मेरा बच्चा स्कूल में शैतानी करता है! मुझे क्या करना चाहिए?

यहां हम आपको कुछ खास बातें बता रहे हैं ताकि अगर आपका बच्चा स्कूल में शैतानी करता है तो आपको क्या करना चाहिए और इससे कैसे निपटना चाहिए।

यहां हम आपको खास बात बता रहे हैं – आपका बच्चा स्कूल में दुर्व्यवहार करता हो और आपको हमेशा शिक्षकों से शिकायत मिलती है। अगर शिक्षक 5 में 3 बार कॉल शिकायत करने के लिए करें तो ये बुरी खबर है।

हम सभी जानते हैं कि स्कूल से बच्चों की शिकायत आने पर माओं पर क्या गुजरती है।लेकिन इसके पहले कि आप खुद पर से नियंत्रण खोएं और अपनी परवरिश पर सवाल उठाएं जरा रुकिए और पहले जरा शांत हो जाइए।

यहां हम आपको कछ खास बातें बता रहे हैं ताकि अगर आपका बच्चा स्कूल में शैतानी करता है तो आपको इससे कैसे निपटना चाहिए।

  • कंट्रोल रखें

हम सभी जानते हैं कि गुस्सा करना बहुत ही बुरा आइडिया है और खासकर अगर बात बच्चे की हो। अगर आप फोन आते ही तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं तो हो सकता है कि आप कुछ ऐसी बातें कह दें जिसका बाद में पछतावा भी हो लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।

इस तरह की परिस्थिति में आपको समझदारी से काम लेना होगा। पहले 5-10 मिनट या एक दिन भी समय लें। जब आपको लगे कि आप बिल्कुल शांत हो चुकी हैं तो सोचें कि इस मामले से कैसे निपटना है।

अगर कॉल के वक्त आप परिवार के बाकी सदस्यों के साथ हैं तो आपको बच्चे से उनके सामने बिल्कुल भी नहीं बात करती चाहिए। हमेशा सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी निजता के साथ इस मामले से निपटें।

हो सकता है आपने जो सुना कहानी सिर्फ उतनी ना हो

  • जांच-पड़ताल करें

मैं ये नहीं कहती कि शिक्षक विश्वासपात्र नहीं होते हैं या आपके बच्चों के बारे में कहानी गढ़ रहे हैं। मैं सिर्फ इतना कह रही हूं कि कभी कभी शिक्षक भी पूरी घटना नहीं जानते हैं।

अपने बच्चों से बात करने से पहले दूसरे पैरेंट्स से भी बात करें। हो सकता है आपको दूसरे बच्चों से कुछ ऐसा पता चले जिसकी जानकारी आपको ना हो।

एक और जरूरी काम जो आपको करना चाहिए कि जो ज्यादातर पैरेंट्स करते हैं। आपको जानने की कोशिश करनी चाहिए कि क्या इसके पीछे कोई भी कारण है जिसकी वजह से बच्चे ने ऐसा किया है।

जब बच्चे स्कूल में शैतानी करते हैं तो समझने की कोशिश कीजिए कि क्या कोई गहरी समस्या है। क्या किसी बात का गलत असर पड़ रहा है।

क्या हाल फिलहाल में कुछ हुआ है? क्या बच्चे के रोज के स्वभाव में कुछ अंतर आ रहा है? क्या आपने परिवार के किसी सदस्य खोया है? क्या आपका बच्चा लगातार तनाव में है?

क्या आप बच्चे की तुलना उनके भाई-बहन से कर रहे हैं?

