मम्मी गीता बसरा ने निकाली तरकीब..कैसे दूर रहकर भी हिनाया रहती हैं पापा के पास

हरभजन सिंह एक रियेलिटी टीवी शो जज कर रहे हैं। और इसके लिए उन्हें हिनाया से दूर रहना पड़ रहा है। लेकिन मम्मी गीता बसरा ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है।

लगभग 8 महीने पहले क्रिकेटर हरभजन सिंह और गीता बसरा एक क्यूट सी बेटी हिनाया के पैरेंट्स बने। बाकी पैरेंट्स की तरह ही तरह इन्होंने भी शुरूआती समय हिनाया के साथ बिताया ताकि वो हिनाया की केयर कर सकें, उन्हें समझ सकें।

अब हिनाया 8 महीने की हो चुकी हैं और जाहिर है उनके पैरेंट्स को भी अपने काम पर वापसी करनी है।

गीता बसरा ने फिलहाल घर में रहने का फैसला किया है तो हरभजन सिंह एक रियेलिटी टीवी शो जज कर रहे हैं। और इसके लिए उन्हें हिनाया से दूर रहना पड़ रहा है। लेकिन मम्मी गीता बसरा ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है।  

हिनाया करती है अपने पापा से बात!

किसी भी दूसरे कामकाजी पैरेंट्स की तरह हरभजन सिंह के भी शूट शेड्युल होते हैं जिस वजह से वो अपनी बेटी से दूर रहते हैं लेकिन इन्होंने बेहतरीन तरीका ढूंढ निकाला है।

हाल में दिए एक इंटरव्यू में हरभजन सिंह ने अपने पापा बनने का अनुभव शेयर किया कि कैसे पिता बनने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई है और वो फैमिली से कैसे जुड़े रहते हैं।

 

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अपनी बेटी हिनाया के बारे में बात करते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि “पिता बनना ये अब तक का सबसे बेहतरीन अनुभव है। क्रिकेट के शुरूआती दिनों में क्रिकेट मुझे ऐसी खुशी देता था और तब क्रिकेट ही मेरा सबकुछ था लेकिन अब मेरी बेटी हिनाया मेरी नई पैशन है। वो मेरी जानू और मेरा सबकुछ है।“

अपने बेटी से जुड़े रहने के लिए भज्जी पाजी ने बताया कि उन्होंने और गीता ने मिलकर इस समस्या समाधान निकाला है कि टेक्नोलॉजी ही उनकी समस्या का समाधान है।“

 

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उन्होंने बताया कि “शूट पर काफी कुछ हो रहा था, मैंने सोचा कि जबतक सभी प्रतिभागी अपना अपना टास्क सोचते हैं मैं भी देख लूं कि मेरी बेटी क्या कर रही है और ये करना सबसे अच्छी फीलिंग होती है।“ उन्होंने बताया कि वो अपनी आठ महीने की बेटी से बात करने के लिए फेसटाइम का इस्तेमाल करते हैं।

हरभजन सिंह ने ये भी बताया कि कैसे हिनाया के जन्म के बाद उनका अपनी पत्नी को लेकर नजरिया बदल गया है।

गीता बसरा की मुश्किलों भरी थी प्रेग्नेंसी

इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि वो और हाल में ही पापा बने रणविजय सिंह अपने अपने अनुभव एक दूसरे के साथ शेयर करते रहते हैं।

हरभजन सिंह ने बातचीत के दौरान शेयर किया कि “हम और रणविजय जो भी जानकारी होती है एक दूसरे के साथ शेयर करते रहते हैं। रणविजय भी मेरी तरह फैमिली पर्सन है और मेरी ही तरह उसे भी एक काम के सिलसिले में ट्रेवल करते रहना पड़ता है।बच्चों से दूर रहना काफी मुश्किल होता है।“ साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि उनके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल प्रेग्नेंसी के दौरान पत्नी गीता का देखभाल करना था।

हरभजन सिंह ने बताया कि “सिर्फ बेबी का नहीं बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान पत्नी का ख्याल रखना, मूड स्विंग को समझना आसान नहीं होता क्योंकि उनका भी फिर से जन्म होता है। मैंने देखा है कि मेरी पत्नी हिनाया के जन्म के दौरान किन मुश्किल दौर से गुजरी और किसी भी औरत का उस दौर से गुजरना एक अलग एहसास है।“

हालांकि इस कपल के लिए मुश्किलों भरा समय खत्म हो गया है और ऐसा लगता है कि इनकी भी कोशिश रहती है कि ये ज्यादा से ज्यादा समय अपने बेबी के साथ गुजार पाएं। हालांकि ये कोई नई बात नहीं है। शहर में रहने वाले कामकाजी पैरेंट्स तकनीक की मदद से अपने बच्चों से जुड़े रहते हैं। और मजेदार बात है कि आप कई तरीकों से अपने बच्चों से जुडे रह सकते हैं।

3 उपाय आप कैसे काम के दौरान अपने बच्चे से जुड़े रह सकते हैं

  • बच्चों से कॉल पर जुड़े रहें : जैसा कि हरभजन सिंह ने बताया कि ये सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप तकनीक के मदद से बच्चों से जुड़े रहें। वीडियो कॉल करें उनसे बात करें ताकि उन्हें लगे कि आप बिल्कुल पास में है।
  • अपने बच्चों के लिए मैसेज रिकॉर्ड करें : अगर आप सफर कर रहे हैं तो हो सकता है आपको काफी देर तक दूर रहना पड़े इसलिए मैसेज भेजें। बच्चो को आपका ये प्यारा अंदाज जरूर पसंद आएगा और उनके लिए ये बेहतरीन यादें होंगी।
  • शानदार वापसी : आप जब भी काम से वापस आए हमेशा बच्चों के लिए कुछ काम के तोहफे लेकर आएं। ये मायने नहीं रखता कि आप उनके लिए क्या लाए हैं बल्कि ये मायने रखता है कि आप उनकी पसंद और नापसंद को कितना वैल्यू देते हैं।

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Source: theindusparent