर अनिल थंडानी से शादी की और वो खुद भी आर्थिक रुप से खुद पर पहले भी निर्भर थीं और आज भी हैं। वो अपने बच्चों को भी यही रास्ता दिखाना चाहती हैं।

 

Happy smiles! ❤️

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परवरिश के तरीके पर 42 वर्षीय रवीना टंडन कहती हैं कि बतौर पैरेंट्स हमें बच्चों को हर चीज सिखाना चाहिए। उन्हें एक रुपए की क्या अहमियत होती है पता होना चाहिए। मेरे ख्याल से बच्चों की परवरिश के लिए सही माहौल सबसे जरुरी है।

रवीना टंडन अपने बच्चों को शांत और स्थिर माहौल देना पसंद करती हैं ताकि वो खुश रहें। लेकिन सवाल उठता है कि ऐसा माहौल कैसे बनाया जाए। हम आपको बता रहे हैं कैसे? पढ़िए आगे।  

5 सीक्रेट्स कैसे बड़ा करें परवरिश कि बच्चे रहे खुश

  • कनेक्शन बनाएं : बच्चों को परिवार, दोस्तों के साथ जुड़ने में मदद करें। उन्हें उन लोगों से मिलने दें जिनके साथ वो खुश रहते हैं और इंज्वॉय करते हैं।
  • खुशियों को खरीदने की कोशिश ना करें: जो पैरेंट्स व्यस्त रहते हैं वो ज्यादातर बच्चों को गिफ्ट या उनकी पसंद की चीजें देकर खुश रखने की कोशिश करते हैं ताकि उन्हें उनकी कमी महसूस ना हो लेकिन ये ज्यादा समय तक नहीं चल पाता क्योंकि बच्चों को समझ में सब आता है।
  • आप खुद खुश रहें : अगर आप चाहती हैं कि आपके बच्चे खुश रहें तो इसके लिए जरूरी है कि आप भी खुश रहें। उन चीजों पर ध्यान दें जो जिससे आप खुश होते हैं चाहे वो किताबें पढ़ना हो, फिल्म देखना हो या कुछ और।
  • बच्चों को प्रोत्साहित करें:  बतौर पैरेंट्स आपकी जिम्मेदारी है कि आप बच्चों को प्रोत्साहित करें और उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाएं। लेकिन हमेशा सही चीजों के लिए प्रोत्साहित करें। बेटियों को कभी खूबसूरती के लिए प्रोत्साहित ना करें। उनकी स्किल और बौद्धिक स्तर की तारीफ करें।
  • फेल होने में बुराई नहीं :  फेल होने में कोई बुराई नहीं। अगर बच्चे असफल होंगे तभी वो सफल होंगे और सफलता को इंज्वॉय करेंगे और इसकी कीमत जानेंगे।

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Source: theindusparent