हर संभव प्रयास करें कि आप गहराई तक जाकर हर बात को जानें।

  • और भी संभावनाएं को तलाशें

जब आप समझ चुके हैं कि आपने सब पता कर लिया है तो और हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। लेकिन दूसरे क्या सोचते हैं ये भी जानना जरूरी है।

यहां सबसे जरूरी है कि जब आपका बच्चा स्कूल में शैतानी करता है तो आपकी तर्कसंगत तरीके से निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ता है क्योंकि आप भावनाएं इसमें जुड़ी होती हैं।

एक तटस्थ पार्टी आपको इसमें बेहतर तरीके से मदद कर सकता है या फिर बता सकता है कि आप अधिक प्रतिक्रिया तो नहीं दे रही है।

आपको उनकी बातें सुननी की जरूरत नहीं है लेकिन वो क्या सलाह देते हैं ये भी मायने रखता है। ये आपकी आखें खोल सकती है या कुछ ऐसा बता सकती है जो आपने नहीं सोचा हो।

  • जब तक साबित ना हो बेगुनाह हैं

मम्मी और पापा आप बच्चों को दोषी ना ठहराएं। अगर कोई हत्या का भी आरोपी है तो उसे अपनी बात कहने का मौका दिया जाता है। इसी तरह से आप सही मौके पर सही समय में बच्चे से पूछें कि असल में क्या हुआ था।

आप क्या सोचती हैं ये भी मायने रखता है। उनसे पूछने की जगह कि तुमने ऐसा क्यों किया...उनसे पूछें कि क्या ये सच है? क्या कुछ ऐसा हुआ था?

जाहिर सी बात है कि कोई भी बच्चा अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करता है ।

  • यह एक टीम वर्क है

जब आपका बच्चा स्कूल में दुर्व्यवहार करता है तो इसे यूं ना लें कि यह समस्या केवल दूर करने के लिए है।आपको शिक्षकों के साथ काम करना होगा क्योंकि वो क्लास और स्कूल को माहौल बेहतर तरीके से समझते हैं। हो सकता है कि वो बच्चों के लिए आपको बिल्कुल सही सलाह दें।

आप सारी जानकारी रखें कि क्या हो रहा है। अगर आपको लगता है कि शिक्षक तर्कहीन हैं या सही तरीकों से नहीं सुलझा रहे हैं तो आप उन्हें विनम्र तरीके से समझा सकती हैं।

ये अभी जरूरी है कि आप अपने बच्चों को ना बताएं कि आप शिक्षक की बातों से सहमत नहीं है। अगर उन्हें पता चल गया है कि शिक्षक और पैरेंट्स की अलग अलग राय है तो वो इसका फायदा उठा सकते हैं।

  • समस्या को सुलझाएं

जब आपके बच्चे स्कूल में दुर्व्यवहार करते हैं तो आपको इस पर कार्य करने की जरूरत है। एक बार जब आप पूरी कहानी जान जाएं तो आगे क्या करना है ये फैसला लें। अगर ये पहली बार है और आप बच्चे को डराती हैं या डांटती हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

हालांकि आपको इस बात को सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आप अपने जो भी धमकी दी है उसका पालन करें। अगर आपने जो कहा वो नहीं करेंगी तो ये बार-बार होता रहेगा और आपका बच्चा आपको गंभीरता के साथ नहीं लेगा।

  • इससे बचाव के उपाय

बचाव हमेशा ही इलाज से बेहतर मनाता है। जब आपका बच्चा स्कूल में दुर्व्यवहार करता है तो पहले ये जाने कि इसके पीछे क्या कारण है।

अपने बच्चे को गुस्से पर कंट्रोल करना सिखाएं जिसकी वजह से वो ऐसा कर रहा है। समस्या जो भी हो लेकिन उसका उपाय जरूर होता है।

मम्मी और पापा, अगर आपको लगता है कि ये जानकारी आपके लिए मददगार है तो सबसे पहले ये जान लें कि बच्चों के साथ अच्छा रिलेशनशिप बहुत जरूरी है।

बच्चों के साथ अगर आपका रिश्ता बहुत ही अच्छा रहेगा तो वो खुद अपनी गलतियों को स्वीकार करेंगे।

आपके बच्चे की जिंदगी में क्या हो रहा है इसकी जानकारी रखें। वो आपसे क्या बोलते हैं और क्या छिपाते हैं इस पर भी नजर रखें। उनके व्यवहार पर नजर रखें और जरूरी एक्शन लें। अगर कुछ अलग लगे तो बात करें इसके पहले की वो समस्या बन जाए।

एक बात का और ख्याल रखें कि आप अपने बच्चे को बेहतर तरीके से जानती हैं।