“मैगी, बिरयानी, मिठाई...मैं सबकुछ खाती हूं और फिर भी वजन कम कर लेती हूं”

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चावल, बिरयानी, नूडल्स, मैगी, रोल्स सभी ऐसे खाने हैं जो अगर मैं वजन कम करना चाहती हूं तो मुझे नहीं खाना चाहिए। लेकिन मैं जानती हूं कि मैं कभी भी इन्हें खाना नहीं छोड़ सकती और ना तो मैं ऐसा करना चाहती हूं। इसलिए क्यों ना स्मार्ट तरीके से खाया जाए।

कल जब मैं वॉक करने निकली तो मेरी एक दोस्त ने पूछा कि मैं कैसे अपने खाने की इच्छा पर कंट्रोल कर पाती हूं या मैं खुद को भूखे रखती हूं?

अगर आपने मेरा पहले कोई आर्टिकल पढ़ा होगा तो आपको शायद याद होगा कि मैंने 2 सालों में 30 किलो वजन कम किया था और आज तक मैं अपना वजन कंट्रोल करने में सफल हूं।

दूसरे बेबी के जन्म के बाद मेरा वजन बढ़कर 80 किलो हो गया जो मेरे लिए काफी ज्यादा था। मैं इसे 55 किलो पर लेकर आई और अब मैं 52 किलो की हूं।

अभी मेरा वजन 52 से 54 किलो के बीच रहता है (2 किलो वजन का बढना-घटना काफी नॉर्मल होता है)। वजन कम करने के दौरान मुझपर डाइट करने का धुन सवार नहीं हुआ, खुद को कभी मैंने भूखा नहीं रखा, और तो और मैं जिम भी नहीं गई (हेल्थ से जुड़ी कई समस्याओं के बारे में अगले लेख में विस्तार से चर्चा करूंगी।)

इसलिए एक तरीका था जिससे मैं भूख को हमेशा मैनेज करती थी और जो चाहती थी वो खा भी पाती थी।

संयम के साथ खाना महत्वपूर्ण है

हम लोगों में से कई लोगों को ये लगता है कि चावल, रोटी, घी या मक्खन खाना छोड़ देने से वजन कम हो जाएगा। लेकिन जब आप फैट, कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी छोड़ देते हैं तो आपका शरीर उपवास की स्थिति में चला जाता है।

इस तरह की परिस्थिति में आप बहुत ही कम मात्रा में फैट खाते हैं जो आपका शरीर पाचन में हस्तक्षेप करता है। ये बहुत ही नुकसान पहुंचाता है क्योंकि आपका शरीर अधिक से अधिक समय तक इसे ऐसे रखने की कोशिश करेगा। इसका अर्थ ये है कि जब आप अपने शरीर को भूखा छोड़ देते हैं तो कोई 'अस्वस्थ्य' खाने का छोटा हिस्सा भी अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

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जो पसंद है वो खाकर कैसे वजन नियंत्रण में रखें

ईमानदारी से कहूं तो मैंने किसी तरह का डाइट या वजन कम करने से जुड़ी किताब को नहीं फॉलो किया लेकिन मैंने खुद का guinea pig के रूप में इस्तेमाल किया और मैं इसके परिणाम से काफी खुश थी।

मेरा सिंपल फंडा ये था कि मुझे जो पसंद है मैं वो खाती थी लेकिन कम मात्रा में और पूरे संयम के साथ। यहां मैं अपने कुछ फंडे आपको बता रही हूं जो मैंने फॉलो किया था:

  • रात में चावल और रोटी खाना बंद कर दें।
  • चावल और रोटी को रोज खाने की जगह मैंने पहले सप्ताह में तीन दिन किया फिर दो दिन। इसका अर्थ था कि मुझे चावल खाना पसंद था इसलिए मैंने अचानक इसे खाना नहीं छोड़ा और इसलिए मैं ज्यादा मिस नहीं करती।
  • मैं ज्यादा मीठा पसंद नहीं करती लेकिन अगर आपको पसंद है तो वीकेंड पर एक छोटा टुकड़ा ले सकते हैं। अगर फिर भी मिठाई खाना चाहता हैं तो छोटा टुकड़ा तोड़ें और स्वाद लेकर खाएं।
  • मुझे मीठी चाय पसंद थी लेकिन मैंने चीनी की मात्रा आधी की और अब मेरा शरीर इसके अनुसार ढल गया है।

चावल, बिरयानी, नूडल्स, मैगी, रोल्स सभी ऐसे खाने हैं जो अगर मैं वजन कम करना चाहती हूं तो मुझे नहीं खाना चाहिए। लेकिन मैं जानती हूं कि मैं कभी भी इन्हें खाना नहीं छोड़ सकती और ना तो मैं ऐसा करना चाहती हूं। इसलिए क्यों ना स्मार्ट तरीके से खाया जाए।

मैं आज भी यही करती हूं और मेरा वजन नहीं बढ़ता है क्योंकि अगर मैंने एक बिरयानी ऑर्डर भी किया है तो मैं इसे बाकियों के साथ शेयर करती हूं और अगले तीन-चार दिनों तक हल्का खाना खाऊंगी। देखिए हो गया ना बैलेंस?

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