मिसकैरेज के बाद दोबारा बेबी प्लान कब करना चाहिए जानिए

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गर्भपात के बाद पेशाब द्वारा संक्रमण का खतरा बना रहता है । चूंकि इस वक्त गर्भाशय ग्रीवा पूरी तरह बंद नहीं रहता इसलिए इंटरकोर्स से बचना चाहिए साथ ही बाथ टब के प्रयोग से भी बचें ।

मिसकैरेज या गर्भपात किसी भी महिला के लिए बेहद दुखदायी होता है । शारीरिक कष्ट के साथ ही ये हमें भावनात्मक चोट पहुंचाता है ।ज्यादातर कपल्स गर्भपात हो जाने पर फिर से बेबी प्लान करने में कई महीने लगाते हैं । ये इतना परेशान करने वाला अनुभव होता है कि आप दोबारा मिसकैरेज हो जाने के भय से आशंकित रहते हैं ।

सामान्यतया अबोर्शन के 6 माह बाद दोबारा कंसीव करने की सलाह दी जाती है लेकिन हालिया शोध के मुताबित गर्भपात के तीन महीने के बाद ही आप दोबारा प्रयास कर सकती हैं और सुरक्षित गर्भावस्था की पूरी संभावनाएं भी हैं । लेकिन अपनी मेडिकल कंडिशन को ध्यान में रखकर डॉक्टर की सलाह से आपको आगे बढ़ना चाहिए ।

miscarriage मिसकैरेज के बाद दोबारा बेबी प्लान कब करना चाहिए जानिए

शुरुआती 3 महीने में जब भ्रूण का सही तरह से विकास नहीं हो पाता तब स्वत: ही गर्भपात हो जाता है

आमतौर पर गर्भधारण करने वाली महिलाओं में प्रारंभिक अबोर्शन ही देखा जाता है जो कि प्रेगनेंसी के शुरुआती 12 सप्ताह में हो जाता है । इसके बाद गर्भपात होने की संभावना बहुत कम हो जाती है लेकिन दुर्भाग्यवश किसी ना किसी महिला को इसका कष्ट झेलना पड़ता है ।

आश्चर्य की बात तो ये है कि कई महिलाओं को खुशखबरी मिलने के पहले ही उनका गर्भपात हो जाता है मतलब उन्हें ये तक पता नहीं होता कि वो प्रेगनेंट हुई थीं।

मिसकैरेज के संभावित कारण क्या हैं

शुरुआती 3 महीने में जब भ्रूण का सही तरह से विकास नहीं हो पाता तब स्वत: ही गर्भपात हो जाता है । इसके अलावा अबॉर्शन के पीछे अन्य कई कारण हैं जिसमें से एक है आपकी जीवनशैली और दूसरा आपकी उम्र ।

किसी भी तरह के नशे की लत आपके गर्भधारण की क्षमता को प्रभावित करता है ।अगर आप 40 के पार हैं तो इस उम्र में गर्भपात का डर अधिक रहता है ।

मिसकैरेज के बाद इन बातों का रखें ध्यान

अबॉर्ट हो जाने के दौरान पीरियड में होने वाला दर्द होता है । खून का रिसाव होने के साथ ही थक्का जैसा निकलने लगता है। सामान्य रुप से 3-4 हफ्तों तक ब्लड डिस्चार्ज हो सकता है लेकिन किसी-किसी को हैवी ब्लीडिंग होती है। बार-बार पैड बदलने की जरुरत होने पर ड़क्टर से चेकअप करवाना चाहिए ।

गर्भपात के बाद पेशाब द्वारा संक्रमण का खतरा बना रहता है । चूंकि इस वक्त गर्भाशय ग्रीवा पूरी तरह बंद नहीं रहता इसलिए इंटरकोर्स से बचना चाहिए साथ ही बाथ टब के प्रयोग से भी बचें ।

आपको धैर्य रखनी चाहिए क्योंकि कुछ समय बाद ही सही पर आप एक स्वस्थ शिशु को जन्म ज़रुर देंगी ।