“मेरे पति मेरे साथ जबरदस्ती करते हैं...क्या ये वैवाहिक बलात्कार है?”

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लंबे समय तक मुझे पता नहीं चला कि मेरी शादी में जो हो रहा था उसे बलात्कार भी माना जा सकता है। जब टीवी चैनल पर वैवाहिक बलात्कार की खबरें आने लगी तब मैंने सोचना शुरू किया कि मैं भी इसका शिकार हूं।

सबसे पहले मैं इस बात को मानती हूं कि लंबे समय तक मुझे पता नहीं चला कि मेरी शादी में जो हो रहा था उसे बलात्कार भी माना जा सकता है।

जब टीवी चैनल पर वैवाहिक बलात्कार की खबरें आने लगी तब मैंने सोचना शुरू किया कि मैं भी इसका शिकार हूं। अब इसके पहले कि आप मुझे बेवकूफ समझें प्लीज पहले मेरी बात सुन लीजिए।

मैं एक छोटे शहर की लड़की हूं लेकिन मेरा परिवार का हमेशा से पढ़ाई और एकेडमिक में काफी झुकाव रहा है। मेरे पिता लोकल पंचायत स्कूल में टीचर हैं और मैंने अपनी स्नातक की पढ़ाई भी पास की यूनिवर्सिटी से पूरी की जो मेरे शहर से 50 किमी की दूरी पर था।

मेरे समुदाय में लड़कियां बहुत अधिक सुरक्षा और परदा में रहती हैं..

मेरे समुदाय में लड़कियां बहुत अधिक सुरक्षा में रहा करती हैं और लड़कों का दोस्त होना या डेट पर जाना बहुत बड़ी बात मानी जाती है। हम भी काफी दमित समाज में पले बढ़े हैं। हमारे लिए शादी का अर्थ अपने पार्टनर के साथ सोना था जिसकी कल्पना करके भी हमारे रोंगटे खड़े हो जाते थे।

आप इसे ऐसे समझें कि मेरे लड़कियों में किसी भी लड़की को किसी पुरुष ने छुआ तक नहीं था तो जाहिर है कि जब मेरी शादी हुई तो मेरे दोस्तों ने मुझे कॉल किया और मुझसे पहली रात से जुड़े कई सवाल पूछे।

 
1 “मेरे पति मेरे साथ जबरदस्ती करते हैं...क्या ये वैवाहिक बलात्कार है?”

जब मैंने उन्हें बताया कि मेरे पति इतने अधिक बेकरार थे कि उन्होंने एक ही रात में मेरे साथ बार सेक्स किया था तो सभी काफी देर तक हंसती रही और मुझे कहा कि मैं काफी लकी हूं क्योंकि मेरे पति काफी एक्साइटेड रहते हैं।

जैसे-जैसे महीने बीतते गए मैं सोचने लगी कि क्या मैं सच में लकी हूं। सच्चाई ये थी कि सेक्स को लेकर मेरे पति की एक्साइटमेंट पर मुझे बिल्कुल भी शक नहीं था। वो हर दिन सेक्स के लिए मुझपर दबाब डालते थे। कभी कभी सुबह में भी वो ऐसा करते थे जबकि समय बहुत कम रहता था और मेरी महीने की बेबी थी।

वो निरोध भी इस्तेमाल करना नहीं चाहते..

इतना ही नहीं वो गर्भनिरोधक भी इस्तेमाल करना नहीं चाहते हैं और मुझे गर्भ निरोधक दवाइयां लेने को कहते हैं। जिस दिन मैं थकी रहती थी या सेक्स का मूड नहीं होता था उस दिन वो मुझे आंख बंद कर लेने को कहते थे लेकिन खुद को खुश जरुर करते थे।

मेरे पीरियड्स के दिनों में वो काफी गुस्सैल और रुखा व्यवहार करते थे। यहां तक कि कई बार उन दिनों में भी मेरे ऊपर सेक्स का जोर दिया जाता था।

उन्हें मेरे स्वास्थ्य की बिल्कुल भी चिंता नहीं है। यहां तक कि डॉक्टर ने भी मुझे सेक्स से दूर रहने की सलाह दी थी क्योंकि मुझे टांके पड़े थे।

मेरे पति डिलिवरी के दो दिन बाद से ही मेरे साथ सेक्स करते थे जबकि मैं दर्द मे थी और काफी ज्यादा रक्तस्त्राव भी हो रहा था। बाकी एक महीने वो काफी गुस्से में रहे क्योंकि रक्तस्त्राव की वजह से वो खुद को ‘संतुष्ट’ नहीं कर पा रहे था।

मैंने अपनी महिला रोग विशेषज्ञ से इस मामले में बात भी की क्योंकि मुझे इन दिनों में काफी कमजोरी महसूस होती है और सेक्स के दौरान मेरे आखों में आंसू आ जाते हैं।

मेरी डॉक्टर ने मुझे कुछ कैल्शियम टेबलेट भी लेने की सलाह दी जिससे सेक्स के दौरान मेरे जोड़ों के दर्द को राहत मिलेगी। उन्होंने मुझे शहद और नारियल का पानी पीने की सलाह दी क्योंकि इससे मेरा भी मूड बनेगा।

ये सिलसिला पिछले 2 सालों से लगातार जारी है और अब सेक्स का ख्याल भी मुझे डरा देता है। अति किसी भी चीज में बुरी होती है। मैं अपने पति को कई बार ये बात बोल चुकी हूं लेकिन वो कहते हैं मुझे उनके साथ इंज्वॉय करना चाहिए क्योंकि कई पुरूष ऐसे होते हैं जो खुद को संतुष्ट करने के लिए शादी के बाहर भी विकल्प देखते हैं।

क्या मुझे ये सिर्फ इसलिए बर्दाश्त करना चाहिए क्योंकि वो अपनी खुशी के लिए कहीं और भी जा सकते हैं? आपको क्या लगता है क्या ये वैवाहिक बलात्कार हैमुझे क्या करना चाहिए? प्लीज मेरी मदद करें।