यह शुद्ध देसी सामग्री अपने बच्चे की डाइट में जरूर शामिल करें

यह शुद्ध देसी सामग्री अपने बच्चे की डाइट में जरूर शामिल करें

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हर भारतीय घर में घी का अपना अलग ही स्थान होता है और इसे काफी पौष्टिक माना जाता है। कई सालों से हम दाल में घी तो घी का हलवा खाते आ रहे हैं। आज भी मैं जब भी अपनी मां के घर जाती हूं वो खाने में घी से चुपड़ी रोटी ही देती हैं। मैं भी अपनी पांच साल की बच्ची को घी देती हूं।

ये अजीब बात है लेकिन फिटनेस को ध्यान में रखने वाली मॉम सोचती हैं कि घी बच्चों के सेहत के लिए अच्छा नहीं है। वो खाने में घी मिलाने से बचती हैं जो देखकर मैं चकित रह जाती हूं। क्या आपको मालूम है कि घी सबसे हेल्दी फैट है जो बाजार में उपलब्ध है?

अगर अभी भी आप मेरी बात को नहीं मानती हैं तो मैं आपको बच्चों से जुड़े घी के कुछ स्वास्थ्य से संबंधित फायदे बता रही हूं।

1. वसा का सबसे हेल्दी प्रकार

 

बच्चे खासकर छोटे बच्चे जो 6 महीने की तक अपने जन्म के वजन से दुगने हो जाते हैं उनके लिए घी बेहद जरूरी है क्योंकि अपने शरीर में लगातार हो रहे परिवर्तन के कारण उन्हें एनर्जी की आवश्यकता होती है।

घी से उन्हें शक्ति मिलती है जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है ताकि वो दिन में एक्टिव रहें और रात में अच्छी नींद में सोएं।इससे उनका हेल्दी विकास भी होता है।

2. पचाना आसान

देसी घी मक्खन से ज्यादा बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें वसा कम होता है इसलिए बच्चे आसानी से पचा पाते हैं। उनके लिए जरूरी होता है कि हम ऐसे वसायुक्त चीजें देनी चाहिए जो आसानी से पच जाए। ये बाजार में भी उपलब्ध सबसे बेहतर हेल्दी वसा में से एक है।

3. मस्तिष्क के लिए फायदेमंद

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देसी घी में विटामिन A, D , E और K प्रचुर मात्रा मे होती है। इसमें docosahexaenoic acid (DHA) भी पाया जाता है जो काफी हेल्दी फैट होता है और मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है। आयुर्वेद में भी कहा गया है कि ये मस्तिष्क के लिए काफी फायदेमंद है और साथ ही ये यादाश्त बढ़ाता है।

4. खाना बनाने के लिए बेस्ट

घी की एक और खासियत होती है कि ये आसानी से नहीं जलता। आधिक तापमान पर जो खाना बनाने वाले तेज होते हैं उन्हें गर्म करना हेल्दी नहीं होता। इससे पेरॉक्साइड के साथ और भी विषैले तत्व बनते हैं जो काफी हानिकारक होते हैं।

5. एंटीऑक्सिडेंट भी

देसी घी में सिर्फ विटामिन मिनरल नहीं बल्कि एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।मतलब आपका बच्चा जल्दी बीमार नहीं पड़ेगा खासकर बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से।

बच्चों को कितना घी देना चाहिए?

ये हमेशा उम्र पर निर्भर करता है। शरूआत आधे चम्मच घी को दाल में या खिचड़ी में मिलाकर करिए और धीरे धीरे दिनभर में एक चम्मच पर करिए। दो चम्मच से ज्यादा घी आपके बच्चे के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।

अगर पहली बार घी शामिल करने जा रहे हैं तो आधा चम्मच से ज्यादा ना दें। एक सप्ताह तक ध्यान दें कि और धीरे धीरे मात्रा बढ़ाएं। हमेशा कोशिश करें घर के बनें घी ही बच्चों को दें क्योंकि प्रीजवेटिव और बाकी मिलावटी फैट से दूर रहते हैं।

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Source: theindusparent

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