मुंबई हुई शर्मसार: 13 साल के लड़के के साथ चार शख्स ने किया बलात्कार..हुई मौत

मुंबई में एक 13 साल के लड़के ने आत्महत्या करने की कोशिश की जिसके बाद उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उसकी मौत हो गई। चार शख्श द्वारा कथित गैंगरेप के बाद लड़के ने यह कदम उठाया।

अगर आप ये सोचते हैं कि आपने समाज का सबसे घिनौना चेहरा देखा है तो एक बार फिर सोच लीजिए क्योंकि आप आगे जो पढ़ने जा रहे हैं वह आपको विश्वास को तोड़कर रख देगा।  

मुंबई में मंगलवार को एक 13 साल के लड़के ने आत्महत्या करने की कोशिश की जिसके बाद उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उसकी मौत हो गई।  चार शख्श द्वारा कथित गैंगरेप के बाद लड़के ने यह कदम उठाया।

डर के साये में मुंबई

बच्चे को तुरंत पास के जे जे अस्पताल में ले जाया गया लेकिन तुरंत लीवर ट्रांसप्लांट नहीं होने के कारण उसकी मौत हो गई। जहर के कारण लीवर काम करना बंद कर चुका था।

जे जे अस्पताल के डॉक्टर्स ने कहा कि उसका शरीर गलने लगा था इसलिए ये पता कर पाना मुश्किल है कि यौन उत्पीड़न के कोई लक्षण हैं या नहीं।

TOI से बातचीत में डॉक्टर ने कहा कि “शरीर सड़ चुका था इसलिए यौन उत्पीड़न के लक्षण पता कर पाना काफी मुश्किल है लेकिन हम सुबूत जमा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जब लीवर काम करना बंद कर देते हैं तो आगे किडनी पर इसका असर पड़ता है। उसका किडनी भी प्रभावित हो चुका था। वो पहले से ही लाइफ सपोर्ट पर था। मंगलवार सुबह उसका ब्लड प्रेशर भी अचानक कम हो गया।“

उसने मृत्यु के ठीक पहले खुलासा किया कि आठवीं क्लास का छात्र जाहिद भी उन आरोपियों में से एक है जिसने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की थी।

लड़के ने मौत से पहले किया भयावह खुलासा!

मौत को गले लगाने से पहले बच्चे ने ना सिर्फ एक आरोपी का नाम बताया बल्कि उसने ये भी खुलासा किया कि चार लोगों ने उसका उत्पीड़न किया था।

उसने अपने पैरेंट्स से कहा था कि 6 जून के बाद से कुछ लोगों ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया और परिवार वालों को कुछ ना बताने की धमकी भी दी।

मुंबई मिरर को फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने बताया कि प्राइवेट पार्ट्स के जख्म से पता चलता है कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ था। शरीर में forced penetration के भी सुबूत हैं।

विशेषज्ञों ने ये भी बताया कि पैरेंट्स ने उसके व्यवहार में बदलाव को नोटिस किया था, वो काफी परेशान रहता था।

10 वर्षीय दोस्त के साथ भी यौन उत्पीड़न?

13 वर्षीय बच्चे की मौत ने ना सिर्फ देश में आक्रोश को जन्म दिया है बल्कि पुलिस ने ठीक एक दिन बाद संदेहास्पद परिस्थिति में 10 वर्षीय बच्चे की मौत को भी गंभीरता से लिया। 

इस बच्चे को अस्पताल में डिहाइड्रेशन की समस्या के बाद लाया गया था और उसे वापस घर भेज दिया गया। उसकी स्थिति में कोई भी सुधार नहीं हुआ। बच्चे को वापस अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

अफसोस की बात है कि उनके माता-पिता ने कोई शिकायत दर्ज किए बिना उसे दफन कर दिया और उन्होंने बेटे के साथ यौन उत्पीड़न की संभावना से भी इंकार किया। हालांकि शुरूआती जांच में पता चल रहा है कि उसी ग्रुप के लोगों द्वारा दोनों बच्चों के साथ दुष्कर्म किया गया था।

इस मामले में बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) के तहत केस दर्ज किया गया है और जांच चल रही है। यहां तक कि पुलिस ने इन दोनों ही बच्चों के इलाको में रहने वाले और भी बच्चों से बातचीत की है।

इन सबके बाद कड़वी सच्चाई ये है कि बच्चे सुरक्षित नहीं है चाहे वो किसी भी लिंग के हों। इसलिए ना सिर्फ लड़कियों बल्कि लड़कों की सुरक्षा के बारे में भी सोचने की जरूरत है।

अगर आप ये सोच रहे हैं कि इसकी शुरूआत कैसे की जाए तो हम आपको कुछ बेहद आसान तरीके बता रहे हैं जो आप अपने बेटों को सिखा सकती हैं।

यौन उत्पीड़न के बारे में लड़कों को संवेदनशील बनाने के 5 नियम

आप अपने बच्चों से जितनी कम उम्र में हो सके यौन उत्पीड़न के बारे में बताएं। इस दौरान आप इन पांच नियमों से उन्हें जरूर अवगत कराएं।

  • अपने बेटों को सिखाएं कि उनका शरीर सिर्फ उनका है: आप उन्हें सिखाएं कि किसी को भी बिना उनकी अनुमति के उनके शरीर को छूने का हक नहीं है। चाहे वो परिवार का कोई सदस्य, सगे-संबंधी या दोस्त ही क्यों ना हों। अगर आपका बच्चा किसी के साथ सहज नहीं है तो उस शख्स के साथ ना छोड़ें। उन्हें सेक्सुएलिटी और शरीर के प्राइवेट पार्ट के बारे में समझाएं।
  • उन्हें अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाएं: बच्चों को अच्छे स्पर्श के बारे में समझाएं जब वो किसी के साथ सहज हैं तो अच्छा स्पर्श है और कोई उनके प्राइवेट पार्ट को छूने की कोशिश करे तो बुरा स्पर्श है।
  • अच्छे और बुरे सीक्रेट के बीच का अंतर समझाएं: उन्हें बताएं कि अगर कोई अजनबी या संबंधी उन्हें कोई बात सीक्रेट रखने को कह रहा है तो पहले पैरेंट्स से बात करें। हमेशा याद रखें कि गोपनीयता यौन अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार होता है।
  • उन्हें समझाएं कि बचाव और सुरक्षा बड़ों की जिम्मेदारी है: अपने बेटों को बताएं कि कैसे खुद का बचाव और सुरक्षा दोनों करना है लेकिन उनका ख्याल रखना बड़ों की जिम्मेदारी है। नोटिस करें कि अगर आपका बच्चा शरमा रहा है या अकेले रहता है तो ये यौन उत्पीड़न के लक्षण हैं।
  • अगर कोई ज्यादा क्लोज होने की कोशिश करे तो पैरेंट्स को बताए: अपने बच्चों को समझाएं कि कैसे लोगों पर विश्वास करें और कैसे लोगों पर नहीं। उन्हें बताए कि अजनबियों से दूर रहें या कोई अधिक क्लोज आने की कोशिश करे तो पैरेंट्स को जरूर बताएं।

इन साधारण चीजों को समझाकर आप अपने बच्चों को भी यौन उत्पीड़न की जानकारी दे सकते हैं और उन्हें समझ आएगा कि क्या सही है और क्या गलत।