"मेरे पति को पता भी नहीं कि मेरा बच्चा उनका खुद का नहीं!"

"मेरे पति को पता भी नहीं कि मेरा बच्चा उनका खुद का नहीं!"

2005 में हमने शादी की पांचवी सालगिरह मनाई। लेकिन मैं बहुत ज्यादा इस पारिवारिक जिंदगी से बोर हो रही थी, जो मुझे बांधे जा रहा था।

मेरी शादी 2000 में हुई थी। उस समय मैं 27 साल थी और मेरे पति 30 साल। मेरा पहला बेबी एक साल बाद हुआ और छोटा बेबी 2 सालों के बाद।

मरे पति ऑस्ट्रेलियन हैं, और आर्थिक क्षेत्र में अच्छे खासे पैसे कमा रहे थे ताकि मैं घरेलू मॉम बनकर खुश रहूं। लेकिन मैंने अपना काम नहीं छोड़ा और रियल स्टेट से जुड़ी रही। कई बार काफी घंटे काम करना पड़ता था। कई दफे मैं लौटती थी तो मेरे बच्चे खा चुके होते थे। लेकिन मैं जॉब छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी।

2005 में हमने शादी की पांचवी सालगिरह मनाई। मुझे लग रहा था कि मेरी शादी टूट रही है। मुझे गलत मत समझिएगा, हालांकि मेरे पति *रॉबर्ट दुनिया के सबसे अच्छे इंसान में से एक हैं। फूल, चॉकलेट, शैंपेन जैसी छोटी छोटी सरप्राइज अक्सर मेरा दिन बना दिया करती थी।

लेकिन मैं बहुत ज्यादा इस पारिवारिक जिंदगी से बोर हो रही थी, जो मुझे बांधे जा रहा था। शुरूआत में मैंने विदेशों में नौकरी के लिए आवेदन करना शुरू किया ताकि मैं एक साल के लिए अपने परिवार से दूर रहूं जिसका मैं जबरदस्ती हिस्सा बनी हुई थी। मैंने अपने इस प्लान पर काफी मेहनत की और तब मुझे लग रहा था कि किसी भी हाल में ये करना है। ये स्थिति तब तक थी जब तक मेरी मुलाकात जेक से नहीं हुई थी।

जेक से मुलाकात

डिंपल वाली स्माइल, दमदार आवाज और वो रहस्यमयी निगाहें- जैक किसी ग्रीक गॉड से कम नहीं लगता था। वो Bukit Timah में एक अपार्टमेंट चाहता था और मैं उसकी मनपसंद एक अपार्टमेंट खोजना चाहती थी।

जैसे जैसे हम अधिक अपार्टमेंट देखने के लिए मिलने लगे, मैं दो बातें महसूस की 1) वो इतने सहजता के साथ मिलता था कि हम चाय/कॉफी साथ में पीते थे। 2) एक बात साफ थी कि अप्वाइंटमेंट के पहले या बाद  हम घंटे दो घंटे साथ में बिताते थे। मैं उसके कदम उठाने का इंतजार करती थी।

आखिरकार वो एक सेक्सी दो बेडरूम के फ्लैट में शिफ्ट हो गया। जब जरूरी पेपर साइन होते थे मुझे उस लड़की से जलन होती थी जो उसके साथ इस सिलसिले में समय बिता रही होती थी।

हम और जेक पहले ही एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा ओपन हो चुके थे। वो मुझे अपने बारे में काफी कुछ बता चुका था। उसकी उम्र 36 साल थी। उसकी मां लेबनॉन की थी और पिता ब्रिटिश। वो इंग्लैंड के कई शहरों में बचपन से रह चुका था और जॉब के सिलसिले में यहां पोस्टिंग हुई थी जिसके लिए वो काफी एक्साइटेड था।

