“मुझे गर्व है कि मैं घर के कामों में पत्नी की मदद नहीं करता”

मैं एक आधुनिक पति हूं और जैसा कि मैंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अपनी पत्नी की घर के कामों में मदद नहीं करता और मैं आपको बता दूं कि वो भी खुश है कि मैं उसकी मदद नहीं करता।

अब इसके पहले कि आप मुझे नारीवाद विरोधी, पुराने ख्यालों वाला मानें मैं आपको बताता हूं कि मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं। अगर मदद की परिभाषा की बात करें तो घर के काम की जिम्मेदारी उसकी है और मैं बस उस घर के अधिनस्थ हूं जहां मेरा परिवार रहता है। हम बराबर जिम्मेदारी पूरी परिपक्वता के साथ शेयर करते हैं जो एक शादी के लिए जरूरी है। घर के काम को लेकर हमारी आपसी समझ है कि हम एक दूसरे के स्पेस में दखलअंदाजी नहीं करते और हम इसमें बहुत खुश हैं।

अगर मैं अपनी पत्नी की घर के कामों में मदद करूं तो इसका ये मतलब होगा कि मैं कुछ अलग हटकर कर रहा हूं। मैं वही कर रहा हूं जो हर पति करता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि मैं कर नहीं सकता या फिर मैं अपनी पत्नी से डरता हूं। इसका सिर्फ ये मतलब है कि मैं अपनी पत्नी की इज्जत करता हूं और मैं अपनी बात प्रूव भी कर रहा हूं। मुझे अपनी आपसी समझ पर गर्व है।

अगर फिर भी आप इस बात से सहमत नहीं हैं तो हम आपको पांच कारण बता रहे हैं।   

1. क्योंकि ये 21वीं सदी है

 

ये सबसे घटिया कारण हो सकता है । हर कोई 21वीं सदी में नहीं जीता। कई ऐसे पुरूष हैं (और महिलाएं भी) जो सोचते हैं कि लिंग के आधार पर काम बांटे गए हैं और वो भी खासकर परिवार के सदस्यों में बांट दिए जाते हैं। कई ऐसे आंकड़े उपलब्ध हैं जो बताते हैं कि एशियन पुरूष इसका समर्थन करते हैं। 2014 की एक रिर्पोट की मुताबिक भारतीय पुरूष सिर्फ 19 मिनट घर के कामकाज में बिताते हैं जबकि उनकी पत्नियां 298 मिनट कामकाज में बिताती हैं। ये लगभग 5 घंटे है और पुरूषों के मुकाबले 15 गुणा ज्यादा है। जापान, कोरिया और चीन भी इस सर्वे में काफी पिछड़े साबित हुए।

इसलिए दोस्तों अगर आपकी पत्नी गृहणी भी हैं तो भी वो परिवार में मूल्य लाती हैं। आप उसके ऊपर प्राइस टैग नहीं लगा सकते। इसका कोई मुल्य नहीं है। इसलिए अपनी मानसिकता सुधारें।

2. क्योंकि ये निष्पक्षता की बात है

 

क्या आप समानता में विश्वास करते हैं? क्या आप मानते हैं कि पति और पत्नी दोनों ही परिवार के लिए बेहद जरूरी हैं?  क्या आप भी मानते हैं कि आप भी परिवार में सिर्फ एक खास तरीके से योगदान दें? तो आप भी अपनी पत्नी के साथ बैठें और कामों की लिस्ट बनाएं और इसे आपस में बांट लें। हो सकता है आप में से एक कामकाजी हो और एक होममेकर हो। लेकिन इसका ये मतलब नहीं जो होममेकर है पूरे घर की जिम्मेदारी सिर्फ उसकी है।

3. क्योंकि ये अचानक अनुचित लगेगा

 

चाहे वो फिल्म हो या फिर परियों की कहानिया सब में एक चीज जरूर होती है कि महिलाएं सबकुछ खुद नहीं कर सकती हैं, उन्हें एक कवच की जरूरत होती है जो उन्हें हर गलत चीज से बचाए। लेकिन मैं आपकी सोच पर यहीं विराम लगाना चाहता हूं। ये सच्चे साथी की निशानी नहीं है। कहानियों से बाहर निकलें और हकीकत में भी एक दूसरे की जगह पर रख कर देखें। क्या आपको ये उचित लगा? मुझे तो नहीं लगता।

अगर सच्चाई के साथ सभी अपने अपने कामों का बंटवारा करें तो आपका अधिक समय नहीं जाएगा। बल्कि इससे आपका समय बचेगा। क्या आपको वीडियो गेम्स खेलना पसंद है या दोस्तों के साथ नाइट आऊट पर जाना अच्छा लगता है? क्या आप पूरी तरह से इंज्वॉय करते हैं या फिर कहीं ना कहीं आपके दिमाग में ये बात रहती है कि आपकी पत्नी कहीं आपके काम से गुस्सा तो नहीं?

इसका भी एक हल है। स्टडी से पता चलता है कि कपल जिनमें कामों का बंटवारा अच्छे से रहता है वो ज्यादा खुश रहते हैं बजाय के उन कपल के जो इन मामलों में बिल्कुल स्पष्ट नहीं रहते। आप अपने अपराधबोध को खत्म करना चाहते हैं तो अपने काम निपटाएं और जितना इंज्वॉय करना है करें।

4. क्योंकि आपके बच्चे देख रहे हैं

 

बच्चे चंचल होते हैं और कॉपी भी करते है। वो आपका अपनी पत्नी के साथ व्यवहार देखते हैं। क्या आप चाहते हैं कि आपका बेटा इस सोच के साथ बड़ा हो कि उसके पास विशेषअधिकार हैं क्योंकि वो लड़का है? क्या आप चाहते हैं कि आपकी बेटी कम मनोबल के साथ बड़ी हो? अगर हां तो आप ऊपर लिखे अनुसार नारीवाद विरोधी और पुराने ख्यालात की बू आती है। हमेशा याद रखें कि बच्चों के सामने सही उदाहरण पेश करें। आपकी आदतें ही सबसे अच्छा ऊदाहरण बच्चों के सामने पेश करती है।आखिरकार ये बच्चे ही हैं जो आपको याद रखेंगे जब आप उनके आसपास नहीं होंगे।वो आपको कैसे याद रखें ये आपके ऊपर है।

5. क्योंकि असली मर्द यही करते हैं

 

मुझे नहीं पता कि पुरुषत्व के बारे में आप क्या सोचते है। टेस्टिस का मतलब लैटिन में गवाह और प्रूफ होता है। समय के साथ पुरूष ने अपनी मर्दानगी दिखाने के लिए इस सत्य को थोड़ा घुमा दिया है

एक असली पुरुष मानता है कि उसे प्रूव करने की जरूरत नहीं है। इसके बदले वो परिवार के लिए सही चीज करने में अपनी शक्ति लगाता है। मतलब परिवार के लिए सही तरीके से योगदान करना।

इसलिए दोस्तों अपनी पत्नी को काम के बोझ तले ना दबने दें। लेकिन ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं करें क्योंकि मैंने कहा बल्कि इसलिए करें क्योंकि आप करना चाहते हैं। अंदर से ऐसा करना चाहते हैं।

अगर आपके पास कोई सवाल या रेसिपी है तो कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।

Source: theindusparent