“मैं करवा चौथ में विश्वास तो करती हूं लेकिन उपवास नहीं रखती क्योंकि....”

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हमेशा लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं करवा चौथ पर क्या पहनने वाली हूं या मैं कैसे उपवास खत्म करने वाली हूं। मैं पूरी विनम्रता के साथ कहती हूं कि मैं उपवास नहीं करती। ये कठिन परिस्थिति होती है क्योंकि महिलाएं मुझे अपराधी की नजर से देखती हैं।

साल का वह समय फिर से आ गया है जब मेरे ससुराल वालों से लेकर पड़ोसी और रिश्तेदार तक मुझपर ताने मारेंगे क्योंकि मैं करवा चौथ पर उपवास नहीं रखती।

हमेशा लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं करवा चौथ पर क्या पहनने वाली हूं या मैं कैसे उपवास तोड़ूंगी। मैं पूरी विनम्रता के साथ कहती हूं कि मैं उपवास नहीं करती। ये कठिन परिस्थिति होती है क्योंकि महिलाएं मुझे अपराधी की नजर से देखती हैं जैसे उपवास ना रखकर मैंने कितना बड़ा अपराध किया हो।

मेरे ससुराल वाले खासकर इस वजह से गुस्से में रहते हैं और करवा चौथ के एक दिन पहले मेरी सास और उनकी बेटी क्या कर रही हैं सबकुछ बताती हैं। मुझे समझ आता है कि अप्रत्यक्ष रूप से मुझपर कमेंट किया जा रहा है लेकिन मैं उनकी भावनाओं की कद्र करती हूं और उम्मीद करती हूं कि एक दिन वो मेरी भावनाओं को भी समझ जाएंगी।

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मैं धार्मिक परिवार से हूं

इसके पहले कि आप लोग मुझे गलत समझें मैं बता दूं कि मैं काफी धार्मिक परिवार से आती हूं जहां सारे धार्मिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। मेरी 32 साल की जिंदगी में मैंने कभी अपनी मां को करवा चौथ का व्रत नहीं रखते हुए नहीं देखा। इसके अलावा वो अपने बच्चों और पति के लिए और भी उपवास करती हैं।

अब सवाल यह उठता है कि मैंने यह अलग तरह का कदम क्यों उठाया जिसकी वजह से मेरी मां नाराज़ हो जाती हैं और मेरी सास को मुझ पर गुस्सा आता है। मेरे पति स्थिति को समझते हैं और स्थिति को संभालने के लिए झूठे उपवास का दिखावा करने के लिए भी कहते हैं।

लेकिन मैं इसे नहीं मानती और ना मैं झूठ का पुलिंदा बांधना चाहती हूं। मेरे पति जिनके साथ मैंने लव मैरिज किया है उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है और हमारी शादी से पहले भी उन्हें इस बात से कोई समस्या नहीं थी।

यह मेरा निर्णय था

कई लोगों को मेरे करवा चौथ ना करने के निर्णय पर गुस्सा आ सकता है और भ्रमित या अपमानित महसूस कर सकते हैं लेकिन बहुत ही कम लोग इसके निर्णय के पीछे के असल कारण को जानते हैं। आज मैं आपके साथ यह कारण शेयर कर रही हूं ताकि मेरे भी मन का बोझ कम हो और मैं भी बाकी महिलाओं के दृष्टिकोण को जान सकूं कि वो मेरी स्थिति में होतीं तो क्या करतीं।

मेरा बचपन बहुत ही बुरा रहा है। मेरे पिता शराबी थे जिन्होंने मेरी मां को घर में कभी भी वो इज्जत नहीं दी जिसकी वो हकदार थी। मेरी मां पर चिल्लाने या हाथ उठाने से पहले वो एक बार भी नहीं सोचते थे।

अनपढ़ और गरीब परिवार से होने के कारण उन्हें अपनी बुरी शादी के बारे में बोलने की कभी हिम्मत नहीं हुई और उनके कारण मैं हमेशा भगवान से घर में शांति की प्रार्थना करती थी।

एक दिन...और मेरी जिंदगी बदल गई

Karva1 “मैं करवा चौथ में विश्वास तो करती हूं लेकिन उपवास नहीं रखती क्योंकि....”

मेरी मां करवा चौथ इस विश्वास के साथ रखती थीं कि उनका सर्मपन मेरे पिता को बदल देगा। लेकिन मेरे पिता को शायद ही कभी चिंता हुई कि वो मेरी मां का उपवास तोड़ने में मदद करें। एक करवा चौथ जो पूरी तरह मेरे जेह्न में है लेकिन उसे याद करना मेरे लिए काफी दर्दनाक है।

मेरी मां हर साल की तरह अपनी बनारसी साड़ी में इस उम्मीद के साथ तैयार थीं कि मेरे पिता घर समय पर आएंगे और उनके उपवास को तोड़ने में मदद करेंगे। उम्मीद के अनुरूप वो घर तो आए लेकिन सिर्फ यह बताने के लिए वो अपनी प्रेमिका के लिए हमें छोड़कर जा रहे हैं।

उस करवा चौथ के दिन मेरे पिता ने मां को रोते-बिलखते छोड़ दिया। उनके पास ना तो आर्थिक और ना ही इमोशनल सपोर्ट था। मेरे अंदर कुछ था जिसकी वजह से मैंने प्रण ले लिया था कि मैं शादी करने के बाद भी किसी के लिए उपवास नहीं रखूंगी क्योंकि उपवास रखना इस बात की गारंटी नहीं है कि इससे आपको वो प्यार और सम्मान मिलेगा जिसकी आप हकदार हैं। मैंने खुद को बोला था कि अगर कोई मुझसे प्यार करेगा तो उसे मुझसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि मैं उसे भगवान का दर्जा दूंगी।

मुझे पता है कि कई लोग मेरे विचारों से सहमत नहीं होंगे लेकिन जिस उथल-पुथल के बीच मेरा जीवन गुजरा है उस वजह से मेरे मन में डर बैठ गया है। मुझे इस वजह से विश्वास हो गया कि कभी भी उपवास या प्रार्थना करना ना तो पर्याप्त है और ना जरुरी।

मेरे पति मेरे लिए सबकुछ हैं

मैं अपने पति से बेहद प्यार करती हूं और अगर जरुरत पड़ी तो बिना एक पल गवाएं जान भी दे दूंगी लेकिन फिर भी अपने प्यार को साबित करने के लिए मुझे रीति-रिवाजों को मानने की आवश्यकता नहीं है। मेरी मां ने इसे माना लेकिन उन्हें इसके बदले कुछ नहीं मिला। वो आज भी उपवास करती हैं क्योंकि वो मानती हैं कि वो एक शादीशुदा औरत हैं और यह उनका अधिकार है। मैं इसमें विश्वास नहीं करती लेकिन हम दो अलग-अलग लोग हैं जो अपने दिल की सुनते हैं।

मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि सभी महिलाओं जो सजधज कर खूबसूरत थालियों की अदला-बदली करेंगी और मेरी तरह अगर किसी शख्स को बस दूरे खड़े यह सब करते देखें तो उन्हें जज ना करें। हो सकता है उनके पास कोई कारण हो जिसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है।