मूडस्विंग्स पर काबू पाना है बड़ा आसान...जानिए क्या करें प्रेगनेंसी के दौरान

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एक्सपेंटिंग मॉम्स के शुरुआती कुछ महीने तो उत्साह और उदासी के बीच ही व्यतीत होते हैं । जहां कई मांओं को धीरे-धीरे ये अप्स एंड डाउन्स की आदत स्थिर बना देती हैं वहीं कुछ डिप्रेशन या हाइपर-टेंशन की समस्याओं से ग्रसित हो जाती हैं ।

एक मां के मन में अपनी कोख में पल रहे शिशु को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं होती हैं । अगर आप भी प्रेगनेंट हैं या अपने पहले बच्चे को जन्म दे चुकी हैं तो आप इसे बेहतर समझ सकती हैं । एक्सपेंटिंग मॉम्स के शुरुआती कुछ महीने तो उत्साह और उदासी के बीच ही व्यतीत होते हैं । जहां कई मांओं को धीरे-धीरे ये अप्स एंड डाउन्स की आदत स्थिर बना देती हैं वहीं कुछ डिप्रेशन या हाइपर-टेंशन की समस्याओं से ग्रसित हो जाती हैं ।

डियर मॉम्स टू बी, टेक इट ईज़ी !

प्रेगनेंसी के दौरान हमारा हार्मोन स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है जिसका प्रभाव हमारे व्यवहार और हमारे मिजाज़ पर पड़ना लाज़िमी है । गर्भावस्था के दौरान अगर आप का मूड बहुत ही जल्दी-जल्दी बदल रहा हो यानि एक ही पल में सकारात्मक ख्यालों में खो जाने वाला आपका मन दूसरे ही पल नकारात्मक बातों को सोच कर घबराहट महसूस करने लगे तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि इस कशमकश ककी अवस्था में ही आप मूड स्विंग्स की शिकार हो जाती हैं

मैं अपने कुछ अनुभव से आपको रुबरु कराऊं तो हो सकता है कि आपमें से बहुत सी महिलाओं को ये अपनी ही दासतान लगे। गर्भावस्था के 7 महीने तक मैं दफ्तर जाया करती थी । मुझे अपना काम और खुद को बिज़ी रखना बेहद पसंद था । लेकिन प्रेगनेंसी को लेकर काम के दौरान भी मेरा मन बैचेन हो जाता था । मैं अपने ही ख्यालों में खो जाया करती थी जैसे पता नहीं मेरी डिलीवरी कैसे होगी या क्या होगा अगर अभी ही कुछ हो जाए!  मैंने महसूस किया कि मैं अत्यधिक चिंता और इसके कारण बेवजह आने वाले गुस्से को कन्ट्रोल नहीं कर पा रही थी ।

src=https://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2017/10/pregnancy 1508855129 e1508855142199.jpg मूडस्विंग्स पर काबू पाना है बड़ा आसान...जानिए क्या करें प्रेगनेंसी के दौरान

3907349 / Pixabay

स्वाद पाने की इच्छा यानि टेस्ट बड का सुपर ऐक्टिव होना !

प्रेगनेंसी के दौरान कोई भी खाने की चीज़ मुझे तुरंत चाहिए होती थी जैसे कभी मोमो तो कभी टिक्का पनीर तो कभी पैस्ट्री । ज़रा सी भी देरी मेरे अंदर और भी क्रैविंग ला देती ।ऑफिस टाईम में यब सब मुश्किल होता था मेरी छोटी-छोटी डिमांड अगर पूरी नहीं हो पाती तो मेरा मूड खराब हो जाता था ।

आमतौर पर मैं काफी एडजस्टेबल हूं लेकिन उन दिनों मैं किसी चीज के लिए कुछ ज्यादा ही ललायित हो जाया करती थी ।आज उस क्रैविंग को सोच कर हंसी आती है ।

भावनात्मक रुप से कमज़ोर होना !

गैरज़रुरी बातों पर भी मेरे आंसू आ जाते थे जो कि मेरे असल स्वभाव के विपरीत था । उन दिनों जब मैं अपने मायके गई तो मुझे रिसीव करने मेरे मम्मी-पापा किसी कारणवश नहीं आ सके हालांकि उन्होंने किसी परिचित व्यक्ति को भेज दिया था ।

हो सकता है कि आपको भी अब मेरी तरह ये बात बिल्कुल छोटी सी लगे लेकिन उस दिन घर पहुंचते ही मेरी आंखों से आसूं ही नहीं बल्कि अंगारे बरस रहे थे । मेरी नाराज़गी ने उन्हें अपराधबोध करने को मजबूर कर दिया था । मुझे अफसोस है कि मैंने उन पर बेवजह गुस्सा किया ।  

खुद को सकारात्मक चीजों में व्यस्त रखने से ये समस्या कम हो जाएंगी । अपना टेंपर लूज़ करने की बजाए आप अपने होने वाले शिशु के स्वागत के लिए खास प्लान कर सकती हैं । कुछ अच्छे नामों की सूचि बनाइए । या फिर आप प्रेगनेंसी डायरी में अपनी भावनाएं संजो कर रख सकती हैं ।

हो सकता है कि समझदार होने के बाद आपका बच्चा इसे पढ़ना चाहे ।मां बनने के दौरान हो रहे कई परिवर्तन के कारण मूडस्विंग्स तो एक निश्चित प्रक्रिया है जिससे बचाव के तरीकों पर गौर कर के या व्यवस्थित रुप से खुद को समय देकर आप मन के इस उतार-चढाव वाली मुसीबत से बच सकती हैं ।

जहां तक हो सके अपनी भावनाओं पर काबू रखें। यकींन मानिए गुस्सा कर के आप अपने भीतर पल रहे नन्हीं सी जान को ही कष्ट दे रही हैं । संयम और धैर्य से ही आपकी मुश्किल राह को आसान बन जाएगी ।

प्रेगनेंसी के दौरान खुशमिज़ाज रहने के लिए अपनाएं ये 6 टिप्स…

  • अपनी हॉबी पर समय दें जैसे बागवानी करें या लिखने-पढ़ने के शौक को पूरा करें । गाना गाना और सुनना भी आपके मन को खुश रख सकता है ।
  • योगा करने की आदत ना हो तो टहलने निकल जाएं हालांकि मन शांत रखने के लिए मेडिटेशन बेस्ट है ।
  • गर्भावस्था को लेकर आप जितना तनाव लेंगी उतनी ही दुखी महसूस करेंगी इसलिए सब कुछ समय पर छोड़ दें ।
  • इंटरनेट पर डिलीवरी से संबंधित वीडियो देखने से दूर रहें ये आपको और भी परेशान कर सकता है ।
  • अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं इससे आपका मन हल्का हो जाएगा
  • आस-पास के पार्क में जाकर नन्हे बच्चों के बीच समय गुज़ारें आपका मन पुलकित हो उठेगा ।