उसका लक्ष्य सिंगापुर में कल्चर पढ़ना था और ईस्ट वेस्ट के फ्युजन को समझना था। मैंने उसे अपने बारे में भी सब कुछ बता दिया था। स्कूल मेरा कैसा बीता वगैरा वगैरा। लेकिन उससे मैंने शादी की बात छिपाई। मैं हमेशा अपनी रिंग पुरूष क्लाइंट से मिलने से पहले उतार देती थी।

 
affair

एक सप्ताह के बाद मैं जेक से मिलने गई कि वो कैसे रह रहा है। उसने काफी अच्छा डिनर का आयोजन कर रखा था। हमने अपने अपने सपनों के बारे में बताया। खाने के बाद डिजर्ट के साथ साथ उसने कुछ मेरे हाथों में रखा ।मैंने नीचे देखा तो मेरे हथेली पर चाभियां रखी थी । उसने मेरे कानों में कहा जेस ये तुम्हारा है, मैं तुम पर शिफ्ट करने का किसी तरह का दवाब नहीं बना रहा हूं लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम्हें पता हो कि ये जगह तुम्हारा भी है। मुझे इस बात की बेहद खुशी है।

वो बेहद आनंदित था और मैं उसके ये शब्द सुनकर सातवें आसमान पर थी। उस समय परिवार की तस्वीर मेरे दिमाग में आई । मेरा बेवकूफ लेकिन विवेकपूर्ण दिमाग जानता था कि मुझे किसी एक को छोड़ना होगा लेकिन वो कोई एक मेरा परिवार नहीं हो सकता।

अपने पति को झूठ बोलती थी...

मैं जेक के साथ कंप्रोमाइज के लेवल तक पहुंच गई थी। मैं ज्यादातर काम के दिनों में शाम में उसके यहां जाती थी और पूरी रात बिताती थी। अपने पति को झूठ बोलती थी कि मैं अपने महिला मित्रों के साथ रात में रूकी थी।

रॉबर्ट कभी भी इन सब चीजों को चेक करने नहीं जाता है। इसलिए मुझे पता था कि मुझे अपनी किसी भी दोस्त को ये सब बताने की जरूरत नहीं है। जब भी मुझे रॉबर्ट स्माइल कर देखता था या बाहों में लेता था ,मैं खुद को अपराधी समझने लगती थी और तुरंत उसके साथ बेड पर चली जाती थी। हम दोनों तब किसी जंगली जानवर से कम नहीं होते थे। मैं अपराधबोध में तो रॉबर्ट अपनी पत्नी के साथ आनंदित होता था ।

दो महीने के बाद जेक क्रिसमस पर अपने घर जा रहा था और मुझे भी अपने साथ चलने के लिए बोला। मैंने किसी तरह जरूरी प्रोजेक्ट का बहाना बना दिया। जब वो वहां था तो मुझे सबसे बड़ा झटका लगा कि मैं प्रेग्नेंट थी। इस बात की अनिश्चितता मुझमें बेबी से भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी कि बेबी किसका है।

जेक क्रिसमस के कुछ दिनों बाद वापस लौटने वाला था और मुझे कोई एक विकल्प चुनना था कि बेबी के साथ सबकुछ छोड़ उसके साथ चली जाऊं या फिर बेबी को परिवार के सदस्य की तरह लेकर आऊं।

रॉबर्ट और जेक दोनों गोरे रंग के थे तो मुझे पता था कि किसी को भी बेबी के जन्म के बाद कुछ भी पता नहीं चलता। मैंने एक फैसला लिया और अपना नंबर बदल लिया।

अब मेरा बेटा एडेन दो साल का हो चुका है। जब मैं टाइप कर रही हूं तो एडेन मेरे पैरों से खेल रहा है और मुझ अपनी खूबसूरत आखों से देख रहा है। वही आखें जैसे जेक मुझे देखा करता था।

संपादक के विचार : ये एक सच्ची घटना है लेकिन लेखक की पहचान गुप्त रखने के लिए हमने इससे जुड़े हर शख्स का नाम बदल दिया है।

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Source: theindusparent

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